{"_id":"69877e352c6b0f5f430e4b5f","slug":"smart-meters-also-hackedelectricity-theft-continues-etawah-news-c-216-1-etw1004-137452-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: स्मार्ट मीटर में भी सेंधमारी...बिजली चोरी जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: स्मार्ट मीटर में भी सेंधमारी...बिजली चोरी जारी
विज्ञापन
फोटो 12::जसवंतनगर क्षेत्र में बिजली चेकिंग करती बिजली निगम की टीम। संवाद
फोटो 13:: शहर के मोहल्ला चौगुर्जी में एक घर के बाहर लगा स्मार्टमीटर। संवाद
खास खबर का लोगो
- बिजली चोरों ने ढूंढ निकाला स्मार्ट मीटर को मात देने का तरीका, चिंता में निगम
- जनपद में ढाई लाख की तुलना में अब तक लगाए जा चुके है 22 हजार स्मार्ट मीटर
ऋषि तिवारी
इटावा। बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली निगम जिस स्मार्ट मीटर रूपी ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर रहा है, अब वह भी बेअसर साबित होते दिख रहा है। हाईटेक स्मार्ट मीटरों में भी शातिर बिजली चोरों ने सेंधमारी शुरू कर दी है। विभाग की जांच में पिछले कुछ दिनों में ऐसे मामले सामने आए हैं जिसने अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं।
जिले के तीनों खंडों में लगभग ढाई लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। कार्यदायी संस्था की ढिलाई के चलते अब तक लगभग 20 हजार स्मार्ट मीटर ही लगाए जा सके हैं। दूसरी ओर स्मार्ट मीटर में चोरी के मामले भी सामने आने शुरू हो गए हैं। बिजली निगम के जानकारों के अनुसार एक स्मार्ट मीटर की कीमत लगभग चार से पांच हजार रुपये है जबकि मीटर बदलने के साथ ही केबल आदि को जोड़कर यह खर्चा लगभग सात से आठ हजार होता है। ऐसे में अब तक स्मार्ट मीटरों पर लगभग 15 करोड़ से अधिक धनराशि खर्च की जा चुकी है।
वहीं, बिजली चोरों ने अधिकारियों और संबंधित कंपनी के जिम्मेदारों को धता बताना शुरू कर दिया है। 15 दिन में अलग-अलग क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी के 10 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में बिजली निगम के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। वहीं बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं में गुस्सा पनप रहा है।
विज्ञापन
कुछ इस प्रकार बढ़ते जा रहे चोरी के मामले
वर्ष दर्ज मामले जुर्माना
2023 7200 38 करोड़
2024 8150 46 करोड़
2025 9411 57 करोड़
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
ऐसे करते हैं स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़
- मीटर के आने वाले मुख्य तार (इनपुट) और घर को जाने वाली सप्लाई (आउटपुट) के बीच एक जम्पर लगा दिया जाता है। इससे भारी लोड वाले उपकरण जैसे एसी या हीटर मीटर की गणना में नहीं आते। इसके साथ ही तारों को सीधा जोड़कर भी चोरी की जा रही है।
- खंभे से मीटर तक आने वाली केबल के बीच में एक कट लगा दिया जाता है। वहां से एक गुप्त तार (बाईपास) सीधे घर के मेन बोर्ड में जोड़ दिया जाता है। मीटर चालू रहता है ताकि विभाग को शक न हो लेकिन घर का भारी लोड उस गुप्त तार से चलता है।
- स्मार्ट मीटर को न्यूट्रल और फेज दोनों की जरूरत होती है। शातिर बिजली चोर मीटर के आउटपुट से न्यूट्रल वायर को काटकर उसे घर की दीवार या जमीन (अर्थिंग) से जोड़ देते हैं।
स्मार्ट मीटर को लेकर हो रहे थे ये दावे
बिजली निगम ने स्मार्ट मीटर इसलिए लगाए थे ताकि बिना घर जाए सीधे सर्वर से रीडिंग मिल सके और छेड़छाड़ होने पर तुरंत अलर्ट मिल जाए। यदि कोई मीटर की सील तोड़ता है, कवर खोलता है या रिमोट/सेंसर से छेड़छाड़ करने की कोशिश करता है तो मीटर तुरंत निगम के कंट्रोलरूम को सिग्नल भेजता है लेकिन चोरों ने अब मीटर के बाहरी हिस्से की जगह सीधे आंतरिक सिस्टम और केबलिंग को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों की पॉश कॉलोनियों में भी इस तरह की बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं।
केस- एक
बिजली निगम की टीम ने इस माह की चार तारीख को चेकिंग के दौरान शहर की गोकुलधाम कॉलोनी में स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी होते हुए मिली। यहां एक उपभोक्ता की ओर से स्मार्ट मीटर में तीन कोर आउटपुट केबल के माध्यम से बिजली चोरी की जा रही थी।
केस-दो
जसवंतनगर क्षेत्र में बिजली निगम की टीम ने चेकिंग के दौरान तीन स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की थी। तीनों अलग-अलग तरीके से बिजली मीटरों में छेड़छाड़ करके बिजली चोरी कर रहे थे। निगम की ओर से तीनों उपभोक्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
वर्जन
स्मार्ट मीटर सुरक्षित हैं लेकिन कुछ लोग केबल और सर्किट से छेड़छाड़ कर रहे हैं। हमारे पास हर मीटर की रियल-टाइम मॉनिटरिंग है। जहां भी खपत अचानक कम होती है, हमारी विजिलेंस टीम छापा मारती है। पकड़े जाने पर जेल और भारी जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।- ऋषभ देव, अधीक्षण अभियंता
विज्ञापन
फोटो 13:: शहर के मोहल्ला चौगुर्जी में एक घर के बाहर लगा स्मार्टमीटर। संवाद
खास खबर का लोगो
- बिजली चोरों ने ढूंढ निकाला स्मार्ट मीटर को मात देने का तरीका, चिंता में निगम
- जनपद में ढाई लाख की तुलना में अब तक लगाए जा चुके है 22 हजार स्मार्ट मीटर
ऋषि तिवारी
इटावा। बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली निगम जिस स्मार्ट मीटर रूपी ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर रहा है, अब वह भी बेअसर साबित होते दिख रहा है। हाईटेक स्मार्ट मीटरों में भी शातिर बिजली चोरों ने सेंधमारी शुरू कर दी है। विभाग की जांच में पिछले कुछ दिनों में ऐसे मामले सामने आए हैं जिसने अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं।
जिले के तीनों खंडों में लगभग ढाई लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। कार्यदायी संस्था की ढिलाई के चलते अब तक लगभग 20 हजार स्मार्ट मीटर ही लगाए जा सके हैं। दूसरी ओर स्मार्ट मीटर में चोरी के मामले भी सामने आने शुरू हो गए हैं। बिजली निगम के जानकारों के अनुसार एक स्मार्ट मीटर की कीमत लगभग चार से पांच हजार रुपये है जबकि मीटर बदलने के साथ ही केबल आदि को जोड़कर यह खर्चा लगभग सात से आठ हजार होता है। ऐसे में अब तक स्मार्ट मीटरों पर लगभग 15 करोड़ से अधिक धनराशि खर्च की जा चुकी है।
विज्ञापन
वहीं, बिजली चोरों ने अधिकारियों और संबंधित कंपनी के जिम्मेदारों को धता बताना शुरू कर दिया है। 15 दिन में अलग-अलग क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी के 10 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में बिजली निगम के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। वहीं बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं में गुस्सा पनप रहा है।
विज्ञापन
कुछ इस प्रकार बढ़ते जा रहे चोरी के मामले
वर्ष दर्ज मामले जुर्माना
2023 7200 38 करोड़
2024 8150 46 करोड़
2025 9411 57 करोड़
ऐसे करते हैं स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़
- मीटर के आने वाले मुख्य तार (इनपुट) और घर को जाने वाली सप्लाई (आउटपुट) के बीच एक जम्पर लगा दिया जाता है। इससे भारी लोड वाले उपकरण जैसे एसी या हीटर मीटर की गणना में नहीं आते। इसके साथ ही तारों को सीधा जोड़कर भी चोरी की जा रही है।
- खंभे से मीटर तक आने वाली केबल के बीच में एक कट लगा दिया जाता है। वहां से एक गुप्त तार (बाईपास) सीधे घर के मेन बोर्ड में जोड़ दिया जाता है। मीटर चालू रहता है ताकि विभाग को शक न हो लेकिन घर का भारी लोड उस गुप्त तार से चलता है।
- स्मार्ट मीटर को न्यूट्रल और फेज दोनों की जरूरत होती है। शातिर बिजली चोर मीटर के आउटपुट से न्यूट्रल वायर को काटकर उसे घर की दीवार या जमीन (अर्थिंग) से जोड़ देते हैं।
स्मार्ट मीटर को लेकर हो रहे थे ये दावे
बिजली निगम ने स्मार्ट मीटर इसलिए लगाए थे ताकि बिना घर जाए सीधे सर्वर से रीडिंग मिल सके और छेड़छाड़ होने पर तुरंत अलर्ट मिल जाए। यदि कोई मीटर की सील तोड़ता है, कवर खोलता है या रिमोट/सेंसर से छेड़छाड़ करने की कोशिश करता है तो मीटर तुरंत निगम के कंट्रोलरूम को सिग्नल भेजता है लेकिन चोरों ने अब मीटर के बाहरी हिस्से की जगह सीधे आंतरिक सिस्टम और केबलिंग को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों की पॉश कॉलोनियों में भी इस तरह की बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं।
केस- एक
बिजली निगम की टीम ने इस माह की चार तारीख को चेकिंग के दौरान शहर की गोकुलधाम कॉलोनी में स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी होते हुए मिली। यहां एक उपभोक्ता की ओर से स्मार्ट मीटर में तीन कोर आउटपुट केबल के माध्यम से बिजली चोरी की जा रही थी।
केस-दो
जसवंतनगर क्षेत्र में बिजली निगम की टीम ने चेकिंग के दौरान तीन स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की थी। तीनों अलग-अलग तरीके से बिजली मीटरों में छेड़छाड़ करके बिजली चोरी कर रहे थे। निगम की ओर से तीनों उपभोक्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
वर्जन
स्मार्ट मीटर सुरक्षित हैं लेकिन कुछ लोग केबल और सर्किट से छेड़छाड़ कर रहे हैं। हमारे पास हर मीटर की रियल-टाइम मॉनिटरिंग है। जहां भी खपत अचानक कम होती है, हमारी विजिलेंस टीम छापा मारती है। पकड़े जाने पर जेल और भारी जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।- ऋषभ देव, अधीक्षण अभियंता