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36 दिन भी नहीं चली 36 लाख में खरीदी गई मशीन
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नगर पालिका में कबाड़ हो रही है 36 लाख की मशीन
- फोटो : ETAWHA
इटावा। नगर पालिका परिषद ने जिस मशीन के खरीद के लिए सरकारी खजाने के 36 लाख रुपये खर्च कर दिए। वह मशीन 36 दिन भी नहीं चली। गैर उपयोगी मशीन अब नगर पालिका कार्यालय के जलकल विभाग के सामने खड़ी-खड़ी कबाड़ हो रही है।
फिलहाल मशीन का कोई उपयोग कर पाने में नगर पालिका अपने को असहाय महसूस कर रही है। इतनी बड़ी धनराशि का उपयोग कर गैर उपयोगी मशीन की खरीद करना समझ से परे हैं।
वर्ष 2015-16 में नगर पालिका परिषद में नगरीय क्षेत्र में सड़कों की खुदाई कर पाइप लाइन बिछाने के लिए मशीन की खरीद की गई। यह मशीन करीब 36 लाख रुपये में खरीदी गई। मशीन का उपयोग इसलिए नहीं हो सका क्योंकि नगर में पाइप लाइन बिछाने का काम जल निगम करवा रहा है।
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नगर पालिका भी पाइप लाइन बिछाने का काम ठेकेदार के माध्यम से करवाती है। ऐसे मेें इस मशीन का कोई उपयोग ही नहीं रहा। मशीन का कोई उपयोग न होने से धूप हो या बरसात पूरे सीजन में खुले में खड़ी मशीन कबाड़ में तब्दील होती जा रही है।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि यह मशीन उनके कार्यकाल से पहले खरीदी गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि मशीन का उपयोग तो है नहीं। पता नहीं किन कारणों से मशीन की खरीद की गई।
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फिलहाल मशीन का कोई उपयोग कर पाने में नगर पालिका अपने को असहाय महसूस कर रही है। इतनी बड़ी धनराशि का उपयोग कर गैर उपयोगी मशीन की खरीद करना समझ से परे हैं।
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वर्ष 2015-16 में नगर पालिका परिषद में नगरीय क्षेत्र में सड़कों की खुदाई कर पाइप लाइन बिछाने के लिए मशीन की खरीद की गई। यह मशीन करीब 36 लाख रुपये में खरीदी गई। मशीन का उपयोग इसलिए नहीं हो सका क्योंकि नगर में पाइप लाइन बिछाने का काम जल निगम करवा रहा है।
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नगर पालिका भी पाइप लाइन बिछाने का काम ठेकेदार के माध्यम से करवाती है। ऐसे मेें इस मशीन का कोई उपयोग ही नहीं रहा। मशीन का कोई उपयोग न होने से धूप हो या बरसात पूरे सीजन में खुले में खड़ी मशीन कबाड़ में तब्दील होती जा रही है।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि यह मशीन उनके कार्यकाल से पहले खरीदी गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि मशीन का उपयोग तो है नहीं। पता नहीं किन कारणों से मशीन की खरीद की गई।