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जलभराव से मजबूर, स्कूल से दूर
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sun, 24 Jul 2016 11:34 PM IST
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ताखा विकास खंड की ग्राम पंचायत बनी हरदू में चारों ओर पानी से घिरा प्राइमरी स्कूल।
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे निर्माण ने ताखा विकास खंड की ग्राम पंचायत बनी हरदू के लोगों की नींद उड़ा दी है। निर्माण के दौरान जल निकासी की व्यवस्था बंद होने से यहां जलभराव की समस्या बरकरार है। इसके कारण हरदू और चमरौआ के बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं किसानों की धान की फसल बर्बाद हो गई है।
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हरदू ग्राम पंचायत के प्रधान पति सुरेंद्र यादव के नेतृत्व में 7 जून को किसानों ने एक्सप्रेस वे का काम रोककर जल निकासी की मांग की थी। उस समय अधिकारियों ने किसानों को धान की फसल का मुआवजा देने और जलनिकासी की तुरंत व्यवस्था करने की बात कहकर मामला टाल दिया था। लेकिन किया कुछ नहीं। हाल में हुई बारिश से चमरौआ टोडरपुरा नगरिया का पानी निचले गांव बनी हरदू के सबसे बडे़ तालाब में जमा होने लगा।
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तालाब का पानी पुराह नदी में जाता है लेकिन एक्सप्रेस वे के निर्माण के दौरान सर्विस रोड बनाते समय पानी के निकास को बंद कर दिया गया। जिससे बनी हरदू के तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर गांव के खेतों में पहुंच गया। अब तेज धूप पड़ने से आसपास के गांवों में संक्रामक रोग फैलने की आशंका है। चमरौआ, टोडरपुरा, बनी हरदू, नगरिया चार गांव का संपर्क टूट गया है। बनी हरदू और चमरौआ के विद्यालयों में बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
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पुल नंबर 118 पर एक्सप्रेस-वे कर्मियों ने पानी निकासी की व्यवस्था के नाम पर खंदी काट दी है। ऐसे में बच्चों को स्कूल जाने के लिए दो से तीन फीट पानी के तेज बहाव में खंदी को पार करना पड़ेगा। वहीं किसान बलवीर सिंह यादव, अहिबरन सिह, वीरेंद्र सिंह, रामप्रकाश, रामबरन, रामऔतार, हाकिम सिंह, सुरेश, नरेश बैजनाथ जिलेदार सहित कई किसानों के खेत जलमग्न हो गए हैं। खेतों में खड़ी धान की पौध भी नष्ट हो गई है।