{"_id":"5f0c47da8ebc3e635a082d75","slug":"teachers-did-not-send-educational-documents-etawha-news-knp5708612144","type":"story","status":"publish","title_hn":"माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने नहीं भेजे अपने शैक्षिक दस्तावेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने नहीं भेजे अपने शैक्षिक दस्तावेज
विज्ञापन
राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज की जांच होनी है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा ने सभी प्रधानाचार्यों को कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज प्रत्येक दशा में 10 जुलाई तक कार्यालय में उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे।
10 जुलाई तक एक भी शिक्षक ने अपने प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए हैं। शासन के आदेश पर डीएम जेबी सिंह ने शैक्षिक दस्तावेजों की जांच के लिए समिति का गठन भी कर दिया है। शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज उपलब्ध न कराए जाने को लेकर अब विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।
डीआईओए ने तीन दिन में हर हाल में यह कागजात भेजे जाने के लिए कहा है। प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में एसआईटी जांच के बाद बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षक पकड़े गए हैं।
विज्ञापन
इसके बाद शासन ने माध्यमिक विद्यालयों में भी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन के आदेश दिए हैं। इसी आदेश के तहत जिले में 21 सरकारी और 54 सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों कें शैक्षिक दस्तावेजों की जांच हो रही है।
डीआईओएस राजू राणा ने सभी विद्यालयोें से अपने यहां कार्यरत शिक्षकों के दस्तावेज डीआईओएस कार्यालय में भेजे जाने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद भी सिर्फ नाममात्र के विद्यालयों ने ही अपने शिक्षकों के कागजात भेजे है।
जिले के विद्यालयों में एलटी ग्रेड में 395 तथा प्रवक्ता के पद 208 शिक्षक कार्यरत हैं। इन सभी के शैक्षिक अभिलेखों की जांच होगी। डीआईओएस राजू राणा ने कहा है कि सभी विद्यालय तीन दिन के अंदर यह कागजात कार्यालय में जमा करा दें। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
10 जुलाई तक एक भी शिक्षक ने अपने प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए हैं। शासन के आदेश पर डीएम जेबी सिंह ने शैक्षिक दस्तावेजों की जांच के लिए समिति का गठन भी कर दिया है। शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज उपलब्ध न कराए जाने को लेकर अब विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।
विज्ञापन
डीआईओए ने तीन दिन में हर हाल में यह कागजात भेजे जाने के लिए कहा है। प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में एसआईटी जांच के बाद बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षक पकड़े गए हैं।
विज्ञापन
इसके बाद शासन ने माध्यमिक विद्यालयों में भी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन के आदेश दिए हैं। इसी आदेश के तहत जिले में 21 सरकारी और 54 सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों कें शैक्षिक दस्तावेजों की जांच हो रही है।
डीआईओएस राजू राणा ने सभी विद्यालयोें से अपने यहां कार्यरत शिक्षकों के दस्तावेज डीआईओएस कार्यालय में भेजे जाने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद भी सिर्फ नाममात्र के विद्यालयों ने ही अपने शिक्षकों के कागजात भेजे है।
जिले के विद्यालयों में एलटी ग्रेड में 395 तथा प्रवक्ता के पद 208 शिक्षक कार्यरत हैं। इन सभी के शैक्षिक अभिलेखों की जांच होगी। डीआईओएस राजू राणा ने कहा है कि सभी विद्यालय तीन दिन के अंदर यह कागजात कार्यालय में जमा करा दें। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।