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शिवपाल ने बैंक मैनेजरों को दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Wed, 24 May 2017 11:47 PM IST
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जिला सहकारी बैंक के सभाकक्ष से निकलते पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को इटावा-औरैया की सहकारी बैंकों की सभी 28 शाखाओं के कामकाज की समीक्षा की। ऋण वितरण व वसूली संतोषजनक न मिलने पर नाराजगी जताई। शाखा प्रबंधकों को चेतावनी दी कि वे मेहनत और लगन के साथ काम करें। जून में वह फिर समीक्षा करेंगे, जो शाखा प्रबंधक दायित्व निर्वहन में रुचि नहीं लेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कचहरी रोड स्थित जिला सहकारी बैंक के सभाकक्ष में हुई समीक्षा बैठक में महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि ऊसराहार और अजीतमल बैंक शाखाओं को छोड़कर सभी में ऋण वसूली औसत से 7.8 प्रतिशत कम रही है। जबकि एक अप्रैल 2017 से फसली ऋण वितरण शून्य रहा है। किसी भी शाखा द्वारा कोई भी फसली ऋण नहीं दिया गया। बैठक में बताया गया कि 31 मार्च को बैंक का शुद्ध लाभ 6.51 करोड़ रुपये रहा। बैठक में वित्तीय वर्ष 2016-17 की समाप्ति पर पंडित दीन दयाल सहकारी स्वरोजगार योजना, व्यक्तिगत ऋण, वेतन भोगी सहकारी समिति, गृह ऋण, अचल संपत्ति के सापेक्ष ऋण, सीसी लिमिट, वाहन ऋण, वेयर हाउस, स्वयं सहायता समूह व स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना में लक्ष्य के सापेक्ष ऋण वितरण संतोषजनक नहीं पाया गया। बैंक की शाखा बढ़पुरा, जसवंतनगर, सैफई, बसरेहर, बरालोकपुर, इकदिल, भरथना, ऊसराहार, लखना, बकेवर, चकरनगर, महेवा, हनुमंतपुरा, सुतियानी मोड़, औरैया, दिबियापुर, फफूंद, मुरादगंज, सहार, बिधूना, कुदरकोट, एरवाकटरा, अछल्दा, याकूबपुर व पुर्वासुजान बैंक शाखाएं पीछे रहीं। शिवपाल ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 की समीक्षा बैठक जून में करेंगे। जिसमें लक्ष्य के सापेक्ष पूर्ति की समीक्षा होगी। जिन बैंकों की स्थिति ठीक नहीं मिली वहां के शाखा प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन किसानों को वित्तीय वर्ष 2016-17 में समितियों के जरिये फसली ऋण वितरित किए गए हैं, उनकी वसूली सुनिश्चित की जाए। बैठक में उपाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह सेंगर, महाप्रबंधक कुलदीप सिंह, प्रबंधक सुनील यादव मौजूद रहे।
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