{"_id":"572642394f1c1b56035cd2a9","slug":"the-presentations-made-by-teaching-pupils-spellbound","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र- छात्राओं ने प्रस्तुतियों से किया मंत्रमुग्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्र- छात्राओं ने प्रस्तुतियों से किया मंत्रमुग्ध
अमर उजाला, इटावा
Updated Sun, 01 May 2016 11:21 PM IST
विज्ञापन
शिवाजी शिक्षा निकेतन इंटर कालेज में वार्षिकोत्सव में रविवार को बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रभावी प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों का अभिभावकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं ने स्वागत किया।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिवाजी शिक्षा निकेतन इंटर कालेज में वार्षिकोत्सव में रविवार को बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रभावी प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों का अभिभावकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं ने करतल ध्वनि के साथ स्वागत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों के स्वागत गीत के साथ प्रधानाचार्य बेनीराम पाल ने सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम अध्यक्ष इस्लामियां इंटर कालेज के प्रधानाचार्य मो. तारिक ने आज की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज नकल विशेष रूप से चलन में है। मगर ज्ञानस्थली ग्रुप के सभी विद्यालय शिक्षा जगत में अपना अलग स्थान रखते हैं।
विशिष्ट अतिथियों में चिकित्सक आरएस पाल और उनकी पत्नी श्रीमती डॉ. प्रियंका पाल ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को 1100 रुपये देकर उत्साहवर्द्धन किया। डायट प्राचार्य केके ओझा ने कहा कि केवल किताबी कीड़ा बनना बच्चों का उद्देश्य नहीं होना चाहिए, उन्हें पाठयक्रम सहगामी क्रियाओं में बराबर हिस्सा लेते रहना चाहिए।
विज्ञापन
विद्यालय प्रबंधक शिवप्रसाद यादव ने अभिभावकों से कहा कि बच्चों का पूरी तरह से ध्यान रखना चाहिए, उन्हें तब तक सहारे की आवश्यकता होती है, जब तक वे पूरी तरह से अपने पैरों पर न खड़े हो जाएं। हमारा विद्यालय अपनी शिक्षण पद्धति के अनुसार विद्यार्थियों के हित में कार्य करता रहेगा।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कत्थक नृत्य, छोटे- छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिका, राजस्थानी गीत, बृज गीत, लाउनी नृ़त्य, देश गीत और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ शीर्षक से प्रस्तुत की गई लघु नाटिका ने कुछ ऐसा असर किया कि प्रांगण में मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। बच्चों को पुरस्कार देने की होड़ लग गई।
कार्यक्रम आयोजन में संगीताचार्य राजकिशोर तिवारी, सुनील राजपूत, गौरव दुबे, डीडी सक्सेना, नितिन आनंद, कपिल यादव, जितेंद्र राजपूत, संदीप राठौर, मनमोहन श्रीवास्तव, संदीप पाल, संदीप द्विवेदी, अरुण तोमर, पूनम पोरवाल, पूनम यादव, श्रीमती सर्वेश पाल, श्रीमती स्वदेश आदि का योगदान रहा। संचालन कवि गौरव चौहान ने किया। विद्यालय प्रधानाचार्य बेनीराम पाल ने अतिथियों व आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों के स्वागत गीत के साथ प्रधानाचार्य बेनीराम पाल ने सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम अध्यक्ष इस्लामियां इंटर कालेज के प्रधानाचार्य मो. तारिक ने आज की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज नकल विशेष रूप से चलन में है। मगर ज्ञानस्थली ग्रुप के सभी विद्यालय शिक्षा जगत में अपना अलग स्थान रखते हैं।
विज्ञापन
विशिष्ट अतिथियों में चिकित्सक आरएस पाल और उनकी पत्नी श्रीमती डॉ. प्रियंका पाल ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को 1100 रुपये देकर उत्साहवर्द्धन किया। डायट प्राचार्य केके ओझा ने कहा कि केवल किताबी कीड़ा बनना बच्चों का उद्देश्य नहीं होना चाहिए, उन्हें पाठयक्रम सहगामी क्रियाओं में बराबर हिस्सा लेते रहना चाहिए।
विज्ञापन
विद्यालय प्रबंधक शिवप्रसाद यादव ने अभिभावकों से कहा कि बच्चों का पूरी तरह से ध्यान रखना चाहिए, उन्हें तब तक सहारे की आवश्यकता होती है, जब तक वे पूरी तरह से अपने पैरों पर न खड़े हो जाएं। हमारा विद्यालय अपनी शिक्षण पद्धति के अनुसार विद्यार्थियों के हित में कार्य करता रहेगा।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कत्थक नृत्य, छोटे- छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिका, राजस्थानी गीत, बृज गीत, लाउनी नृ़त्य, देश गीत और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ शीर्षक से प्रस्तुत की गई लघु नाटिका ने कुछ ऐसा असर किया कि प्रांगण में मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। बच्चों को पुरस्कार देने की होड़ लग गई।
कार्यक्रम आयोजन में संगीताचार्य राजकिशोर तिवारी, सुनील राजपूत, गौरव दुबे, डीडी सक्सेना, नितिन आनंद, कपिल यादव, जितेंद्र राजपूत, संदीप राठौर, मनमोहन श्रीवास्तव, संदीप पाल, संदीप द्विवेदी, अरुण तोमर, पूनम पोरवाल, पूनम यादव, श्रीमती सर्वेश पाल, श्रीमती स्वदेश आदि का योगदान रहा। संचालन कवि गौरव चौहान ने किया। विद्यालय प्रधानाचार्य बेनीराम पाल ने अतिथियों व आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।