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चुनावी रंजिश में सपा नेता व पूर्व प्रधान की गोली मारकर हत्या
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बसरेहर थाना क्षेत्र के नगला लायक गांव में सपा के पूर्व युवजन सभा के जिलाध्यक्ष व पूर्व प्रधान राजकुमार उर्फ बबलू की गुरुवार देर शाम गोली लगने से मौत हो गई। परिजनों ने पंचायत चुनाव में बबलू के खिलाफ दावेदारी करने वाले समेत छह लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है।
वहीं पुलिस को घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति के मोबाइल से कॉल रिकार्डिंग मिली जिसमें बातचीत के दौरान धोखे से गोली चलने की बात कही जा रही है। एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि घटना के वक्त बबलू के साथ मौजूद गांव के चार युवक फोन बंद करके फरार हैं। इन्हें पकड़ने के लिए टीमें लगाईं गईं हैं।
नगला हर्राय निवासी पूर्व प्रधान बबलू यादव (38) शाम को दो पक्षों के बीच समझौता करवाने सैफई गए थे। पुलिस के मुताबिक यहां से लौटते हुए वह दो दोस्तों को भदवा सावन गांव में छोड़ने के बाद कार से नगला लायक पहुंचे। यहां चार दोस्तों के साथ गांव स्थित स्कूल के पास बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद चिंटू तमंचा निकालकर सबको दिखाने लगा।
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अचानक तमंचे से फायर हो गया और गोली बबलू के सीने में जा धसी। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण दौड़े और बबलू के साथ मौजूद चारों युवक फरार हो गए। गांव वालों ने घटना की जानकारी पुलिस व बबलू के घरवालों को दी। घरवाले खून से लथपथ बबलू को इटावा के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस अस्पताल पहुंची तो परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया। किसी तरह पुलिस शव को जिला अस्पताल लेकर पहुंची जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
कॉल रिकार्डिंग से घटना को संदिग्ध मान रही पुलिस
बबलू के परिजनों ने प्रधानी के चुनाव में उनके खिलाफ दावेदारी करने वाले उम्मीदवार व उसके पांच साथियों पर गोली मारकर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विपक्षियों से 15 दिन पहले विवाद हुआ था जिसमें बबलू को जान से मारने की धमकी मिली थी। इस दौरान हुई मारपीट में बबलू के चाचा उदयवीर चोटिल भी हुए थे। इसकी तहरीर थाने में दी गई लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
वहीं वारदात के बाद सक्रिय हुई पुलिस को गांव के एक व्यक्ति के फोन से कॉल रिकार्डिंग मिली। इसमें घटना के समय बबलू के साथ मौजूद एक व्यक्ति किसी को बता रहा है कि शराब पीने के दौरान धोखे से गोली चल गई। इस आधार पर पुलिस घटना को गैर इरादतन हत्या का मामला मानकर छानबीन कर रही है। एसएसपी आकाश तोमर के मुताबिक परिजनों के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
पहली बार बने थे प्रधान
बबलू ने सपा की राजनीति करते हुए पहली बार 2017 में पंचायत चुनाव में किस्मत आजमाई थी। युवा चेहरे को गांव वालों ने पसंद किया और वह भारी मतों से चुनाव जीते। लोगों का कहना है कि बबलू बेहद मिलनसार स्वभाव के थे। उनकी पत्नी प्रीति के अलावा पांच साल की बेटी अवंतिका के सिर से पति व पिता का सहारा छिन गया। बबलू अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। घटना की जानकारी पाकर जिले भर के सपा नेता अस्पताल व गांव पहुंचे।
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वहीं पुलिस को घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति के मोबाइल से कॉल रिकार्डिंग मिली जिसमें बातचीत के दौरान धोखे से गोली चलने की बात कही जा रही है। एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि घटना के वक्त बबलू के साथ मौजूद गांव के चार युवक फोन बंद करके फरार हैं। इन्हें पकड़ने के लिए टीमें लगाईं गईं हैं।
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नगला हर्राय निवासी पूर्व प्रधान बबलू यादव (38) शाम को दो पक्षों के बीच समझौता करवाने सैफई गए थे। पुलिस के मुताबिक यहां से लौटते हुए वह दो दोस्तों को भदवा सावन गांव में छोड़ने के बाद कार से नगला लायक पहुंचे। यहां चार दोस्तों के साथ गांव स्थित स्कूल के पास बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद चिंटू तमंचा निकालकर सबको दिखाने लगा।
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अचानक तमंचे से फायर हो गया और गोली बबलू के सीने में जा धसी। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण दौड़े और बबलू के साथ मौजूद चारों युवक फरार हो गए। गांव वालों ने घटना की जानकारी पुलिस व बबलू के घरवालों को दी। घरवाले खून से लथपथ बबलू को इटावा के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस अस्पताल पहुंची तो परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया। किसी तरह पुलिस शव को जिला अस्पताल लेकर पहुंची जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
कॉल रिकार्डिंग से घटना को संदिग्ध मान रही पुलिस
बबलू के परिजनों ने प्रधानी के चुनाव में उनके खिलाफ दावेदारी करने वाले उम्मीदवार व उसके पांच साथियों पर गोली मारकर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विपक्षियों से 15 दिन पहले विवाद हुआ था जिसमें बबलू को जान से मारने की धमकी मिली थी। इस दौरान हुई मारपीट में बबलू के चाचा उदयवीर चोटिल भी हुए थे। इसकी तहरीर थाने में दी गई लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
वहीं वारदात के बाद सक्रिय हुई पुलिस को गांव के एक व्यक्ति के फोन से कॉल रिकार्डिंग मिली। इसमें घटना के समय बबलू के साथ मौजूद एक व्यक्ति किसी को बता रहा है कि शराब पीने के दौरान धोखे से गोली चल गई। इस आधार पर पुलिस घटना को गैर इरादतन हत्या का मामला मानकर छानबीन कर रही है। एसएसपी आकाश तोमर के मुताबिक परिजनों के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
पहली बार बने थे प्रधान
बबलू ने सपा की राजनीति करते हुए पहली बार 2017 में पंचायत चुनाव में किस्मत आजमाई थी। युवा चेहरे को गांव वालों ने पसंद किया और वह भारी मतों से चुनाव जीते। लोगों का कहना है कि बबलू बेहद मिलनसार स्वभाव के थे। उनकी पत्नी प्रीति के अलावा पांच साल की बेटी अवंतिका के सिर से पति व पिता का सहारा छिन गया। बबलू अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। घटना की जानकारी पाकर जिले भर के सपा नेता अस्पताल व गांव पहुंचे।