{"_id":"622260d87dc0f35df26ebdbf","slug":"samman-nidhi-will-stop-if-kyc-is-not-updated-etawah-news-knp683875283","type":"story","status":"publish","title_hn":"केवाईसी अपडेट नहीं तो रुकेगी सम्मान निधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केवाईसी अपडेट नहीं तो रुकेगी सम्मान निधि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा (निवाड़ीकला)। नए वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के लिए शासन स्तर से एक और शर्त रखी गई है। इसके लिए किसानों को थोड़ी मशक्कत भी करनी पड़ेगी। अब योजना का लाभ पाने के इच्छुक व पहले से पंजीकृत किसानों के लिए ई-केवाईसी का सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में ई-केवाईसी कराना किसानों के लिए दिक्कत तलब हो सकता है। सत्यापन प्रक्रिया इसी मार्च यानी मार्च के अंदर ही करानी है, नहीं तो अगले वित्तीय वर्ष 2022-23 की किसान सम्मान निधि रुक जाएगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को केंद्र सरकार की ओर प्रतिवर्ष 6000 रुपये की वित्तीय सहायता उनके खाते में उपलब्ध कराई जाती है। जिले में मौजूदा समय ढाई लाख पंजीकृत किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है।
यह धनराशि लाभार्थी के खाते में 2000 रुपये की तीन समान किस्तों में ट्रांसफर की जाती है। अब अप्रैल माह में किस्त की धनराशि किसानों को प्राप्त होगी। अब तक दो-दो हजार रुपये की 10 किस्त किसानों के खाते में ट्रांसफर की जा चुकीं हैं। 10 वीं किस्त जनवरी माह में खाते भी भेजी गई थी।
विज्ञापन
इससे पहले सरकार ने ई-केवाईसी सत्यापित कराने का निर्देश जारी कर दिया है। इसके तहत पहले किसान सम्मान निधि के पोर्टल पर किसानों को ई-केवाईसी विकल्प के माध्यम से ओटीपी आधारित सत्यापन करना है।
इसके लिए आधार में मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी है। ओटीपी उसी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ही आएगा। यह प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जन सुविधा केंद्र पर बायोमीट्रिक सत्यापन कराना होगा।
इस प्रक्रिया को पूरा करने में किसानों के अभी से हाथ-पांव फूल रहे हैं।
ई-केवाईसी कराने के लिए आधार कार्ड में मोबाइल नंबर का लिंक होना जरूरी है। इसके बाद प्रधानमंत्री सम्मान निधि के पोर्टल पर जाकर ई-केवाईसी विकल्प की मदद से आवेदक को ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) उपलब्ध होगा।
इसी के आधार पर सत्यापन होगा। इसके बाद जनसेवा केंद्र के माध्यम से बायोमीट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है। इन प्रक्रियाओं से बचने के लिये सीधे पंजीकृत जनसेवा केंद्र पर जाकर एक बार में ही प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं।
अपने मोबाइल फोन से भी इसे कर सकते हैं। इसके लिये सर्वप्रथम पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। पेज के दाईं ओर उपलब्ध ई-केवाईसी के विकल्प पर क्लिक करें।
फिर आधार नंबर, कैप्चा कोड का उल्लेख कर सर्च पर क्लिक करें। इसके बाद आधार कार्ड से संबद्ध मोबाइल नंबर दर्ज करें।
'Get OTP' पर उसे अपडेट करें।
मोबाइल नंबर बन रहा परेशानी
जनपद में आधार कार्ड में सुधार के लिए कुछ जन सुविधा केंद्र ही काम कर रहे हैं। ऐसे में आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक करवाने वाले किसानों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
हालांकि जिन किसानों के आधार से मोबाइल लिंक है। उन्हें ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
किसान अनमोल का कहना है कि उन्हें एक बार भी किसान सम्मान निधि नहीं मिली। अब हर दिन नए नियम सिर्फ उन लोगों को परेशान करने के लिए बनाए जा रहे हैं।
किसान रामकृष्ण का कहना है कि किसान वैसे भी महंगाई की मार झेल रहा है अब नया नियम बनाकर सरकार परेशानी बढ़ा रही है।
बयान:
इस संबंध में शासन से पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र में सभी लाभार्थियों को ई-केवाईसी और बायोमीट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य बताया गया है। किसान अपने मोबाइल फोन या जन सुविधा केंद्र की मदद से इस प्रक्रिया को पूरा करा सकते हैं।
अभिनंदन सिंह जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को केंद्र सरकार की ओर प्रतिवर्ष 6000 रुपये की वित्तीय सहायता उनके खाते में उपलब्ध कराई जाती है। जिले में मौजूदा समय ढाई लाख पंजीकृत किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है।
विज्ञापन
यह धनराशि लाभार्थी के खाते में 2000 रुपये की तीन समान किस्तों में ट्रांसफर की जाती है। अब अप्रैल माह में किस्त की धनराशि किसानों को प्राप्त होगी। अब तक दो-दो हजार रुपये की 10 किस्त किसानों के खाते में ट्रांसफर की जा चुकीं हैं। 10 वीं किस्त जनवरी माह में खाते भी भेजी गई थी।
विज्ञापन
इससे पहले सरकार ने ई-केवाईसी सत्यापित कराने का निर्देश जारी कर दिया है। इसके तहत पहले किसान सम्मान निधि के पोर्टल पर किसानों को ई-केवाईसी विकल्प के माध्यम से ओटीपी आधारित सत्यापन करना है।
इसके लिए आधार में मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी है। ओटीपी उसी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ही आएगा। यह प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जन सुविधा केंद्र पर बायोमीट्रिक सत्यापन कराना होगा।
इस प्रक्रिया को पूरा करने में किसानों के अभी से हाथ-पांव फूल रहे हैं।
ई-केवाईसी कराने के लिए आधार कार्ड में मोबाइल नंबर का लिंक होना जरूरी है। इसके बाद प्रधानमंत्री सम्मान निधि के पोर्टल पर जाकर ई-केवाईसी विकल्प की मदद से आवेदक को ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) उपलब्ध होगा।
इसी के आधार पर सत्यापन होगा। इसके बाद जनसेवा केंद्र के माध्यम से बायोमीट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है। इन प्रक्रियाओं से बचने के लिये सीधे पंजीकृत जनसेवा केंद्र पर जाकर एक बार में ही प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं।
अपने मोबाइल फोन से भी इसे कर सकते हैं। इसके लिये सर्वप्रथम पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। पेज के दाईं ओर उपलब्ध ई-केवाईसी के विकल्प पर क्लिक करें।
फिर आधार नंबर, कैप्चा कोड का उल्लेख कर सर्च पर क्लिक करें। इसके बाद आधार कार्ड से संबद्ध मोबाइल नंबर दर्ज करें।
'Get OTP' पर उसे अपडेट करें।
मोबाइल नंबर बन रहा परेशानी
जनपद में आधार कार्ड में सुधार के लिए कुछ जन सुविधा केंद्र ही काम कर रहे हैं। ऐसे में आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक करवाने वाले किसानों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
हालांकि जिन किसानों के आधार से मोबाइल लिंक है। उन्हें ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
किसान अनमोल का कहना है कि उन्हें एक बार भी किसान सम्मान निधि नहीं मिली। अब हर दिन नए नियम सिर्फ उन लोगों को परेशान करने के लिए बनाए जा रहे हैं।
किसान रामकृष्ण का कहना है कि किसान वैसे भी महंगाई की मार झेल रहा है अब नया नियम बनाकर सरकार परेशानी बढ़ा रही है।
बयान:
इस संबंध में शासन से पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र में सभी लाभार्थियों को ई-केवाईसी और बायोमीट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य बताया गया है। किसान अपने मोबाइल फोन या जन सुविधा केंद्र की मदद से इस प्रक्रिया को पूरा करा सकते हैं।
अभिनंदन सिंह जिला कृषि अधिकारी