{"_id":"6ae0f02a6ce20294ae09af54","slug":"land-sold-after-creating-a-fake-aadhaar-card-for-a-visually-impaired-person-etawah-news-c-216-1-etw1015-152152-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: दृष्टिबाधित व्यक्ति का फर्जी आधार कार्ड बनाकर बेची जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: दृष्टिबाधित व्यक्ति का फर्जी आधार कार्ड बनाकर बेची जमीन
Wed, 28 Oct 2026 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Wed, 28 Oct 2026 12:10 AM IST
विज्ञापन
जसवंतनगर। बलरई थाना क्षेत्र के कोकावली गांव में दृष्टिबाधित और कम सुनने वाले व्यक्ति की पैतृक जमीन फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेज के सहारे बेच दी गई। पीड़ित ने अपने भाई समेत छह लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई है।
गांव निवासी रामपाल सिंह ने बताया कि वह अपने बड़े भाई रघुवीर सिंह के साथ चंडीगढ़ में रहते हैं। आरोप है कि उनके भाई राम सिंह ने उनके नाम से फर्जी आधार कार्ड तैयार कर मौजा कोकावली में उनके एक-चौथाई हिस्से की जमीन दुर्गापुरा मौजा धरवार निवासी मुकेश कुमार को बेच दी।
21 जून 2025 को राम सिंह, जमीन खरीदने वाले मुकेश कुमार, गवाह अमर सिंह और दिलीप कुमार व बैनामा लेखक शिवराम ने साजिश कर कूटरचित दस्तावेज के आधार पर बैनामा कराया। इसके बाद 19 सितंबर 2025 को जमीन का दाखिल-खारिज भी करा दिया गया।
विज्ञापन
पीड़ित का कहना है कि उनका आज तक आधार कार्ड बना ही नहीं है और बैनामे पर किए गए हस्ताक्षर भी उनके नहीं हैं। गांव लौटने के बाद तहसील में जांच कराने पर उन्हें फर्जीवाड़े की जानकारी हुई।
उन्होंने 13 जुलाई को जसवंतनगर थाने और 14 जुलाई को एसएसपी से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। थाना प्रभारी आलोक कुमार ने बताया कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
गांव निवासी रामपाल सिंह ने बताया कि वह अपने बड़े भाई रघुवीर सिंह के साथ चंडीगढ़ में रहते हैं। आरोप है कि उनके भाई राम सिंह ने उनके नाम से फर्जी आधार कार्ड तैयार कर मौजा कोकावली में उनके एक-चौथाई हिस्से की जमीन दुर्गापुरा मौजा धरवार निवासी मुकेश कुमार को बेच दी।
विज्ञापन
21 जून 2025 को राम सिंह, जमीन खरीदने वाले मुकेश कुमार, गवाह अमर सिंह और दिलीप कुमार व बैनामा लेखक शिवराम ने साजिश कर कूटरचित दस्तावेज के आधार पर बैनामा कराया। इसके बाद 19 सितंबर 2025 को जमीन का दाखिल-खारिज भी करा दिया गया।
विज्ञापन
पीड़ित का कहना है कि उनका आज तक आधार कार्ड बना ही नहीं है और बैनामे पर किए गए हस्ताक्षर भी उनके नहीं हैं। गांव लौटने के बाद तहसील में जांच कराने पर उन्हें फर्जीवाड़े की जानकारी हुई।
उन्होंने 13 जुलाई को जसवंतनगर थाने और 14 जुलाई को एसएसपी से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। थाना प्रभारी आलोक कुमार ने बताया कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।