फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Rising costs and shrinking profits: Farmers are turning away from the paddy crop.

Etawah News: लागत बढ़ी, मुनाफा घटा, धान की फसल से मुंह मोड़ रहे किसान

Mon, 29 Jun 2026 11:01 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2026 11:01 PM IST
विज्ञापन
Rising costs and shrinking profits: Farmers are turning away from the paddy crop.
बकेवर। लागत अधिक और मुनाफा कम होने के चलते अब तमाम किसानों ने धान की फसल कम करने का मन बना लिया है। कोई पिछले साल की अपेक्षा रकबे को घटाकर आधा कर रहा है तो कोई तिहाई फसल ही करने की तैयारी में है। इसके पीछे किसान धान में लागत अधिक आने व कुछ भी मुनाफा न मिलने की बात कर रहे हैं। कई किसान बाजरे की फसल की बोआई की भी तैयारी में हैं।
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि खाद, बीज, डीजल व जुताई महंगी होने से खेती की लागत बढ़ गई है। जबकि फसलों के मूल्य उन्हें इतना नहीं मिल पा रहा है। डीएपी खाद का मूल्य अब 1350 से भी ज्यादा हो गया है। डीजल के भाव में दो साल में पांच से सात रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो गयी है। इससे खेतों की टैक्टर से जोताई भी 25 से 50 रुपये प्रति बीघा बढ़ गई है। डीजल बढ़ने से सिंचाई भी इंजन के माध्यम से दो सौ की जगह ढाई सौ रुपये प्रति घंटा तक हो गई है। खरीफ की मुख्य फसल के रूप में धान की फसल की पहचान है। महेवा क्षेत्र में धान का रकबा पिछले वर्ष 6605 हेक्टेयर था। अगर किसानों का मूड बदला रहा तो इस साल इसके घटने की आशंका है। धान की कुल फसल के तीन चौथाई रकबे में अकेले सुगंधा धान पिछले साल किसानों ने बोया था। बाकी एक चौथाई में मोटा व अन्य धान का रकबा था। तीन चार साल पहले सुगंधा धान का भाव कुछ ठीक मिलने से किसानों का झुकाव इसकी ओर हुआ था लेकिन पिछले दो साल से सुगंधा प्रजाति के धान का भाव भी मंडी में किसानों को ठीक नहीं मिल रहा है। यही कारण है कि अब महेवा क्षेत्र के कई किसान धान की फसल का रकबा घटाने की तैयारी में हैं। किसान श्यामू त्रिपाठी ने बताया कि पिछले साल उन्होंने 80 बीघा धान का रकबा किया था। फसल का अच्छा पैसा नहीं मिला। इस साल वह सिर्फ तीस बीघा में ही घान की फसल करेंगे। किसान रामआसरे व सुमन पांडेय इस साल धान की जगह बाजरा की फसल करने की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन

कुड़रिया गांव निवासी किसान सुबोध तिवारी ने बताया कि पिछले साल उन्होंने 70 बीघा में धान की फसल की थी। मुनाफा अच्छा न होने से इस साल 40 बीघा के करीब ही धान की रोपाई करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्राम केशोंपुर निवासी किसान ध्रुव तिवारी ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने करीब 15 बीघा में धान की फसल की थी इस साल मात्र सात बीघा ही धान कर रहे हैं। बाकी की जगह बाजरा की फसल करेंगे।

वर्जन
इस साल कई किसान धान का रकबा कम कर रहे हैं। इसके के पीछे लागत व पैदावार का सही मूल्य न मिल पाना भी है। पिछले साल महेवा ब्लॉक क्षेत्र में 6605 हेक्टेयर में धान का रकबा था। जिसमें 4550 हेक्टेयर में सुगंधा प्रजाति का धान था। इस बार बारिश कम होने की आशंका के चलते किसान धान का रखवा कम कर रहे हैं।
हर्ष कुमार, एडीओ कृषि महेवा
..................................
एक एकड़ में लागत धान की फसल की लागत
जुताई रोपाई की लागत 15 हजार रुपये
खाद 2400 रुपये
बीज 1000 से 1500 रुपये
दवा कीटनाशक 3000 से 5000 रुपये
सिंचाई 3000 रुपये
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed