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हॉटकुक्ड पर ताला

Wed, 04 Feb 2015 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Wed, 04 Feb 2015 12:32 AM IST
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Poor children are not get hot cooked meal

आंगनबाड़ी केंद्रों पर पल रहे गरीब परिवार के नौनिहालों को गर्म भोजन (हॉटकुक्ड) देने की व्यवस्था पर ग्रहण लग गया है। अक्तूबर से भुगतान न होने पर जिले के आठ में से सात एनजीओ ने अपने किचन पर ताला लगा दिया है। दो फरवरी से आंगनबाड़ी केंद्रों पर हॉट कुक्ड की सप्लाई ठप है। मजे की बात यह कि कोई भी इसे लेकर संजीदा नहीं है। बाल पुष्टाहार विभाग और एनजीओ दोनों एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं।

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जिले में जुलाई के महीने से आंगनबाड़ी केंद्रों में हॉट कुक्ड यानि गर्म भोजन के वितरण की जिम्मेदारी एनजीओ को सौंपी गई है। पहले यह काम कार्यकत्री के हवाले था। व्यवस्था में बदलाव इसलिए किया गया था कि लूट खसोट रुकेगी और गरीब बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार नियमित गर्म भोजन नसीब होगा।
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अब यह नई व्यवस्था भी कारगर होती नहीं दिख रही। जिले में ब्लाकवार एनजीओ का चयन कर हॉट कुक्ड वितरण का जिम्मा दिया गया है। आठ ब्लाक और नगर इटावा को मिलाकर आठ एनजीओ लगे हैं। ताखा ब्लाक के एनजीओ को जसवंतनगर ब्लाक में भी गर्म भोजन वितरण का दायित्व सौंपा गया है।
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ताखा ब्लाक के एनजीओ को छोड़कर शेष सात एनजीओ ने गत 2 फरवरी से अपने किचन में ताले डाल दिए। इन सभी एनजीओ ने जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में लिखित शिकायत की है कि उनका अक्तूबर माह से भुगतान नहीं हुआ है। लिहाजा हॉट कुक्ड का वितरण करना संभव नहीं है।

ये है समस्या का मूल कारण
दरअसल समस्या का मूल कारण बच्चों की संख्या में हेरफेर है। नियम ये बना है कि एनजीओ अपने खर्चे के बिल ब्लाक स्तरीय अधिकारी सीडीपीओ को सौंपेंगे। सीडीपीओ अपने स्तर से भोजन पाने वाले बच्चों का हिसाब किताब रखेंगे। इसके बाद वे निर्धारित प्रारूप पर बिल बनाकर जिला कार्यक्रम अधिकारी को देंगे।

डीएम के हस्ताक्षर के बाद ही एनजीओ को भुगतान किया जाएगा। विभाग का मानना है कि हॉट कुक्ड पाने वाले बच्चों की संख्या में हेरफेर किया जा रहा है। इसीलिए एनजीओ ने अभी तक बिल उपलब्ध नहीं कराए हैं। उधर, नगर क्षेत्र की सीडीपीओ का कहना है कि नए प्रारूप पर जानकारी मांगी गई है, उसी हिसाब से भुगतान होगा।

भुगतान पर निदेशक ने लगाई रोक
विभाग के निदेशक ने भी जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र भेजकर कहा है कि अब तक निर्धारित प्रारूप पर हॉट कुक्ड वितरण की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। लिहाजा 5 फरवरी तक भुगतान पर रोक लगाते हुए भोजन वितरण की जानकारी दें।

एनजीओ को हटाना है मकसद
वर्तमान में सिर्फ जनसेवा खादी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान ही ताखा और जसवंतनगर ब्लाक में हॉट कुक्ड का वितरण कर रहा है। संस्थान के संचालक संजीव का कहना है कि उन्हें पता चला है कि बाल विकास पुष्टाहार निदेशक के निर्देश पर एनजीओ से कार्य लेना बंद किया जा रहा है।


ऐसी स्थिति में एनजीओ कितना भी अच्छा काम करेंगे, उसे पसंद नहीं किया जाएगा। इस पर कोई शक नहीं है कि जब से एनजीओ को हॉट कुक्ड वितरण की जिम्मेदारी दी गई है, तब से आंगनबाड़ी केंद्र खुलने लगे हैं। नहीं तो बंद ही रहते थे।

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