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Etawah News: रोडवेज बसें चलीं पर निजी वाहनों का रहा चक्का जाम
Tue, 02 Jan 2024 11:31 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Tue, 02 Jan 2024 11:31 PM IST
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इटावा। हिट एंड रन के नए कानून के विरोध में दूसरे दिन निजी वाहनों का चक्का जाम जारी रहा। हालांकि पुलिस-प्रशासन की निगरानी में रोडवेज बसें चलवाई गईं। रोडवेज की 40 बसें चलने से लोगों को कुछ राहत मिल सकी, लेकिन भरथना, बिधूना समेत छोटे रूटों पर निजी बसें और अन्य वाहनों के आवागमन न होने से समस्या रही। देर रात वार्ता के बाद हड़ताल खत्म हो गई।
वहीं, ट्रक न चलने की वजह से दो दिनों में ट्रांसपोर्टरों का लगभग एक करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। उधर, मालवाहक वाहन न चलने से मंडी का व्यापार प्रभावित रहा। पेट्रोल पंपों पर भी पेट्रोल, डीजल की किल्लत होने की चिंता बनी रही।
हिट एंड रन के कानून में संशोधन कर उसमें सजा और जुर्माना बढ़ाए जाने से चालकों में नाराजगी है। दूसरे दिन मंगलवार को रोडवेज के अधिकारियों और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में सुबह से ही बसें रवाना कराई जाने लगीं। सैफई डिपो और इटावा डिपो की कुल 40 बसाें का संचालन हो सका। सुबह से एसडीएम सदर विक्रम राघव, सीओ सिटी अमित सिंह और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह चौहान पुलिस बल के साथ बस स्टैंड परिसर पर तैनात रहे।
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दोपहर करीब डेढ़ बजे डीएम अवनीश राय, एसएसपी संजय कुमार वर्मा और एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव रोडवेज बस स्टैंड व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। अधिकारियों ने चालकों से बात की। उनसे कहा कि यात्रियों को कोई परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने चालकों से बसें चलाने की अपील की। कहा कि यदि उन्हें कोई परेशानी हो तो पुलिस प्रशासन को अवगत कराकर सहयोग लिया जाए।
उधर, अशोक नगर की बगिया में बने भरथना-बिधूना निजी बस स्टैंड पर भी पहुंचकर बस मालिकों और चालकों से बात की। बस मालिकों ने बताया कि नया कानून आने के बाद से चालकों में डर व्याप्त है। वह बस चलाने के लिए नहीं आ रहे हैं। चालक सत्यप्रकाश ने कहा कि नया नियम बनने से गरीब तबके का चालक डरा हुआ है। 10 हजार की नौकरी करने वाला इतना बड़ा जुर्माना कहां से दे सकेगा। डीएम ने जल्द ही चालकों के साथ एक बैठक करके उन्हें समझाने का आश्वासन दिया। बस मालिक मुकेश ने बताया कि बिधूना मार्ग पर लगभग 36 बसें संचालित हैं। दो दिन से बसें न चलने की वजह से करीब चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अभी कब तक यही स्थिति रहेगी यह भी कह पाना मुश्किल है। वहीं ग्वालियर बस स्टैंड की भी यही स्थिति करीब 16 बसों का संचालन न होने की वजह से भिंड, ग्वालियर का भी आवागमन बाधित रहा।
लोगों की बात
चालकों की हड़ताल से ट्रांसपोर्टरों के ट्रक शहर में तखिया, पक्के बाग रोड पर, पेट्रोल पंपों के किनारे खड़े रहे। ट्रांसपोर्टर कमलेश भदौरिया ने बताया कि जिले में लगभग 25 बड़े ट्रांसपोर्टर हैं। जिनके पास बड़ी-बड़ी संख्या में ट्रक और डंपर हैं। दो दिनों से चालकों की हड़ताल होने की वजह से वाहन जहां तहां खड़े हैं। दो दिनों में ट्रांसपोर्टरों का लगभग एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आढ़ती असरार अहमद ने बताया कि इटावा मंडी का आलू महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीगढ़ समेत कई प्रदेशों तक जाता है। चालकों की हड़ताल की वजह से ट्रांसपोर्टर गाड़ियां उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में माल को बाहर नहीं भिजवा पा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही चालकों की नाराजगी दूर होगी और काम शुरू हो सकेगा।पेट्रोल पंप एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र भदौरिया ने बताया कि अभी फिलहाल पेट्रोल सभी पेट्रोल पंपों पर है, लेकिन यदि चालक इसी तरह अघोषित हड़ताल पर बने रहे तो भविष्य में समस्या हो सकती है। ऐसे में जिला प्रशासन से अपील है कि जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाए। आढ़ती संघ भरथना के अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने बताया कि चालकों की हड़ताल से धान की लोडिंग का काम प्रभावित हुआ है। मंडी में तकरीबन साढे़ तीन सौ आढ़ती है। प्रत्येक आढ़ती के पास लगभग पांच हजार धान के बोरे लोडिंग के लिए रखे हैं। उम्मीद है जल्द ही चालकों की नाराजगी दूर होगी।
नगरिया से आ रही रोडवेज बस को ऑटो चालकों ने रोका
भरथना। नगरिया से इटावा आ रही रोडवेज बस को भरथना में ऑटो चालकों ने रुकवा लिया। सूचना पर पुलिस और रोडवेज अधिकारियों में खलबली मच गई। आनन-फानन में पहुंची थाना पुलिस ने बस को रवाना कराया। वहीं इटावा, बिधूना समेत बकेवर,ऊसराहार आने जाने वाली प्राइवेट बस दूसरे दिन भी चलने से यात्रियों को ऑटो आदि लोडर वाहनों से आवागमन करना पड़ा। (संवाद)
ग्रामीण क्षेत्राें में ऑटो की भी संख्या रही कम, हुई परेशानी
जसवंतनगर/बकेवर/चकरनगर। मंगलवार को एसडीएम दीपशिखा सिंह व क्षेत्राधिकारी अतुल प्रधान वाहन चालकों की हड़ताल को लेकर दिन भर चौकन्ना रहे। कुछ स्थानों पर ट्रक खड़े दिखे तो थाना प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे ने खदेड़ कर भगा दिया। एसडीएम व क्षेत्राधिकारी समेत थाना प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे ने नगर के बस स्टैंड समीप मौजूद ट्रक, टेंपो, बस मालिक व ड्राइवरों को सड़कों पर अनावश्यक व्यवधान एवं अनावश्यक रूप से ट्रक खड़ा करने से मना किया। उधर, बकेवर कस्बा के चौराहे पर इटावा से बाबरपुर, लखना भरथना को सवारियां चलने वाले स्थानों पर ऑटो खड़े तो दिखे, लेकिन वे सभी ऑटो खड़े रखकर हड़ताल कर रहे थे। सवारियां ऑटो के पास आती तो वे उनसे नहीं जा रहे होने की बात कहते रहे। इससे सवारियां जाने के लिए परेशान रही। एसडीएम भरथना कुमार सत्यम जीत हाईवे पर इस दौरान अनंतराम टोल से लेकर इटावा तक भ्रमण करते हुए नजर रखे रहे। उधर, चकरनगर में भी कस्वे और हनुमंतपुर चौराहा पर दूसरे दिन हड़ताल का खासा असर दिखाई दिया। बीहड़ क्षेत्र में टैंपो चालकों की हड़ताल से राहगीरों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सवारी न मिलने से कोचिंग जाने वाले छात्र छात्राओं को वापस घर लौटना पड़ा। वाहन न चलने से लोग बाजार नही पहुंच सके जिससे बाजारों में चारों तरफ सुनसान पड़ी रही। (संवाद)
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वहीं, ट्रक न चलने की वजह से दो दिनों में ट्रांसपोर्टरों का लगभग एक करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। उधर, मालवाहक वाहन न चलने से मंडी का व्यापार प्रभावित रहा। पेट्रोल पंपों पर भी पेट्रोल, डीजल की किल्लत होने की चिंता बनी रही।
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हिट एंड रन के कानून में संशोधन कर उसमें सजा और जुर्माना बढ़ाए जाने से चालकों में नाराजगी है। दूसरे दिन मंगलवार को रोडवेज के अधिकारियों और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में सुबह से ही बसें रवाना कराई जाने लगीं। सैफई डिपो और इटावा डिपो की कुल 40 बसाें का संचालन हो सका। सुबह से एसडीएम सदर विक्रम राघव, सीओ सिटी अमित सिंह और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह चौहान पुलिस बल के साथ बस स्टैंड परिसर पर तैनात रहे।
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दोपहर करीब डेढ़ बजे डीएम अवनीश राय, एसएसपी संजय कुमार वर्मा और एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव रोडवेज बस स्टैंड व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। अधिकारियों ने चालकों से बात की। उनसे कहा कि यात्रियों को कोई परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने चालकों से बसें चलाने की अपील की। कहा कि यदि उन्हें कोई परेशानी हो तो पुलिस प्रशासन को अवगत कराकर सहयोग लिया जाए।
उधर, अशोक नगर की बगिया में बने भरथना-बिधूना निजी बस स्टैंड पर भी पहुंचकर बस मालिकों और चालकों से बात की। बस मालिकों ने बताया कि नया कानून आने के बाद से चालकों में डर व्याप्त है। वह बस चलाने के लिए नहीं आ रहे हैं। चालक सत्यप्रकाश ने कहा कि नया नियम बनने से गरीब तबके का चालक डरा हुआ है। 10 हजार की नौकरी करने वाला इतना बड़ा जुर्माना कहां से दे सकेगा। डीएम ने जल्द ही चालकों के साथ एक बैठक करके उन्हें समझाने का आश्वासन दिया। बस मालिक मुकेश ने बताया कि बिधूना मार्ग पर लगभग 36 बसें संचालित हैं। दो दिन से बसें न चलने की वजह से करीब चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अभी कब तक यही स्थिति रहेगी यह भी कह पाना मुश्किल है। वहीं ग्वालियर बस स्टैंड की भी यही स्थिति करीब 16 बसों का संचालन न होने की वजह से भिंड, ग्वालियर का भी आवागमन बाधित रहा।
लोगों की बात
चालकों की हड़ताल से ट्रांसपोर्टरों के ट्रक शहर में तखिया, पक्के बाग रोड पर, पेट्रोल पंपों के किनारे खड़े रहे। ट्रांसपोर्टर कमलेश भदौरिया ने बताया कि जिले में लगभग 25 बड़े ट्रांसपोर्टर हैं। जिनके पास बड़ी-बड़ी संख्या में ट्रक और डंपर हैं। दो दिनों से चालकों की हड़ताल होने की वजह से वाहन जहां तहां खड़े हैं। दो दिनों में ट्रांसपोर्टरों का लगभग एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आढ़ती असरार अहमद ने बताया कि इटावा मंडी का आलू महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीगढ़ समेत कई प्रदेशों तक जाता है। चालकों की हड़ताल की वजह से ट्रांसपोर्टर गाड़ियां उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में माल को बाहर नहीं भिजवा पा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही चालकों की नाराजगी दूर होगी और काम शुरू हो सकेगा।पेट्रोल पंप एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र भदौरिया ने बताया कि अभी फिलहाल पेट्रोल सभी पेट्रोल पंपों पर है, लेकिन यदि चालक इसी तरह अघोषित हड़ताल पर बने रहे तो भविष्य में समस्या हो सकती है। ऐसे में जिला प्रशासन से अपील है कि जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाए। आढ़ती संघ भरथना के अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने बताया कि चालकों की हड़ताल से धान की लोडिंग का काम प्रभावित हुआ है। मंडी में तकरीबन साढे़ तीन सौ आढ़ती है। प्रत्येक आढ़ती के पास लगभग पांच हजार धान के बोरे लोडिंग के लिए रखे हैं। उम्मीद है जल्द ही चालकों की नाराजगी दूर होगी।
नगरिया से आ रही रोडवेज बस को ऑटो चालकों ने रोका
भरथना। नगरिया से इटावा आ रही रोडवेज बस को भरथना में ऑटो चालकों ने रुकवा लिया। सूचना पर पुलिस और रोडवेज अधिकारियों में खलबली मच गई। आनन-फानन में पहुंची थाना पुलिस ने बस को रवाना कराया। वहीं इटावा, बिधूना समेत बकेवर,ऊसराहार आने जाने वाली प्राइवेट बस दूसरे दिन भी चलने से यात्रियों को ऑटो आदि लोडर वाहनों से आवागमन करना पड़ा। (संवाद)
ग्रामीण क्षेत्राें में ऑटो की भी संख्या रही कम, हुई परेशानी
जसवंतनगर/बकेवर/चकरनगर। मंगलवार को एसडीएम दीपशिखा सिंह व क्षेत्राधिकारी अतुल प्रधान वाहन चालकों की हड़ताल को लेकर दिन भर चौकन्ना रहे। कुछ स्थानों पर ट्रक खड़े दिखे तो थाना प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे ने खदेड़ कर भगा दिया। एसडीएम व क्षेत्राधिकारी समेत थाना प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे ने नगर के बस स्टैंड समीप मौजूद ट्रक, टेंपो, बस मालिक व ड्राइवरों को सड़कों पर अनावश्यक व्यवधान एवं अनावश्यक रूप से ट्रक खड़ा करने से मना किया। उधर, बकेवर कस्बा के चौराहे पर इटावा से बाबरपुर, लखना भरथना को सवारियां चलने वाले स्थानों पर ऑटो खड़े तो दिखे, लेकिन वे सभी ऑटो खड़े रखकर हड़ताल कर रहे थे। सवारियां ऑटो के पास आती तो वे उनसे नहीं जा रहे होने की बात कहते रहे। इससे सवारियां जाने के लिए परेशान रही। एसडीएम भरथना कुमार सत्यम जीत हाईवे पर इस दौरान अनंतराम टोल से लेकर इटावा तक भ्रमण करते हुए नजर रखे रहे। उधर, चकरनगर में भी कस्वे और हनुमंतपुर चौराहा पर दूसरे दिन हड़ताल का खासा असर दिखाई दिया। बीहड़ क्षेत्र में टैंपो चालकों की हड़ताल से राहगीरों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सवारी न मिलने से कोचिंग जाने वाले छात्र छात्राओं को वापस घर लौटना पड़ा। वाहन न चलने से लोग बाजार नही पहुंच सके जिससे बाजारों में चारों तरफ सुनसान पड़ी रही। (संवाद)