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Etawah News: 300 घंटे के सीसीटीवी फुटेज और 150 मोबाइल नंबरों को खंगाला, तब पुलिस के हाथ लगे आरोपी
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इटावा। माता-पिता को हत्या के आरोप में फंसाने की साजिश रचने वाली युवती, उसके प्रेमी और तीन साथियों तक पहुंचने के लिए पुलिस को दिन-रात एक करने पड़े। एक-एक कड़ी को जोड़ने के बाद पुलिस ने 150 सीसीटीवी कैमरों की करीब 300 घंटे की फुटेज और 150 मोबाइल का डाटा खंगाला, जिसके बाद पूरे मामला का राजफाश हो सका।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मामला गंभीर होने की वजह से एसओजी और सर्विलांस को विशेष रूप से लगाया था। लगभग एक माह में टीमों ने 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालीं। इनमें आरोपियों के घटनाक्रम की कहनी साफ हो गई थी। इसके साथ ही करीब 150 मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लेकर उनकी गहनता निगरानी की जा रही थी। पांचों आरोपी अलग-अलग नंबर से बात कर रहे थे। इन्होंने कई बार सिम बदला। इससे पुलिस के सामने चुनौती बढ़ गई लेकिन आखिरकार पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। खुलासा करने वाली टीम में एसओजी प्रभारी जयप्रकाश यादव, सर्विलांस प्रभारी नागेंद्र चौधरी, इंस्पेक्टर फ्रेंड्स कॉलोनी सुधीर सिंह आदि शामिल रहे।
प्रेमी के साथ चली गई थी... पिता के रिपोर्ट दर्ज कराने से हो गई नाराज, फिर रच दी साजिश
बेटी मुस्कान को गलत रास्ते पर जाता देख माता-पिता ने उसे समझाने का काफी प्रयास किया। बेटी जब प्रेमी के साथ चली गई तो पिता ने मुकदमा दर्ज करा दिया। बस यही बात मुस्कान को चुभ सी गई और उसने माता-पिता को हत्या के आरोप में फंसाने की साजिश प्रेमी के साथ मिलकर रच डाली। प्रेमी ने अपनी बदनामी का बदला लेने के लिए मुस्कान को उकसा कर पूरी स्कि्रप्ट तैयार की। इसके लिए अलग-अलग किरदारों को भी तैयार किया, लेकिन अंतिम मौके पर अज्ञात शव की शिनाख्त होने पर पुलिस सतर्क हो गई और आरोपियों की साजिश को विफल कर दिया।
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हेतराम बोला- पत्नी से परेशान था, मुस्कान से की थी शादी
पुलिस पूछताछ में आरोपी हेतराम ने बताया कि वह अपनी पत्नी से परेशान था। इस बीच उसके संपर्क में मुस्कान कोष्ठा पुत्री नंदकिशोर निवासी महेरा चुंगी थाना फ्रेंड्स कालोनी करीब पांच साल पहले आई। शादी का वादा करके वह उसे घर से ले गया। इस पर पिता मुस्कान के पिता ने उसके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इससे वह आक्रोशित हो गया था। उसने उसी दिन मुस्कान के परिवार वालों को रास्ते से हटाने का मन बना लिया था। दोनों के बीच मुस्कान की मां ज्योत्सना और पिता नंदकिशोर रोड़ा बन रहे थे, इससे मुस्कान भी नाराज थी। एक दिन हम दोनों ने मुस्कान के माता-पिता को हत्या की साजिश में फंसाने की भूमिका तैयार की। इसके लिए पूरी स्कि्रप्त भी तैयार कर ली। शव की शिनाख्त फर्जी दस्तावेजों और किराये पर किए गए लोगों से कराकर कहानी को सांचे में ढालना शुरू कर दिया था। मुस्कान से हत्या की तहरीर दिलाने की योजना थी। इसमें मुस्कान के माता-पिता पर आरोप लगाकर उन्हें जेल भिजवाना था। सब योजना के तहत हो रहा था कि इसी बीच शव के सही परिजन पुलिस के पास पहुंच गए और काम बिगड़ गया।
पांच हजार से एक हजार रुपये तक देकर लाए गए थे तीनों आरोपी
हेतराम के शातिर दिमाग ने तीन युवाओं को मामूली रकम का लालच देकर इस अपराध का साझेदार बना दिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह फुरकान का एक मुकदमा लड़ रहा था। उसे जिताने और पांच हजार रुपये देकर उसका आधार कार्ड एडिट करने के लिए राजी कर लिया था। फुरकान के संपर्क से ही दीनदयाल बने मो. तस्लीम निवासी साबितगंज व अभी कुमार बने मो. फारुख निवासी कटरा पुरदल खां संपर्क में आए थे। उन दोनों को तीन हजार और एक हजार रुपये दिए गए थे।
मुस्कान का पति अतुल को बनाने के लिए तैयारा कराए थे फर्जी दस्तावेज
हेतराम ने योजना के तहत मुस्कान का पति फार्रुख को अतुल के रूप में दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराए थे। वह दोनों को अपनी गाड़ी से लेकर इलाहाबाद गया था। वहां पर दो कमरे किराये पर लिए थे। इनमें दो दिन तक एक कमरे में फुरकान और दूसरे में मुस्कान और हेतराम रुके थे। हेतराम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट और आर्य समाज मंदिर से शादी के फर्जी दस्तावेज भी बनवा लिए थे। मुस्कान अपने पति की हत्या का आरोप लगाकर पुलिस को यही दस्तावेज दिखाने वाली थी।
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एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मामला गंभीर होने की वजह से एसओजी और सर्विलांस को विशेष रूप से लगाया था। लगभग एक माह में टीमों ने 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालीं। इनमें आरोपियों के घटनाक्रम की कहनी साफ हो गई थी। इसके साथ ही करीब 150 मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लेकर उनकी गहनता निगरानी की जा रही थी। पांचों आरोपी अलग-अलग नंबर से बात कर रहे थे। इन्होंने कई बार सिम बदला। इससे पुलिस के सामने चुनौती बढ़ गई लेकिन आखिरकार पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। खुलासा करने वाली टीम में एसओजी प्रभारी जयप्रकाश यादव, सर्विलांस प्रभारी नागेंद्र चौधरी, इंस्पेक्टर फ्रेंड्स कॉलोनी सुधीर सिंह आदि शामिल रहे।
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प्रेमी के साथ चली गई थी... पिता के रिपोर्ट दर्ज कराने से हो गई नाराज, फिर रच दी साजिश
बेटी मुस्कान को गलत रास्ते पर जाता देख माता-पिता ने उसे समझाने का काफी प्रयास किया। बेटी जब प्रेमी के साथ चली गई तो पिता ने मुकदमा दर्ज करा दिया। बस यही बात मुस्कान को चुभ सी गई और उसने माता-पिता को हत्या के आरोप में फंसाने की साजिश प्रेमी के साथ मिलकर रच डाली। प्रेमी ने अपनी बदनामी का बदला लेने के लिए मुस्कान को उकसा कर पूरी स्कि्रप्ट तैयार की। इसके लिए अलग-अलग किरदारों को भी तैयार किया, लेकिन अंतिम मौके पर अज्ञात शव की शिनाख्त होने पर पुलिस सतर्क हो गई और आरोपियों की साजिश को विफल कर दिया।
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हेतराम बोला- पत्नी से परेशान था, मुस्कान से की थी शादी
पुलिस पूछताछ में आरोपी हेतराम ने बताया कि वह अपनी पत्नी से परेशान था। इस बीच उसके संपर्क में मुस्कान कोष्ठा पुत्री नंदकिशोर निवासी महेरा चुंगी थाना फ्रेंड्स कालोनी करीब पांच साल पहले आई। शादी का वादा करके वह उसे घर से ले गया। इस पर पिता मुस्कान के पिता ने उसके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इससे वह आक्रोशित हो गया था। उसने उसी दिन मुस्कान के परिवार वालों को रास्ते से हटाने का मन बना लिया था। दोनों के बीच मुस्कान की मां ज्योत्सना और पिता नंदकिशोर रोड़ा बन रहे थे, इससे मुस्कान भी नाराज थी। एक दिन हम दोनों ने मुस्कान के माता-पिता को हत्या की साजिश में फंसाने की भूमिका तैयार की। इसके लिए पूरी स्कि्रप्त भी तैयार कर ली। शव की शिनाख्त फर्जी दस्तावेजों और किराये पर किए गए लोगों से कराकर कहानी को सांचे में ढालना शुरू कर दिया था। मुस्कान से हत्या की तहरीर दिलाने की योजना थी। इसमें मुस्कान के माता-पिता पर आरोप लगाकर उन्हें जेल भिजवाना था। सब योजना के तहत हो रहा था कि इसी बीच शव के सही परिजन पुलिस के पास पहुंच गए और काम बिगड़ गया।
पांच हजार से एक हजार रुपये तक देकर लाए गए थे तीनों आरोपी
हेतराम के शातिर दिमाग ने तीन युवाओं को मामूली रकम का लालच देकर इस अपराध का साझेदार बना दिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह फुरकान का एक मुकदमा लड़ रहा था। उसे जिताने और पांच हजार रुपये देकर उसका आधार कार्ड एडिट करने के लिए राजी कर लिया था। फुरकान के संपर्क से ही दीनदयाल बने मो. तस्लीम निवासी साबितगंज व अभी कुमार बने मो. फारुख निवासी कटरा पुरदल खां संपर्क में आए थे। उन दोनों को तीन हजार और एक हजार रुपये दिए गए थे।
मुस्कान का पति अतुल को बनाने के लिए तैयारा कराए थे फर्जी दस्तावेज
हेतराम ने योजना के तहत मुस्कान का पति फार्रुख को अतुल के रूप में दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराए थे। वह दोनों को अपनी गाड़ी से लेकर इलाहाबाद गया था। वहां पर दो कमरे किराये पर लिए थे। इनमें दो दिन तक एक कमरे में फुरकान और दूसरे में मुस्कान और हेतराम रुके थे। हेतराम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट और आर्य समाज मंदिर से शादी के फर्जी दस्तावेज भी बनवा लिए थे। मुस्कान अपने पति की हत्या का आरोप लगाकर पुलिस को यही दस्तावेज दिखाने वाली थी।