फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   SP's challenge to maintain monopoly in panchayats

सपा के सामने पंचायतों में एकाधिकार बनाए रखने की चुनौती

Wed, 03 Mar 2021 10:37 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Mar 2021 10:37 PM IST
विज्ञापन
SP's challenge to maintain monopoly in panchayats
इटावा। जिले की आठ क्षेत्र पंचायतों में पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय तक सपा का दबदबा रहा। सैफई, जसवंतनगर, बसरेहर, ताखा और भरथना कुल चार क्षेत्र पंचायतें तो ऐसी हैं जो अभी तक अपराजेय रहीं हैं। बढ़पुरा, महेवा और चकरनगर में जरूर कभी भाजपा तो कभी सपा का दांव चलता रहा। ताखा में एक बार कांग्रेस काबिज रही परंतु भाजपा यहां कभी अपना वजूद कायम नहीं कर सकी। ताखा में एक बार को छोड़कर बाकी सभी चुनावों में सपा ही काबिज रही। वर्ष 1995 से लगातार 2015 तक के चुनावों में सपा ही सपा दिखाई देती रही।
विज्ञापन

अब राजनीति की बयार बदलने से चुनाव का परिदृश्य भी पहली बार बदलने जा रहा है। सैफई सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो जाने से अब यहां 25 सालों से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के परिवार का एकाधिकार इस बार टूटने जा रहा है। वहीं अब अन्य ब्लाकों में अपनी स्थिति को बचाने में सपा को इस बार विरोधियों के अलावा अपनों की चुनौतियों का सामना भी करना पड़ेगा। प्रसपा और सपा के बीच चल रही जुबानी जंग का सेमीफाइनल पंचायत चुनाव होगा।
विज्ञापन

इस बार सबसे बड़ी चुनौती सपा के सामने है। सपा को भाजपा के अलावा प्रसपा से भी लड़ना पड़ सकता है। वैसे तो भरथना में पूर्व सांसद प्रदीप यादव और जसवंतनगर में प्रोफेसर बृजेश यादव के परिवार का ही एकाधिकार रहा है। इस बार देखना यह है कि इस एकाधिकार को भाजपा तोड़ पाती है या नहीं। भरथना में पूर्व सांसद प्रदीप यादव के भाई हरिओम यादव ब्लाक प्रमुख हैं। वे सपा में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं जसवंतनगर में प्रोफेसर बृजेश यादव के पुत्र अनुज यादव मोंटी ब्लाक प्रमुख हैं। वे इस समय शिवपाल सिंह यादव के नजदीकी होने के कारण प्रसपा में हैं। तीसरी सीट बसरेहर की है। जहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव के फूफा डॉ. अजंट सिंह यादव ब्लाक प्रमुुख हैं। इस बार जसवंतनगर को सामान्य महिला, भरथना को अन्य पिछड़ा वर्ग और बसरेहर को अनारक्षित की श्रेणी में रखा गया है। इन तीनों सीटों पर पुराने प्रत्याशी फिर से मैदान में आ सकते हैं। उनके लिए आरक्षण बदल जाने से कोई समस्या नहीं है। जसवंतगनर, ताखा, भरथना और बसरेहर में सपा और प्रसपा के बीच अगर जोर आजमाइस होने लगी तो मुकाबला काफी रोचक और दूरगामी नतीजों वाला होगा।

भाजपा ने पूर्व में बढ़पुरा, चकरनगर, महेवा में समय समय पर अपने प्रत्याशी जिताए। यहां भाजपा और सपा के बीच कभी हम तो कभी तुम का दौर चलता रहा। अब इन सीटों पर भाजपा पूरी ताकत लगाएगी। बढ़पुरा को अन्य पिछड़ा वर्ग, महेवा को अनुसूचित जाति, ताखा को अन्य पिछड़ी जाति महिला और चकरनगर को अनारक्षित की श्रेणी में रखा गया है। यहां भाजपा अपना जातीय समीकरण फिट करने की कोशिश करेगी। इस बार का ब्लाक प्रमुख चुनाव काफी दिलचस्प और रोचक होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed