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टीबी हारेगा,देश जीतेगा अभियान शुरु, कोरोना की होगी जांच

Sat, 26 Dec 2020 10:11 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2020 10:11 PM IST
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TB will lose, country will win campaign
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन के तहत ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ कार्यक्रम 26 दिसंबर से शुरू हो गया है। 25 जनवरी तक तीन चरणों में एक्टिव केस फाइंडिग अभियान (एसीएफ) चलाया जाएगा। एक महीने तक चलने वाले अभियान में कोविड और टीबी स्क्रीनिंग, एचआइवी एवं डायबिटीज और निजी चिकित्सकों को टीबी संबंधित जानकारी दी जाएगी।
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यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनएस तोमर ने दी। बताया कि पहले चरण में 26 दिसंबर से एक जनवरी तक अनाथालय, वृद्धाश्रम, जिला कारागार, बाल संरक्षण गृह, नारी निकेतन, शेल्टर होम, मदरसा, नवोदय विद्यालय में टीमें जाकर क्षय रोगियों की खोज करेंगी।
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दूसरे चरण में दो से 12 जनवरी तक शहरी और ग्रामीण मलिन बस्तियों में क्षय रोग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर बलगम की जांच करेंगीं। एचआईवी व डायबिटीज से पीड़ित मरीजों की विशेष रूप से जांच होगी।
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तीसरे चरण में 13 से 25 जनवरी तक जनपद के निजी अस्पतालों में क्षय रोग की टीमें जाकर चिकित्सकों से संपर्क कर क्षय रोगियों का डाटा लेंगी। रोगियों की कोविड जांच भी होगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वीएल संजय व प्रभारी जिला कार्यक्रम समन्वयक योगेंद्र सिंह ने बताया अभियान का मुख्य लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक क्षय रोग की उपलब्ध सुविधाओं को आम जनमानस तक पहुंचाना है।
यदि किसी व्यक्ति को दो हफ्तों से ज्यादा की खांसी, खांसते समय खून का आना, सीने में दर्द, बुखार, वजन का कम होने की शिकायत हो तो वह तत्काल अपने बलगम की जांच कराए।
तीन सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार जो खासतौर पर शाम को बढ़ता है। छाती में दर्द, वजन का घटना, भूख में कमी, बलगम के साथ खून आना, फेफड़ों का इन्फेक्शन बहुत ज्यादा होना, सांस लेने में दिक्कत इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं।
टीबी के निदान के लिए यह जरूरी है कि जीवाणु का पता लगाने के लिए लगातार तीन दिन तक कफ की जांच करवाई जाए। क्षय रोगी को कम से कम छह महीने तक दवा लगातार लेनी चाहिए। कभी-कभी दवा को एक साल तक भी लेनी पड़ सकती है। यह आवश्यक है कि केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लेना बंद किया जाए।

वे रोगी, जो पूरी इलाज नहीं करवाते अथवा दवा अनियमित लेते हैं, उनके लिए रोग लाइलाज हो सकता है और यह जानलेवा भी हो सकता है। क्षय रोगी को बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, तंबाकु, शराब अथवा किसी भी नशीली वस्तु से परहेज करना चाहिए।
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