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सचिवों की गोशाला संचालन बंद करने की चेतावनी
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इटावा। ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन ने गोशालाओं का संचालन बंद करने की चेतावनी दी है। लोकनिर्माण विभाग के संघ भवन में बैठक में कहा कि यदि जिला स्तर के अधिकारी तानाशाही पूर्ण रवैया नहीं छोड़ते तो विरोध करने को मजबूर होंगे।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पूरन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। कहा गया कि पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय शासन के प्राथमिकता वाले कार्य हैं।
कुछ पंचायतों में भूमि न मिलने से निर्माण नहीं हो पा रहा है। जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की भूमि प्रबंधन समिति की होती है। इस समिति का सचिव लेखपाल होता है, लेकिन जमीन न मिलने पर कार्रवाई ग्राम विकास अधिकारी पर की जा रही है।
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एसोसिएशन के महामंत्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि गोशाला का संचालन सचिवों से कराया जा रहा है। इसके लिए महज 30 रुपये मिलते हैं। इतने कम पैसों में अच्छी व्यवस्था नहीं की जा सकती।
अफसर निरीक्षण में खामी मिलने पर कार्रवाई कर देते हैं। बिना नोटिस वेतन काट दिया जाता है। संबद्धीकरण कर जांच के नाम पर उत्पीड़न किया जाता है।
मांग की कि हाल में जितनी कार्रवाई की गईं हैं, उन्हें वापस लिया जाए, नहीं तो सभी ग्राम विकास अधिकारी काम बंद करके विकास भवन के गेट पर बैठेंगे। बैठक में रामकुमार गुप्ता, अवनीश कुमार, मनोज कुमार मिश्रा, अजय कुमार, अजय यादव, आभा कौशल, पूजा भदौरिया, भुवनेश कुमार आदि मौजूद थे।
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एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पूरन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। कहा गया कि पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय शासन के प्राथमिकता वाले कार्य हैं।
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कुछ पंचायतों में भूमि न मिलने से निर्माण नहीं हो पा रहा है। जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की भूमि प्रबंधन समिति की होती है। इस समिति का सचिव लेखपाल होता है, लेकिन जमीन न मिलने पर कार्रवाई ग्राम विकास अधिकारी पर की जा रही है।
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एसोसिएशन के महामंत्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि गोशाला का संचालन सचिवों से कराया जा रहा है। इसके लिए महज 30 रुपये मिलते हैं। इतने कम पैसों में अच्छी व्यवस्था नहीं की जा सकती।
अफसर निरीक्षण में खामी मिलने पर कार्रवाई कर देते हैं। बिना नोटिस वेतन काट दिया जाता है। संबद्धीकरण कर जांच के नाम पर उत्पीड़न किया जाता है।
मांग की कि हाल में जितनी कार्रवाई की गईं हैं, उन्हें वापस लिया जाए, नहीं तो सभी ग्राम विकास अधिकारी काम बंद करके विकास भवन के गेट पर बैठेंगे। बैठक में रामकुमार गुप्ता, अवनीश कुमार, मनोज कुमार मिश्रा, अजय कुमार, अजय यादव, आभा कौशल, पूजा भदौरिया, भुवनेश कुमार आदि मौजूद थे।