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टूट गई उम्मीद: सफारी पार्क में नहीं बनेगा लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर
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इटावा। इटावा सफारी पार्क में लेपर्ड(तेंदुआ) रेस्क्यू सेंटर बनाए जाने की उम्मीद समाप्त हो गई है। सेंटर बनाए जाने का प्रस्ताव प्रबंधन ने शासन को भेजा था, जिसे शासन ने हरी झंडी नहीं दी। जबकि, पीलीभीत, चित्रकूट, मेरठ व सिद्धार्थ नगर में लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर बनाए की जाने की स्वीकृति शासन से मिल गई है।
इटावा सफारी पार्क में हिरण सफारी, भालू सफारी, एंटी लोप(हिरण की प्रजाति), लेपर्ड सफारी है। यहां लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर खोले जाने का प्रस्ताव दो साल पहले तत्कालीन निदेशक वीके सिंह ने शासन को भेजा था। तब से उम्मीद लगाई जा रही थी कि इटावा सफारी पार्क में लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर बना दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शासन ने प्रदेश में लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर बनाए जाने की जिन केंद्रों की सूची जारी की है, उसमें इटावा नाम शामिल नहीं है। माना जा रहा है कि अगर प्रभावी तरीके से शासन स्तर पर यहां लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर बनाए जाने की वकालत की गई होती तो मंजूरी जरूर मिलती। यहां पर रेस्क्यू सेंटर के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो अन्य स्थानों पर नहीं हैं।
इटावा। सफारी पार्क में लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर बनाए जाने के लिए जो प्रोजेक्ट तैयार किया गया था, उसकी लागत 4.95 करोड़ थी। प्रस्ताव के साथ नक्शा भी भेज दिया गया था। अब जिन स्थानों पर यह सेंटर बन रहे हैं, वह इटावा के प्रोजेक्ट के आधार पर ही बनाए जा रहे हैं
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लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर के लिए अस्पताल और डॉक्टरों की जरूरत होती है। इसकी व्यवस्था इटावा सफारी पार्क में पहले से ही है। यहां सफारी पार्क में 24 करोड की लागत से वन्यजीवों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अस्पताल बना हुआ है। इसमें डॉक्टर भी तैनात हैं। इस अस्पताल में एक साथ 10 लेपर्ड रखे जा सकते हैं।
इटावा सफारी पार्क में कई स्थानों से रेस्क्यू करके लेपर्ड को लाया गया है। इन्हें उपचार के बाद पूरी तरह से ठीक किया गया। अब वह सफारी में उछल कूद कर रहे हैं। बहराइच में कई लोगों को घायल कर देने वाले लेपर्ड को भी रेस्क्यू करके इटावा सफारी पार्क लाया गया था।
शासन ने प्रदेश के चार जिलों में लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर बनाने का फैसला लिया है, उन जिलों में इटावा शामिल नहीं है। इटावा के आसपास के क्षेत्र में ज्यादा लेपर्ड न होने की वजह के यहां यह सेंटर नहीं बनाया गया है।
- केके सिंह, निदेशक इटावा सफारी पार्क
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इटावा सफारी पार्क में हिरण सफारी, भालू सफारी, एंटी लोप(हिरण की प्रजाति), लेपर्ड सफारी है। यहां लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर खोले जाने का प्रस्ताव दो साल पहले तत्कालीन निदेशक वीके सिंह ने शासन को भेजा था। तब से उम्मीद लगाई जा रही थी कि इटावा सफारी पार्क में लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर बना दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शासन ने प्रदेश में लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर बनाए जाने की जिन केंद्रों की सूची जारी की है, उसमें इटावा नाम शामिल नहीं है। माना जा रहा है कि अगर प्रभावी तरीके से शासन स्तर पर यहां लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर बनाए जाने की वकालत की गई होती तो मंजूरी जरूर मिलती। यहां पर रेस्क्यू सेंटर के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो अन्य स्थानों पर नहीं हैं।
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इटावा। सफारी पार्क में लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर बनाए जाने के लिए जो प्रोजेक्ट तैयार किया गया था, उसकी लागत 4.95 करोड़ थी। प्रस्ताव के साथ नक्शा भी भेज दिया गया था। अब जिन स्थानों पर यह सेंटर बन रहे हैं, वह इटावा के प्रोजेक्ट के आधार पर ही बनाए जा रहे हैं
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लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर के लिए अस्पताल और डॉक्टरों की जरूरत होती है। इसकी व्यवस्था इटावा सफारी पार्क में पहले से ही है। यहां सफारी पार्क में 24 करोड की लागत से वन्यजीवों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अस्पताल बना हुआ है। इसमें डॉक्टर भी तैनात हैं। इस अस्पताल में एक साथ 10 लेपर्ड रखे जा सकते हैं।
इटावा सफारी पार्क में कई स्थानों से रेस्क्यू करके लेपर्ड को लाया गया है। इन्हें उपचार के बाद पूरी तरह से ठीक किया गया। अब वह सफारी में उछल कूद कर रहे हैं। बहराइच में कई लोगों को घायल कर देने वाले लेपर्ड को भी रेस्क्यू करके इटावा सफारी पार्क लाया गया था।
शासन ने प्रदेश के चार जिलों में लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर बनाने का फैसला लिया है, उन जिलों में इटावा शामिल नहीं है। इटावा के आसपास के क्षेत्र में ज्यादा लेपर्ड न होने की वजह के यहां यह सेंटर नहीं बनाया गया है।
- केके सिंह, निदेशक इटावा सफारी पार्क