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सैंपल ठीक, फिर भी नहीं ले रहे धान
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इटावा। भले ही कुछ दिन पूर्व कानपुर मंडल की धान क्रय केंद्रों की नोडल अधिकारी बी चंद्रकला ने नई मंडी धान क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कर, केंद्र प्रभारियों को दिशा निर्देश दिए हों, लेकिन केंद्र प्रभारियों की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ रहा, जिससे किसान परेशान हो रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि सैंपल पास होने के बावजूद धान मंगाने के बाद रिजेक्ट कर दिया जा रहा है। धान रिजेक्ट होते ही बिचौलिये तत्काल 1500 रुपये में धान खरीदने आ जाते हैं। तारीख मिलने पर भी नहीं खरीदा जा रहा धान।
किसानों ने कहा कि परेशानी इस बात की है कि शिकायत आखिर कहां करें। टोल फ्री नंबर भी नहीं लगता। ग्राम बख्तियारपुर (चौबिया) के किसान राधा किशन ने बताया कि पिता ने धान बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया था।
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बुधवार को धान का सैंपल लेकर आने पर केंद्र प्रभारी ने ऑनलाइन पंजीकरण कागज लेकर आने को कहा। दोनों लेकर आने पर कहा कि पूरा धान लेकर आए।
ग्राम खड़कौली से आए किसान विनय कुमार ने बताया कि उसे तीन दिसंबर की तारीख मिली थी। 80 क्विंटल धान लेकर आने पर धान नहीं खरीदा गया। किराए के वाहन से धान लाकर क्रय केंद्र के सामने पलटने पर केंद्र प्रभारी ने उल्टे एफआईआर कराने की धमकी दे डाली।
ग्राम कुड़ैला के किसान रामऔतार ने बताया कि 312 क्विंटल धान बेचने का टोकन मिलने पर किराए के वाहन से 90 क्विंटल धान लेकर आए थे। केंद्र के सामने धान पलटा दिया, लेकिन धान लेने की बजाए केंद्र प्रभारी कहने लगे धान क्यों पलटा दिया।
टोल फ्री नंबर पर फोन लगाने पर नहीं लगा। तब परेशान होकर मुख्यमंत्री के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई।
सैंपल पास होने पर भी नहीं खरीदा धान
ग्राम टकपुरा (चौपुला) से आए किसान देवकी नंदन का आरोप है कि 16 नवंबर को धान का सैंपल पास होने के बावजूद अब तक धान नहीं खरीदा गया। तब से लेकर दो-तीन बार आ चुके हैं, लेकिन धान खरीदने को लेकर कोई कुछ नहीं बता रहा है।
आरोप लगाया कि क्रय केंद्र प्रभारी और मिलर्स के बिचौलियों के बीच गहरी साठगांठ है। इस वजह से धान नहीं खरीदा जा रहा है।
तारीख मिलने के बाद भी नहीं खरीदा
नई मंडी में धान बेचने आए उनवा संतोषपुर से आए किसान मदन लाल ने बताया कि तीन दिसंबर की तारीख मिली थी, लेकिन फिर भी धान नहीं खरीद रहे। ग्राम शबी (बसरेहर) से आए किसान वीरेंद्र सिंह ने बताया कि धान रिजक्ट कर दिया।
ग्राम भैसरई से आए किसान रामजीत ने कहा कि धान केंद्र पर पहले भी कई बार आए। रजिस्टर में सैंपल पास हो चुका है और रजिस्टर में भी दर्ज होने के बावजूद तारीख नहीं दे रहे हैं।
नई मंडी में नहीं है कोई अव्यवस्था
नई मंडी में कोई अव्यवस्था नहीं है। रजिस्टर बनवा दिया है। आने वाले किसानों की एंटी दर्ज करवाने के बाद उन्हें बता दिया जाता है कि उन्हें किस केंद्र पर धान बेचना है। वह रोज दो-दो घंटे मंडी में बैठ रहे हैं।
- राजेंद्र प्रसाद, सिटी मजिस्ट्रेट
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किसानों का आरोप है कि सैंपल पास होने के बावजूद धान मंगाने के बाद रिजेक्ट कर दिया जा रहा है। धान रिजेक्ट होते ही बिचौलिये तत्काल 1500 रुपये में धान खरीदने आ जाते हैं। तारीख मिलने पर भी नहीं खरीदा जा रहा धान।
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किसानों ने कहा कि परेशानी इस बात की है कि शिकायत आखिर कहां करें। टोल फ्री नंबर भी नहीं लगता। ग्राम बख्तियारपुर (चौबिया) के किसान राधा किशन ने बताया कि पिता ने धान बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया था।
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बुधवार को धान का सैंपल लेकर आने पर केंद्र प्रभारी ने ऑनलाइन पंजीकरण कागज लेकर आने को कहा। दोनों लेकर आने पर कहा कि पूरा धान लेकर आए।
ग्राम खड़कौली से आए किसान विनय कुमार ने बताया कि उसे तीन दिसंबर की तारीख मिली थी। 80 क्विंटल धान लेकर आने पर धान नहीं खरीदा गया। किराए के वाहन से धान लाकर क्रय केंद्र के सामने पलटने पर केंद्र प्रभारी ने उल्टे एफआईआर कराने की धमकी दे डाली।
ग्राम कुड़ैला के किसान रामऔतार ने बताया कि 312 क्विंटल धान बेचने का टोकन मिलने पर किराए के वाहन से 90 क्विंटल धान लेकर आए थे। केंद्र के सामने धान पलटा दिया, लेकिन धान लेने की बजाए केंद्र प्रभारी कहने लगे धान क्यों पलटा दिया।
टोल फ्री नंबर पर फोन लगाने पर नहीं लगा। तब परेशान होकर मुख्यमंत्री के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई।
सैंपल पास होने पर भी नहीं खरीदा धान
ग्राम टकपुरा (चौपुला) से आए किसान देवकी नंदन का आरोप है कि 16 नवंबर को धान का सैंपल पास होने के बावजूद अब तक धान नहीं खरीदा गया। तब से लेकर दो-तीन बार आ चुके हैं, लेकिन धान खरीदने को लेकर कोई कुछ नहीं बता रहा है।
आरोप लगाया कि क्रय केंद्र प्रभारी और मिलर्स के बिचौलियों के बीच गहरी साठगांठ है। इस वजह से धान नहीं खरीदा जा रहा है।
तारीख मिलने के बाद भी नहीं खरीदा
नई मंडी में धान बेचने आए उनवा संतोषपुर से आए किसान मदन लाल ने बताया कि तीन दिसंबर की तारीख मिली थी, लेकिन फिर भी धान नहीं खरीद रहे। ग्राम शबी (बसरेहर) से आए किसान वीरेंद्र सिंह ने बताया कि धान रिजक्ट कर दिया।
ग्राम भैसरई से आए किसान रामजीत ने कहा कि धान केंद्र पर पहले भी कई बार आए। रजिस्टर में सैंपल पास हो चुका है और रजिस्टर में भी दर्ज होने के बावजूद तारीख नहीं दे रहे हैं।
नई मंडी में नहीं है कोई अव्यवस्था
नई मंडी में कोई अव्यवस्था नहीं है। रजिस्टर बनवा दिया है। आने वाले किसानों की एंटी दर्ज करवाने के बाद उन्हें बता दिया जाता है कि उन्हें किस केंद्र पर धान बेचना है। वह रोज दो-दो घंटे मंडी में बैठ रहे हैं।
- राजेंद्र प्रसाद, सिटी मजिस्ट्रेट