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आज से गूंजेगा, आज मेरे यार की शादी है
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
Updated Fri, 15 Jan 2016 12:17 AM IST
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धन और मीन की संक्रांत में विवाह आदि नहीं होते इस माह को खर मास कहा जाता
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है। धन की संक्रांत आज समाप्त हो जाएगी और सूर्य मकर राशि में आज सुबह ही
प्रवेश करेगा, इसलिए मकर संक्रांति शुक्रवार को मनाई जाएगी। इसी के साथ आज
से ही सहालग भी शुरू हो जाएगी।
शहर से गांव तक के गली मोहल्लों में बैंड बाजों के साथ ‘आज मेरे यार की शादी है’ गीत गूंजने लगेगा। विवाह के लिए पहले से ही धर्मशाला और होटल बुक किए जा चुके हैं। बैंडबाजा, घोड़ा, बग्घी व पंडितों की बुकिंग तीन महीने पहले ही हो चुकी है। लगभग एक माह से विवाह का कोई मुहूर्त न होने के कारण लोगों को इस शुभ दिन का इंतजार था।
यही कारण है कि 25 दिन के इस विशेष लगभन में हर तरफ शादियों की भरमार रहेगी। शहर के जाने माने ज्योतिषाचार्य पं शिव किशारे दुबे के अनुसार जिन जोड़ों के लिए सहालग में शुभ लग्न नहीं बनते, उनकी शादी मकर संक्रांति, बसंत पंचमी और फुलेरा दूज के दिन हो सकती है। उनके अनुसार पांच मार्च तक विवाह का लग्न है। इसके बाद अप्रैल में कुछ शुभ लग्न हैं। इस सीजन में 26 अप्रैल तक की सहालग है।
पंडित जी एक दिन में पढे़गे दो-दो शादियों में मंत्र
लगभन शुरू होने के बाद सबसे अधिक अगर कोई व्यस्त होगा तो वह पंडित जी होंगे। उनके पास एक दिन में तीन-तीन शादियां कराने की जिम्मेदारी है। पंडित जी ने ऐसे में परिचित ब्राह्मण को अपने जजमान के यहां विवाह कराने की जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
पंडितों के अनुसार लोकल में एक दिन में दो शादियां कराई जा सकती हैं, लेकिन बाहर नहीं। फेरों के समय में समय आगे पीछे करके कई ब्राह्मणों ने दो-दो शादियां कराने की जिम्मेदारी ले रखी है।
शहर से गांव तक के गली मोहल्लों में बैंड बाजों के साथ ‘आज मेरे यार की शादी है’ गीत गूंजने लगेगा। विवाह के लिए पहले से ही धर्मशाला और होटल बुक किए जा चुके हैं। बैंडबाजा, घोड़ा, बग्घी व पंडितों की बुकिंग तीन महीने पहले ही हो चुकी है। लगभग एक माह से विवाह का कोई मुहूर्त न होने के कारण लोगों को इस शुभ दिन का इंतजार था।
यही कारण है कि 25 दिन के इस विशेष लगभन में हर तरफ शादियों की भरमार रहेगी। शहर के जाने माने ज्योतिषाचार्य पं शिव किशारे दुबे के अनुसार जिन जोड़ों के लिए सहालग में शुभ लग्न नहीं बनते, उनकी शादी मकर संक्रांति, बसंत पंचमी और फुलेरा दूज के दिन हो सकती है। उनके अनुसार पांच मार्च तक विवाह का लग्न है। इसके बाद अप्रैल में कुछ शुभ लग्न हैं। इस सीजन में 26 अप्रैल तक की सहालग है।
पंडित जी एक दिन में पढे़गे दो-दो शादियों में मंत्र
लगभन शुरू होने के बाद सबसे अधिक अगर कोई व्यस्त होगा तो वह पंडित जी होंगे। उनके पास एक दिन में तीन-तीन शादियां कराने की जिम्मेदारी है। पंडित जी ने ऐसे में परिचित ब्राह्मण को अपने जजमान के यहां विवाह कराने की जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
पंडितों के अनुसार लोकल में एक दिन में दो शादियां कराई जा सकती हैं, लेकिन बाहर नहीं। फेरों के समय में समय आगे पीछे करके कई ब्राह्मणों ने दो-दो शादियां कराने की जिम्मेदारी ले रखी है।