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पूर्णिमा पर पचनद में लगाई डुबकी
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चकरनगर। कार्तिक पूर्णिमा पर पचनद संगम में सैकड़ों लोगों ने डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की। इटावा, औरैया, जालौन तीन जिलों की सीमाओं के मध्य स्थित यमुना, चंबल, क्वारी, सिंध और पहुंज नदियों के विश्व में इकलौते संगम पर प्रातकाल ब्रह्म मुहूर्त शुरू होते ही पूजा अर्चना और स्नान का दौर शुरू हुआ।
द्वापर और महाभारत काल से विख्यात आस्था का जुड़ाव होने से संगम में डुबकी लगाने के लिए साधु-संतों के अलावा सुदूर शहरों से श्रद्धालु संगम पर बड़ी संख्या में पहुंचे।
संगम के किनारे चारों ओर सपरिवार लोग डुबकी लगाई। चारों ओर श्रद्धालु अपने अंदाज में पूजा-अर्चना में व्यस्त दिखे। मेले में लगी दुकानों पर खरीदारी न के बराबर पहुंचे। मेले में केवल प्रसाद, फूल माला पत्तियां की बिक्री देखी गई।
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संगम के दूसरी तरफ बकरियों का बाजार में लोग गन्ना मूंगफली की बिक्री के साथ-साथ खरीद-फरोख्त की। मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में संगम पर डुबकी लगाने से पापों से मुक्त के साथ अकाल मौत नहीं होती है।
संगम में वैदिक काल में करम्य की अकाल मृत्यु पर रम्य की तपस्या से ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल का जल डाला था। इसके प्रभाव से स्नान ध्यान करने वाले लोगों की अकाल मृत्यु नहीं होती है, ऐसी मान्यता है।
आस्था के संगम में आस्थावानों ने साधु-संतों को भोजन करा दान दिया। कार्तिक पूर्णिमा के दिन कुंवारी कन्याओं ने दीप दान कर पूजा संग भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
इटावा के भाजपा सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया पचनद संगम पहुंचे और पूजा अर्चना के बाद कहा कि पांच नदियों का संगम दुनिया में इकलौता स्थान, इसके विकास के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा, जिससे पर्यटन का दर्जा मिल सके।
कहा कि संगम क्षेत्र में कार्तिक पूर्णिमा पर अन्य धार्मिक स्थलों की तरह हेलीकॉप्टर के द्वारा भक्तजनों पर फूल बरसे यह हमारा प्रयास होगा। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक सावित्री कठेरिया समेत अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।
संगम पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसडीएम चकरनगर देवेंद्र कुमार पांडे और सीओ राकेश वशिष्ठ मौजूद रहे। साथ ही चकरनगर इंस्पेक्टर सुनील कुमार, भरेह इंस्पेक्टर हरि गोविंद वर्मा, सहसों थानाध्यक्ष तेज सिंह, बिठौली थानाध्यक्ष सुरेश चंद आदि ने बैरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं को देर शाम तक स्नान ध्यान व्यवस्थित तरीके से करवाया।
पचनद कुंभ को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाना होगा
चकरनगर। पचनद कुंभ को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने के लिए चंबल फाउंडेशन के पदाधिकारी हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता समेटे सिंध, पहुंज, क्वारी, चंबल और यमुना नदियों के संगम की विशाल जलराशि की प्राकृतिक सुंदरता निराली है।
चंबल परिवार विश्व से परिचित कराने को पंचनद कुंभ नाम से दस्तावेजी फिल्म भी बना रहा हैं। फाउंडेशन से जुड़े डॉ. कमल कुशवाहा और मास्टर विनोद सिंह ने बताया कि सैकड़ों वर्ष पुराने पचनद कुंभ और पचनद मेले को राष्ट्रीय दर्जा दिलाने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।
अगर सरकारों ने जल्द मांग पर गौर किया तो क्षेत्र की सूरत बदल जाएगी।
पूर्णिमा मेले में हुई खेल खिलौनों की बिक्री
लवेदी। ग्राम चंद्रपुरा निहाल सिंह, लखना पुराना नहर पुल और महासिंघपुर नहर पुल पर कार्तिक पूर्णिमा पर मेलों का आयोजन किया गया। जमकर जलेबी, सिंघाड़े, बच्चों के खिलौनों की बिक्री हुई।
पूर्णिमा पर्व पर लोगों ने जहां अपने घरों पर स्नान किया, वहीं महिलाओं ने तुलसी पूजा की। चंद्रपुरा निहाल सिंह में नहर में पानी न होने से दुकानों को लगाया गया।
इसके अलावा लखना कस्बा में पुराना नहर पुल पर भी दुकानदारों ने दुकानों को लगाया जहां पर मिट्टी के बर्तनों व खेल खिलौने, जलेबी, समोसा, सिघांडे की बिक्री की गई।
महासिंहपुर नहर पुल पर भी मेले का आयोजन किया गया, जहां पर धर्मशाला, नंदपुरा, नगला बल्जू, बल्लमपुरा, रमऊपर, परसौली, इकनौर, बराउख, दिलीपनगर, मडै़या, पठा के लोग पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक बकेवर विद्यासागर सिंह और बराउख चौकी प्रभारी मंगल सिंह फोर्स के साथ मौजूद थे।
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द्वापर और महाभारत काल से विख्यात आस्था का जुड़ाव होने से संगम में डुबकी लगाने के लिए साधु-संतों के अलावा सुदूर शहरों से श्रद्धालु संगम पर बड़ी संख्या में पहुंचे।
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संगम के किनारे चारों ओर सपरिवार लोग डुबकी लगाई। चारों ओर श्रद्धालु अपने अंदाज में पूजा-अर्चना में व्यस्त दिखे। मेले में लगी दुकानों पर खरीदारी न के बराबर पहुंचे। मेले में केवल प्रसाद, फूल माला पत्तियां की बिक्री देखी गई।
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संगम के दूसरी तरफ बकरियों का बाजार में लोग गन्ना मूंगफली की बिक्री के साथ-साथ खरीद-फरोख्त की। मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में संगम पर डुबकी लगाने से पापों से मुक्त के साथ अकाल मौत नहीं होती है।
संगम में वैदिक काल में करम्य की अकाल मृत्यु पर रम्य की तपस्या से ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल का जल डाला था। इसके प्रभाव से स्नान ध्यान करने वाले लोगों की अकाल मृत्यु नहीं होती है, ऐसी मान्यता है।
आस्था के संगम में आस्थावानों ने साधु-संतों को भोजन करा दान दिया। कार्तिक पूर्णिमा के दिन कुंवारी कन्याओं ने दीप दान कर पूजा संग भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
इटावा के भाजपा सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया पचनद संगम पहुंचे और पूजा अर्चना के बाद कहा कि पांच नदियों का संगम दुनिया में इकलौता स्थान, इसके विकास के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा, जिससे पर्यटन का दर्जा मिल सके।
कहा कि संगम क्षेत्र में कार्तिक पूर्णिमा पर अन्य धार्मिक स्थलों की तरह हेलीकॉप्टर के द्वारा भक्तजनों पर फूल बरसे यह हमारा प्रयास होगा। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक सावित्री कठेरिया समेत अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।
संगम पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसडीएम चकरनगर देवेंद्र कुमार पांडे और सीओ राकेश वशिष्ठ मौजूद रहे। साथ ही चकरनगर इंस्पेक्टर सुनील कुमार, भरेह इंस्पेक्टर हरि गोविंद वर्मा, सहसों थानाध्यक्ष तेज सिंह, बिठौली थानाध्यक्ष सुरेश चंद आदि ने बैरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं को देर शाम तक स्नान ध्यान व्यवस्थित तरीके से करवाया।
पचनद कुंभ को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाना होगा
चकरनगर। पचनद कुंभ को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने के लिए चंबल फाउंडेशन के पदाधिकारी हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता समेटे सिंध, पहुंज, क्वारी, चंबल और यमुना नदियों के संगम की विशाल जलराशि की प्राकृतिक सुंदरता निराली है।
चंबल परिवार विश्व से परिचित कराने को पंचनद कुंभ नाम से दस्तावेजी फिल्म भी बना रहा हैं। फाउंडेशन से जुड़े डॉ. कमल कुशवाहा और मास्टर विनोद सिंह ने बताया कि सैकड़ों वर्ष पुराने पचनद कुंभ और पचनद मेले को राष्ट्रीय दर्जा दिलाने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।
अगर सरकारों ने जल्द मांग पर गौर किया तो क्षेत्र की सूरत बदल जाएगी।
पूर्णिमा मेले में हुई खेल खिलौनों की बिक्री
लवेदी। ग्राम चंद्रपुरा निहाल सिंह, लखना पुराना नहर पुल और महासिंघपुर नहर पुल पर कार्तिक पूर्णिमा पर मेलों का आयोजन किया गया। जमकर जलेबी, सिंघाड़े, बच्चों के खिलौनों की बिक्री हुई।
पूर्णिमा पर्व पर लोगों ने जहां अपने घरों पर स्नान किया, वहीं महिलाओं ने तुलसी पूजा की। चंद्रपुरा निहाल सिंह में नहर में पानी न होने से दुकानों को लगाया गया।
इसके अलावा लखना कस्बा में पुराना नहर पुल पर भी दुकानदारों ने दुकानों को लगाया जहां पर मिट्टी के बर्तनों व खेल खिलौने, जलेबी, समोसा, सिघांडे की बिक्री की गई।
महासिंहपुर नहर पुल पर भी मेले का आयोजन किया गया, जहां पर धर्मशाला, नंदपुरा, नगला बल्जू, बल्लमपुरा, रमऊपर, परसौली, इकनौर, बराउख, दिलीपनगर, मडै़या, पठा के लोग पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक बकेवर विद्यासागर सिंह और बराउख चौकी प्रभारी मंगल सिंह फोर्स के साथ मौजूद थे।