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स्टाक में कम मिलीं 80 बोरियां
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इटावा/सैफई। डीएपी की किल्लत बरकरार है। किसान कहीं हंगामा कर रहे, तो कहीं सहकारी समिति पर ताला पड़ा है। डीएपी को लेकर एक अनार सौ बीमार वाली कहावत अभी तक बनी हुई है।
सैफई क्षेत्र के कुम्हावर के सहकारी समिति में खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए किसानों ने हंगामा काटा। वहीं जांच को पहुंचे नायब तहसीलदार ने स्टाक में 80 बोरियां कम पायीं। सचिव से इसका जवाब मांगा गया है।
सैफई के किसान सेवा सहकारी समिति कुम्हावर में बृहस्पतिवार को सुबह कर्मचारियों पर खाद ब्लैक करने का आरोप लगाकर किसानों ने हंगामा कर दिया। किसानों का आरोप है कि रात के समय खाद की बोरी आई थी।
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सुबह जैसे ही किसान गोदाम की तरफ गए, वहां पर खाद की बोरी न के बराबर थी। मामला बढ़ता देख ग्रामीणों ने एसडीएम सैफई ज्योत्सना बंधु से फोन पर शिकायत की। जिस पर तत्काल प्रभाव से नायब तहसीलदार सूर्य प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे।
सचिव ने रिकॉर्ड सही नहीं दिखाया। किसान सुबह से ही समिति पर कतार लगाकर बैठ जाते हैं। देर शाम तक खाद नहीं मिलने पर वह खाली हाथ लौट जाते हैं। बृहस्पतिवार को सैकड़ों की संख्या में किसान खाद के इंतजार में दोपहर बाद तक बैठे रहे।
किसानों ने आरोप लगाया कि सहकारी समिति के सचिव मनमर्जी के हिसाब से जब चाहे तब खाद की बोरी देते हैं, लेकिन किसानों को लौटा देते हैं। पूर्व प्रधान ध्रुव सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि शाम के समय लगभग 280 बोरी सहकारी समिति पर आई थी।
सुबह तक मात्र 100 बोरी रह गई। इसी प्रकार आशा देवी, उदयवीर, कन्हैयालाल, सुखबीर सिंह, विजय सिंह, मुकुट सिंह, मुकेश विवेक समेत लगभग 50 से अधिक किसानों ने कालाबाजारी करने का आरोप लगाया। पुलिस प्रशासन को बुलाकर किसानों को वितरित करवाई गई।
नायब हसीलदार सूरज प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों की शिकायत पर किसान सेवा सहकारी समिति कुम्हावर पर गया था। जहां पर समिति के सचिव रजिस्टर नहीं दिखा पाए। लगभग 80 बोरी स्टॉक में कम पाई गई। जिसके लिए जवाब तलब किया गया है।
उरैंग सहकारी समिति पर पड़ा है ताला
निवाड़ीकला। एक ओर जहां किसानों को डीएपी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। वही दूसरी ओर केंद्र संचालक भी लापरवाही बरत रहे हैं। उरैंग सहकारी संघ पर बृहस्पतिवार को ताला लगा था, जिससे कई किसानों को केंद्र से मायूस होकर लौटना पड़ा।
किसान रामअवतार, नरेश, अनमोल चंद, अरुण कुमार, अजब दयाल का कहना है कि दो दर्जन से अधिक गांवों के बीच सिर्फ इसी केंद्र पर डीएपी बिक्री के लिए उपलब्ध हुई है।
जांच अधिकारी भी इस क्षेत्र में नहीं आते हैं। वहीं, इस संबंध में जब केंद्र प्रभारी सतीश शुक्ला से कई बार संपर्क किया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
एक सप्ताह से नहीं आ रही खाद
भरथना। डीएपी की किल्लत से किसान परेशान हैं। एसडीएम ने डीएपी की जल्द उपलब्धता का आश्वासन दिया। सहकारी क्रय विक्रय समिति का बृहस्पतिवार को एसडीएम विजय शंकर तिवारी ने पहुंचकर डीएपी की उपलब्धता के संबंध में पड़ताल की।
कुछ किसानों ने समिति पर डीएपी नहीं होने की जानकारी दी। समिति प्रभारी लखन किशोर ने बताया कि समिति पर लगभग एक सप्ताह से डीएपी खाद नहीं है। जिसके संबंध में विभागीय अफसरों को डिमांड भेजी गई है।
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सैफई क्षेत्र के कुम्हावर के सहकारी समिति में खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए किसानों ने हंगामा काटा। वहीं जांच को पहुंचे नायब तहसीलदार ने स्टाक में 80 बोरियां कम पायीं। सचिव से इसका जवाब मांगा गया है।
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सैफई के किसान सेवा सहकारी समिति कुम्हावर में बृहस्पतिवार को सुबह कर्मचारियों पर खाद ब्लैक करने का आरोप लगाकर किसानों ने हंगामा कर दिया। किसानों का आरोप है कि रात के समय खाद की बोरी आई थी।
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सुबह जैसे ही किसान गोदाम की तरफ गए, वहां पर खाद की बोरी न के बराबर थी। मामला बढ़ता देख ग्रामीणों ने एसडीएम सैफई ज्योत्सना बंधु से फोन पर शिकायत की। जिस पर तत्काल प्रभाव से नायब तहसीलदार सूर्य प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे।
सचिव ने रिकॉर्ड सही नहीं दिखाया। किसान सुबह से ही समिति पर कतार लगाकर बैठ जाते हैं। देर शाम तक खाद नहीं मिलने पर वह खाली हाथ लौट जाते हैं। बृहस्पतिवार को सैकड़ों की संख्या में किसान खाद के इंतजार में दोपहर बाद तक बैठे रहे।
किसानों ने आरोप लगाया कि सहकारी समिति के सचिव मनमर्जी के हिसाब से जब चाहे तब खाद की बोरी देते हैं, लेकिन किसानों को लौटा देते हैं। पूर्व प्रधान ध्रुव सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि शाम के समय लगभग 280 बोरी सहकारी समिति पर आई थी।
सुबह तक मात्र 100 बोरी रह गई। इसी प्रकार आशा देवी, उदयवीर, कन्हैयालाल, सुखबीर सिंह, विजय सिंह, मुकुट सिंह, मुकेश विवेक समेत लगभग 50 से अधिक किसानों ने कालाबाजारी करने का आरोप लगाया। पुलिस प्रशासन को बुलाकर किसानों को वितरित करवाई गई।
नायब हसीलदार सूरज प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों की शिकायत पर किसान सेवा सहकारी समिति कुम्हावर पर गया था। जहां पर समिति के सचिव रजिस्टर नहीं दिखा पाए। लगभग 80 बोरी स्टॉक में कम पाई गई। जिसके लिए जवाब तलब किया गया है।
उरैंग सहकारी समिति पर पड़ा है ताला
निवाड़ीकला। एक ओर जहां किसानों को डीएपी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। वही दूसरी ओर केंद्र संचालक भी लापरवाही बरत रहे हैं। उरैंग सहकारी संघ पर बृहस्पतिवार को ताला लगा था, जिससे कई किसानों को केंद्र से मायूस होकर लौटना पड़ा।
किसान रामअवतार, नरेश, अनमोल चंद, अरुण कुमार, अजब दयाल का कहना है कि दो दर्जन से अधिक गांवों के बीच सिर्फ इसी केंद्र पर डीएपी बिक्री के लिए उपलब्ध हुई है।
जांच अधिकारी भी इस क्षेत्र में नहीं आते हैं। वहीं, इस संबंध में जब केंद्र प्रभारी सतीश शुक्ला से कई बार संपर्क किया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
एक सप्ताह से नहीं आ रही खाद
भरथना। डीएपी की किल्लत से किसान परेशान हैं। एसडीएम ने डीएपी की जल्द उपलब्धता का आश्वासन दिया। सहकारी क्रय विक्रय समिति का बृहस्पतिवार को एसडीएम विजय शंकर तिवारी ने पहुंचकर डीएपी की उपलब्धता के संबंध में पड़ताल की।
कुछ किसानों ने समिति पर डीएपी नहीं होने की जानकारी दी। समिति प्रभारी लखन किशोर ने बताया कि समिति पर लगभग एक सप्ताह से डीएपी खाद नहीं है। जिसके संबंध में विभागीय अफसरों को डिमांड भेजी गई है।