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Etawah News: प्लेटलेट्स 45 हजार होने पर भी बच्ची को नहीं किया भर्ती, डॉक्टर बोले कल आना
Tue, 29 Sep 2026 01:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Tue, 29 Sep 2026 01:29 AM IST
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फोटो 30: जिला अस्पताल में बीमार बच्ची के पास खड़ी मां। स्रोत सोशल मीडिया
इटावा। जिला अस्पताल में 45 हजार प्लेटलेट्स पहुंचने के बाद भी बीमार बच्ची को भर्ती नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। बच्ची दो दिन से बुखार और उल्टी से परेशान थी। परिजन सोमवार को उसे लेकर जिला अस्पताल की ओपीडी पहुंचे, लेकिन आरोप है कि डॉक्टर ने जांच और दवा लिखकर अगले दिन आने को कह दिया। इससे बच्ची की मां उसे लेकर काफी देर तक अस्पताल में भटकती रही।
शिवानगर निवासी शिखा ने बताया कि उनकी बेटी रिया (11) को दो दिन से बुखार और उल्टी हो रही है। सोमवार को उसकी तबीयत अधिक खराब होने पर उन्होंने निजी लैब में जांच कराई। जांच रिपोर्ट में बच्ची की प्लेटलेट्स 45 हजार आईं। रिपोर्ट लेकर वह मोहल्ले के एक क्लीनिक पर डॉक्टर को दिखाने पहुंचीं। शिखा के अनुसार, डॉक्टर ने प्लेटलेट्स कम होने की बात कहते हुए बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराने की सलाह दी।
शिखा बेटी को लेकर दोपहर करीब डेढ़ बजे जिला अस्पताल की ओपीडी पहुंचीं। उनका आरोप है कि वहां बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शादाब आलम को जांच रिपोर्ट दिखाई। डॉक्टर ने देर से आने की बात कहते हुए कुछ जांच और दवाएं लिख दीं। शिखा के अनुसार, डॉक्टर ने उनसे कहा कि समय हो गया है अगले दिन आकर दिखाना। बीमार बेटी को लेकर शिखा अस्पताल में इधर-उधर भटकती रही।
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परिजन का आरोप है कि प्लेटलेट्स कम होने के बावजूद बच्ची को भर्ती कर इलाज नहीं किया गया। बाद में वह बच्ची को लेकर अस्पताल से चली गईं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला ने बताया कि उनके पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। जिला अस्पताल में पर्याप्त बेड है। अगर डॉक्टर ने गंभीर हालत में बच्ची को भर्ती नहीं किया है तो इस मामले में उनसे पूछताछ की जाएगी।
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शिवानगर निवासी शिखा ने बताया कि उनकी बेटी रिया (11) को दो दिन से बुखार और उल्टी हो रही है। सोमवार को उसकी तबीयत अधिक खराब होने पर उन्होंने निजी लैब में जांच कराई। जांच रिपोर्ट में बच्ची की प्लेटलेट्स 45 हजार आईं। रिपोर्ट लेकर वह मोहल्ले के एक क्लीनिक पर डॉक्टर को दिखाने पहुंचीं। शिखा के अनुसार, डॉक्टर ने प्लेटलेट्स कम होने की बात कहते हुए बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराने की सलाह दी।
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शिखा बेटी को लेकर दोपहर करीब डेढ़ बजे जिला अस्पताल की ओपीडी पहुंचीं। उनका आरोप है कि वहां बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शादाब आलम को जांच रिपोर्ट दिखाई। डॉक्टर ने देर से आने की बात कहते हुए कुछ जांच और दवाएं लिख दीं। शिखा के अनुसार, डॉक्टर ने उनसे कहा कि समय हो गया है अगले दिन आकर दिखाना। बीमार बेटी को लेकर शिखा अस्पताल में इधर-उधर भटकती रही।
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परिजन का आरोप है कि प्लेटलेट्स कम होने के बावजूद बच्ची को भर्ती कर इलाज नहीं किया गया। बाद में वह बच्ची को लेकर अस्पताल से चली गईं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला ने बताया कि उनके पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। जिला अस्पताल में पर्याप्त बेड है। अगर डॉक्टर ने गंभीर हालत में बच्ची को भर्ती नहीं किया है तो इस मामले में उनसे पूछताछ की जाएगी।