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पहले स्कूल होंगे चकाचक, फिर शुरू होगी पढ़ाई
Tue, 18 Jun 2019 12:22 AM IST
प्रतीक दुबे
इटावा, अमर उजाला ब्यूरो
इटावा, अमर उजाला ब्यूरो
Published by: प्रतीक दुबे
Updated Tue, 18 Jun 2019 12:22 AM IST
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पेयजल, साफ सफाई और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं इस बार स्कूलों में एक जुलाई से पहले ही पूरी करने होंगी। इसके लिए सरकारी, एडेड और वित्तविहीन माध्यमिक स्कूल 21 जून और परिषदीय स्कूल 25 जून से खुल जाएंगे। शिक्षक स्कूल जाकर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि बच्चों की कक्षाएं एक जुलाई से विधिवत शुरू हो जाएं।
शासन की ओर से ये आदेश बीएसए और डीआईओएस को जारी किए गए हैं। इस संबंध में डीआईओएस ने स्कूल के प्रधानाचार्यों को निर्देशित कर दिया है। डीआईओएस ने बताया कि शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पठन-पाठन कराने के निर्देश हैं। जिन दिनों स्कूल में पढ़ाई नहीं होती है, उन दिनों में अभिभावकों के साथ वर्ष में दो बैठकें करना होगा। इन बैठकों में प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, विधायक , सांसद और समाजसेवियों को भी बुलाया जाए। अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर ध्यान देना है।
स्कूल में वही वाहन लगाए जाएं जिनका फिटनेश और परमिट आरटीओ से पास हो। चालक और हेल्पर का पुलिस सत्यापन भी जरूरी है। विद्यालय में पूर्व छात्र परिषद का गठन भी जरूरी है। इस परिषद में शामिल पूर्व छात्रों को 15 अगस्त, 26 जनवरी या अन्य कार्यक्रम में बुलाकर सम्मानित भी किया जाना है। ये पूर्व छात्र आईएएस, पीसीएस, राजनेता, कारोबारी, नौकरीपेशा और समाजसेवी हो सकते हैं। ऐसे पूर्व छात्रों के सामने स्कूल की समस्याएं रखकर उनके आर्थिक मदद भी ली जा सकती है। डीआईओएस ने बताया कि स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज की जाएगी। बीएसए अजय कुमार सिंह ने बताया कि सभी बीईओ को 25 जून से शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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शासन की ओर से ये आदेश बीएसए और डीआईओएस को जारी किए गए हैं। इस संबंध में डीआईओएस ने स्कूल के प्रधानाचार्यों को निर्देशित कर दिया है। डीआईओएस ने बताया कि शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पठन-पाठन कराने के निर्देश हैं। जिन दिनों स्कूल में पढ़ाई नहीं होती है, उन दिनों में अभिभावकों के साथ वर्ष में दो बैठकें करना होगा। इन बैठकों में प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, विधायक , सांसद और समाजसेवियों को भी बुलाया जाए। अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर ध्यान देना है।
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स्कूल में वही वाहन लगाए जाएं जिनका फिटनेश और परमिट आरटीओ से पास हो। चालक और हेल्पर का पुलिस सत्यापन भी जरूरी है। विद्यालय में पूर्व छात्र परिषद का गठन भी जरूरी है। इस परिषद में शामिल पूर्व छात्रों को 15 अगस्त, 26 जनवरी या अन्य कार्यक्रम में बुलाकर सम्मानित भी किया जाना है। ये पूर्व छात्र आईएएस, पीसीएस, राजनेता, कारोबारी, नौकरीपेशा और समाजसेवी हो सकते हैं। ऐसे पूर्व छात्रों के सामने स्कूल की समस्याएं रखकर उनके आर्थिक मदद भी ली जा सकती है। डीआईओएस ने बताया कि स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज की जाएगी। बीएसए अजय कुमार सिंह ने बताया कि सभी बीईओ को 25 जून से शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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