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तालाब की 160 बीघा भूमि के पट्टे खारिज
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इटावा। चकबंदी अधिकारी भरथना ने तालाब की भूमि पर करीब 45 साल पहले किए गए पट्टों को खारिज कर दिया है। तालाब की कुल 160 बीघा जमीन पर साल 1975-76 में राजस्व विभाग की मिलीभगत से पट्टे किए गए थे। करीब दस साल पहले हुई चकबंदी के दौरान यह मामला उजागार हुआ। परत दर परत खुलने पर चकबंदी अधिकारी अवधेश गुप्ता ने 1 दिसंबर को पट्टो खारिज करने का आदेश जारी कर दिया। अब 160 बीघा जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा।
भरथना तहसील के ग्राम कुर्रा में खाता संख्या 367 रकवा लगभग 160 बीघा तालाब के नाम दर्ज है। वर्ष 1975-76 में इस भूमि पर 45 पट्टे किए गए थे। राजस्व अभिलेखों में इन पट्टेदारों के नाम भी दर्ज कर दिए गए। इस गांव में दस साल पहले चकबंदी प्रक्रिया शुुरू हुई। राजस्व अभिलेखों का चकबंदी विभाग ने मिलान शुरू किया तो यह भूमि पूर्व में तालाब के नाम दर्ज पाई गई।
चकबंदी अधिकारी अवधेश गुप्ता ने खाता संख्या 367 पर दर्ज किए गए 45 पट्टेदारों के नाम खारिज कर दिए। भूमि को राजस्व अभिलेखों में तालाब के नाम अंकित करने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि इस भूमि पर पट्टेदारों को बेदखल करने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। तालाब की जमीन से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। अभी पट्टाधारकों को चेतावनी दी गई है। 9 दिसंबर को वे पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ गांव जाकर कार्रवाई कराएंगे।
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इटावा। कुर्रा गांव में 160 बीघा जमीन पर 45 पट्टेदारों के नाम दर्ज कैसे कर दिए गए। इस सवाल का जवाब अभी नहीं मिल सका है। चकबंदी अधिकारी का कहना है कि उन्होंने सारी पत्रावलियों की जांच करा ली है। कहीं कोई पट्टा स्वीकृत करने संबंधी पत्रावली नहीं मिली है। अब खतौनी में यह नाम कैसे और किसने दर्ज किए। इस विषय की जांच अलग से की जाएगी। बता दें कि यहां पर कच्चे व पक्के निर्माण भी हो चुके हैं। जिनमें करीब 200 लोग रहते हैं।
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भरथना तहसील के ग्राम कुर्रा में खाता संख्या 367 रकवा लगभग 160 बीघा तालाब के नाम दर्ज है। वर्ष 1975-76 में इस भूमि पर 45 पट्टे किए गए थे। राजस्व अभिलेखों में इन पट्टेदारों के नाम भी दर्ज कर दिए गए। इस गांव में दस साल पहले चकबंदी प्रक्रिया शुुरू हुई। राजस्व अभिलेखों का चकबंदी विभाग ने मिलान शुरू किया तो यह भूमि पूर्व में तालाब के नाम दर्ज पाई गई।
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चकबंदी अधिकारी अवधेश गुप्ता ने खाता संख्या 367 पर दर्ज किए गए 45 पट्टेदारों के नाम खारिज कर दिए। भूमि को राजस्व अभिलेखों में तालाब के नाम अंकित करने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि इस भूमि पर पट्टेदारों को बेदखल करने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। तालाब की जमीन से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। अभी पट्टाधारकों को चेतावनी दी गई है। 9 दिसंबर को वे पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ गांव जाकर कार्रवाई कराएंगे।
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इटावा। कुर्रा गांव में 160 बीघा जमीन पर 45 पट्टेदारों के नाम दर्ज कैसे कर दिए गए। इस सवाल का जवाब अभी नहीं मिल सका है। चकबंदी अधिकारी का कहना है कि उन्होंने सारी पत्रावलियों की जांच करा ली है। कहीं कोई पट्टा स्वीकृत करने संबंधी पत्रावली नहीं मिली है। अब खतौनी में यह नाम कैसे और किसने दर्ज किए। इस विषय की जांच अलग से की जाएगी। बता दें कि यहां पर कच्चे व पक्के निर्माण भी हो चुके हैं। जिनमें करीब 200 लोग रहते हैं।