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नदी में कूदकर फौजी ने खुदकुशी की
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इटावा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहल्ला कृष्णापुरम कालोनी में मकान बनवाने के लिए सामान खरीदने गया फौजी बुधवार को अचानक लापता हो गया था। खोजबीन के बाद उसकी बाइक यमुना पुल पर खड़ी मिली थी।
आशंका जताई गई कि फौजी ने यमुना में छलांग लगा दी है। इसके बाद पुलिस ने खोजबीन शुरू की। बृहस्पतिवार को उसका शव यमुना पुल से करीब दो सौ मीटर दूर मिला।
फौजी का शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। बेटे के शव को देेखकर उसके पिता बेहोश होकर गिर पड़े। साथ आए लोग उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए।
आगरा जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के गांव उदयपुर खुर्द के मूल निवासी पूरन सिंह का बेटा विदेश यादव (34) सेना में सिपाही के पद पर श्रीनगर मेें तैनात था।
उसने इटावा के कृष्णपुरम कालोनी में प्लॉट खरीदा था। दो माह पूर्व वह छुट्टी लेकर आया था और उसने मकान का निर्माण शुरू कराया था। मकान की दीवारें तैयार हो गई हैं, छत की ढलाई होनी थी।
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बुधवार की सुबह विदेश अपनी बाइक से सामान खरीदने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने खोजबीन की। विदेश की बाइक यमुना पुल पर लावारिस अवस्था में खड़ी मिली थी।
पुलिस ने उसके यमुना में कूदने की आशंका व्यक्त करते हुए खोजबीन शुरू की। बृहस्पतिवार को उसका शव यमुना पुल से दो सौ मीटर की दूरी पर पानी में पड़ा मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शव मिलने से फौजी के परिवार में कोहराम मच गया। उसके पिता तो बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए। फौजी ने यमुना में कूदकर आत्महत्या क्यों की, इस बाबत परिजन कुछ नहीं बता सके।
लोगों का कहना था कि वह अच्छे तरीके से नौकरी कर रहा था। परिवार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
14 साल से कर रहा था नौकरी
विदेश यादव अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। बड़े भाई की काफी समय पूर्व मृत्यु हो चुकी है। वह 14 साल पूर्व फौज में भर्ती हुआ था। इस समय उसकी तैनाती श्रीनगर में थी।
दो माह पूर्व वह मकान बनवाने के लिए छुट्टी लेकर आया था। उसकी आठ जनवरी को रवानगी थी। उसका छोटा भाई भी फौज में नौकरी करता है। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल
फौजी के तीन बच्चे हैं, जिसमें सबसे बड़ी बेटी राखी 13 साल की है। उसके बाद आठ साल का मोहित व छह साल का विशाल है। परिजनों ने बताया कि बच्चे पढ़ने के लायक हो गए थे।
बच्चों को पढ़ाने के उद्देश्य से ही उसने इटावा में प्लॉट खरीदा। उस पर मकान बनवा रहा था। विदेश का यमुना से शव बरामद होने की जानकारी बच्चों को हुई तो वह फफक फफक कर रोने लगे। आस पड़ोस के लोग बच्चों को सांत्वना दे रहे थे, लेकिन उनके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
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आशंका जताई गई कि फौजी ने यमुना में छलांग लगा दी है। इसके बाद पुलिस ने खोजबीन शुरू की। बृहस्पतिवार को उसका शव यमुना पुल से करीब दो सौ मीटर दूर मिला।
फौजी का शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। बेटे के शव को देेखकर उसके पिता बेहोश होकर गिर पड़े। साथ आए लोग उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए।
आगरा जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के गांव उदयपुर खुर्द के मूल निवासी पूरन सिंह का बेटा विदेश यादव (34) सेना में सिपाही के पद पर श्रीनगर मेें तैनात था।
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उसने इटावा के कृष्णपुरम कालोनी में प्लॉट खरीदा था। दो माह पूर्व वह छुट्टी लेकर आया था और उसने मकान का निर्माण शुरू कराया था। मकान की दीवारें तैयार हो गई हैं, छत की ढलाई होनी थी।
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बुधवार की सुबह विदेश अपनी बाइक से सामान खरीदने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने खोजबीन की। विदेश की बाइक यमुना पुल पर लावारिस अवस्था में खड़ी मिली थी।
पुलिस ने उसके यमुना में कूदने की आशंका व्यक्त करते हुए खोजबीन शुरू की। बृहस्पतिवार को उसका शव यमुना पुल से दो सौ मीटर की दूरी पर पानी में पड़ा मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शव मिलने से फौजी के परिवार में कोहराम मच गया। उसके पिता तो बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए। फौजी ने यमुना में कूदकर आत्महत्या क्यों की, इस बाबत परिजन कुछ नहीं बता सके।
लोगों का कहना था कि वह अच्छे तरीके से नौकरी कर रहा था। परिवार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
14 साल से कर रहा था नौकरी
विदेश यादव अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। बड़े भाई की काफी समय पूर्व मृत्यु हो चुकी है। वह 14 साल पूर्व फौज में भर्ती हुआ था। इस समय उसकी तैनाती श्रीनगर में थी।
दो माह पूर्व वह मकान बनवाने के लिए छुट्टी लेकर आया था। उसकी आठ जनवरी को रवानगी थी। उसका छोटा भाई भी फौज में नौकरी करता है। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल
फौजी के तीन बच्चे हैं, जिसमें सबसे बड़ी बेटी राखी 13 साल की है। उसके बाद आठ साल का मोहित व छह साल का विशाल है। परिजनों ने बताया कि बच्चे पढ़ने के लायक हो गए थे।
बच्चों को पढ़ाने के उद्देश्य से ही उसने इटावा में प्लॉट खरीदा। उस पर मकान बनवा रहा था। विदेश का यमुना से शव बरामद होने की जानकारी बच्चों को हुई तो वह फफक फफक कर रोने लगे। आस पड़ोस के लोग बच्चों को सांत्वना दे रहे थे, लेकिन उनके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।