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टेसू-झैंझी विवाह संग शुभ लगन होंगे शुरू

Tue, 19 Oct 2021 11:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Oct 2021 11:06 PM IST
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Shubh Lagna will start with Tesu-Jhanjhi marriage
चकरनगर। टेसू मेरा यही खड़ा, खाने को मागे दही बड़ा। दही बड़ा में पन्नी, रख दो सेठ अठन्नी। विजयदशमी के बाद गांव की गलियों में शाम ढलते ही बच्चों की टोलियां टेसू विवाह रचाने के लिए घरों के दरवाजे पर ऐसे गाने गाकर चंदा इकट्ठा करते हैं।
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टेसू-झैंझी का विवाह 20 अक्तूबर को होगा और इसी के साथ विवाह के शुभ लगन भी शुरू हो जाएंगे। ग्रामीण परिवेश में छोटे बच्चे जहां टेसू घर घर ले जाकर चंदा मांगते हैं। बहन बेटियां झैंझी लेकर घर घर बेटी का ब्याह रचाने को लेकर चंदा इकट्ठा करती है।
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पूर्णमासी के दिन टेसू झैंझी का हिंदू रीति रिवाज के साथ विवाह रचाते हैं। यहीं से शादी विवाह के शुभ मुहूर्त का श्रीगणेश होता है। पंडित ब्रह्म प्रकाश मिश्र के अनुसार, महाभारत काल में युद्ध के दौरान भीम के पौत्र घटोत्कच का पुत्र बर्बरीक बहुत ही पराक्रमी था।
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उसने अपनी मां से कहा कि महाभारत के युद्ध में जो पक्ष कमजोर होगा, उसका में सहयोग करूंगा। उसने भगवान शंकर की तपस्या तीन अजेय वाण प्राप्त किए। भगवान श्रीकृष्ण को पता चल गया तो उन्होंने ब्राह्मण बनकर बर्बरीक की परीक्षा लेनी चाही।
पीपल के वृक्ष के नीचे जाकर खड़े हो गए। उसी पेड़ के नीचे बर्बरीक बैठा था। भगवान ने उससे कहा कि तुम अगर धनुर्धर हो तो पीपल के सभी पत्ते में छेद करो।
बर्बरीक ने वाण छोड़ा तो सारे पत्तों में छेद हो गए। भगवान समझ गए कि यह निश्चय कौरवों का साथ देगा। भगवान ने अपना परिचय दिया तो उसने अपनी इच्छा प्रकट करते हुए बताया कि जंगल में एक ब्राह्मण परिवार रहता है।
परिवार में कई सदस्य हैं। ब्राह्मणी के मरने के बाद उसकी पुत्री से प्रेम करने लगा। ब्राह्मण अपनी पुत्री का विवाह मुझसे नहीं करना चाहता है। भगवान ने उसकी कमजोरी से जानकारी ब्राह्मण परिवार में गए और उन को सलाह दी कि वह राक्षस से शादी के लिए समय मांगे।
राक्षस के भय से परेशान ब्राह्मण परिवार ने भगवान कृष्ण की बात को मान कर राक्षस से 15 दिन रुकने के लिए कहा। इसी बीच परिवार के लोगों से सहायता मांगी। शरद पूर्णिमा की रात्रि के समय विवाह का समय दिया।
सातवीं भांवर के बाद श्रीकृष्ण ने काटा था सिर
शादी की सारी रस्में पूर्ण हो जाने के बाद सातवीं भांवर पूर्ण होने से पहले ही भगवान कृष्ण ने सुदर्शन से बर्बरीक का सिर काट दिया। बताया कि हिंदू धर्म में तभी से शरद पूर्णिमा की रात्रि टेसू झैंझी का विवाह के पूर्व टेसू का सिर तोड़ दिया जाता है।

हिंदू रीति रिवाज के तहत विवाह का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाता है इत्यादि कई कथाएं हैं। वयोवृद्ध कमला देवी बताती हैं टेसू झैंझी का ब्याह रचाने का शगुन करने से घरों में शादी का मुहूर्त होता है।
जिन घरों में बच्चों की शादी ब्याह में देरी हो रही हो उनकी जल्द ही शादी हो जाती है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।
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