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आंधी-पानी ने किसानों की बढ़ाईं मुश्किलें
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Sun, 12 Apr 2015 11:28 PM IST
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बेमौसम बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा। किसानों की रही-सही फसल भी नष्ट हो रही है। रविवार को शाम के वक्त अचानक मौसम में परिवर्तन हुआ और नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में करीब आधा घंटे तक तेज हवा के साथ पानी बरसा।
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इस आंधी-पानी से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। वहीं आम को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश की मार से बर्बाद हो चुके किसानों को अभी राहत मिलती नहीं दिख रही। खेतों में ज्यादातर गेहूं की फसल नष्ट हो चुकी है। जो अभी खड़ी है, उस पर भी बारिश कहर टूट रहा है। रविवार को अपराह्न करीब तीन बजे से मौसम में बदलाव शुरू हुआ।
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तेज चटक धूप की जगह आसमान में बादल छा गए। शाम करीब साढ़े चार बजे से तेज हवा के साथ पानी बरसने लगा। शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी करीब आधा घंटे तक आंधी-पानी का जोर रहा। इकदिल, मानिकपुर बिसू, मनियामऊं समेत भरथना क्षेत्र में बेमौसम बारिश हुई। इस बरसात ने किसानों की रही-सही आस को भी खत्म करने का काम किया।
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बारिश होने पर चिंतित किसानों ने अपने खेतों का रुख किया। भरथना क्षेत्र में गेहूं की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। उधर शहर में इस बेमौसम बारिश से कई गलियों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। पुरबियाटोला मार्ग स्थित एक गली में नाली अवरुद्ध होने से पानी का जमाव हो गया और लोगों को आने जाने में असुविधा का सामना करना पड़ा।
आंधी में उड़ी टीन, किशोरी घायल
रविवार की शाम आई तेज आंधी में छत पर रखी टीन उड़कर बृजनंदन की 11 वर्षीय पुत्री मोहनी के ऊपर जा गिरी, जिससे वह घायल हो गई। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुल्तानपुरा गांव में हुई। किशोरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सदमे से किसान की खेत पर मौत
उदी (इटावा)। बढ़पुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव नगला भवानीदास में बारिश व ओलावृष्टि से हुई फसल की बर्बादी का सदमा किसान बर्दाश्त नहीं कर सका। खराब फसल देख किसान के सीने में तेज दर्द उठा और वह खेत में ही गिर पड़ा। परिजन उसे अस्पताल के लिए लेकर दौड़े, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
गांव नगला भवानीदास निवासी किसान महेशचंद्र (48) पुत्र हरमुखलाल ने अपने छह बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि व बरसात से उसकी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई थी। रविवार की सुबह वह अपने खेतों पर गया और बर्बाद फसल की कटाई करने लगा। इसी बीच उसके सीने में दर्द उठा और वह वहीं गिर पड़ा।
खेतों पर साथ गए परिजन उसे अस्पताल लेकन दौड़े, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक के पुत्र मुकुट सिंह ने बताया कि उसके खेतों की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई थी।
रविवार को जब कटाई के लिए गए तो फसल में अनाज तो दूर भूसा भी सही तरीके से निकलने की गुंजाइश नहीं रही थी। इसका सदमा उसके पिता बर्दाश्त नहीं कर सके और उनकी मौत हो गई। ब्यूरो