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11 महीने बाद आज स्कूल जाएंगे नौनिहाल
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जिले के प्राथमिक स्कूलों में सोमवार से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। इसके लिए स्कूल प्रशासन ने सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली हैं। बच्चों के स्वागत के लिए स्कूलों में सजावट भी की जा रही है।
कोरोना संक्रमण के चलते करीब 11 माह से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी। अब प्रदेश सरकार ने एक मार्च सोमवार से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को कोविड गाइडलाइन के अनुसार स्कूल बुलाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। विद्यालयों में सफाई व सैनिटाइजेशन का कार्य चल रहा है। साथ ही बच्चों को आकर्षित करने के लिए स्कूल की दीवारों को गुब्बारों से सजाया जा रहा है।
जिले में कुल 1484 परिषदीय विद्यालय (कंपोजिट सहित) संचालित हैं। इसमें 1238 प्राथमिक विद्यालय हैं। इन सभी प्राथमिक विद्यालयों में सोमवार से शिक्षण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। करीब 11 महीने से बच्चे स्कूल की शिक्षा से दूर हैं।
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इससे उनकी सीखने की क्षमता पर भी असर पड़ा होगा, इसके लिए विद्यालयों में ज्ञानोत्सव अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 100 दिनों तक चलेगा। इस दौरान बच्चों को अभी तक जो शिक्षा बाधित हुई है उसे पूर्ण करने और अच्छा शिक्षण माहौल देने का प्रयास किया जाएगा।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रारंभ करने का सरकार का निर्णय उचित है। शिक्षक भी अपने दायित्वों को निभाने के लिए तैयार हैं।
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कोरोना संक्रमण के चलते करीब 11 माह से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी। अब प्रदेश सरकार ने एक मार्च सोमवार से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को कोविड गाइडलाइन के अनुसार स्कूल बुलाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। विद्यालयों में सफाई व सैनिटाइजेशन का कार्य चल रहा है। साथ ही बच्चों को आकर्षित करने के लिए स्कूल की दीवारों को गुब्बारों से सजाया जा रहा है।
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जिले में कुल 1484 परिषदीय विद्यालय (कंपोजिट सहित) संचालित हैं। इसमें 1238 प्राथमिक विद्यालय हैं। इन सभी प्राथमिक विद्यालयों में सोमवार से शिक्षण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। करीब 11 महीने से बच्चे स्कूल की शिक्षा से दूर हैं।
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इससे उनकी सीखने की क्षमता पर भी असर पड़ा होगा, इसके लिए विद्यालयों में ज्ञानोत्सव अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 100 दिनों तक चलेगा। इस दौरान बच्चों को अभी तक जो शिक्षा बाधित हुई है उसे पूर्ण करने और अच्छा शिक्षण माहौल देने का प्रयास किया जाएगा।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रारंभ करने का सरकार का निर्णय उचित है। शिक्षक भी अपने दायित्वों को निभाने के लिए तैयार हैं।