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मुफ्त मिले नमक के पैकेट में कांच, पत्थर के टुकड़े
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सैफई। सरकारी राशन की दुकानों पर निशुल्क राशन के साथ मिल रहा नमक गरीबों की जान के लिए आफत बन सकता है। नामक को पानी में डालकर छाना गया तो लोगों की आंखें खुली की खुली रह गईं। नमक में सफेद कांच और पत्थर के टुकड़े निकल रहे हैं।
तहसील क्षेत्र के ग्राम महोला में गरीबों को निशुल्क अनाज उपलब्ध कराने की सरकारी योजना के तहत कोटे की दुकानों से बांटे जा रहे नमक में सफेद कांच और पत्थर निकल रहे हैं।
महोला गांव के तमाम परिवार नि:शुल्क अनाज योजना का लाभ ले रहे हैं। ज्यादातर घरों में सरकारी नमक मौजूद था। कई लोगों की मौजूदगी में नमक का पूरा पैकेट फाड़कर इसे पानी में डाल दिया गया।
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चंमच से पानी चलाया, जिससे नमक पूरी तरह घुल जाए। इसके बाद इसे बारीक छननी से छाना गया, तो कांच और पत्थर के टुकड़े निकले। मीरा देवी ने बताया कि नमक सब्जी में डाला था, खाते समय दांतों में कटकटाने की आवाज आई।
शक होने पर पानी में डाल कर चेक किया तो दंग रह गए। इस नमक को तो जानवरों को भी नहीं खिला सकते हैं। सुनीता देवी कहती हैं खाते समय शक हुआ तो बच्चों को न खिलाकर नमक को हमने घर पर बनी बकरियों को खिला दिया।
नमक की आपूर्ति भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ नाम की संस्था भारत सरकार को कर रही है। नमक के पैकेट पर खाद्य सुरक्षा गारंटी की मुहर लगी है। केवल सरकारी आपूर्ति के लिए है।
नमक गरीबों को निशुल्क बांटा जा रहा है। इस नमक के हर पैकेट पर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की फोटो छपी है। गांव के प्रदीप यादव का कहना है कि स्थानीय प्रशासन से लेकर सरकार तक को लोगों को इसका जवाब देना चाहिए।
जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर पैकिंग करने वाली और आपूर्ति करने वाली संस्थाओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए।
मामले की जानकारी करने के बाद जांच कराएगी। जांच के बाद निकले निष्कर्ष के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- ज्योत्सना बंधु, उप जिलाधिकारी
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तहसील क्षेत्र के ग्राम महोला में गरीबों को निशुल्क अनाज उपलब्ध कराने की सरकारी योजना के तहत कोटे की दुकानों से बांटे जा रहे नमक में सफेद कांच और पत्थर निकल रहे हैं।
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महोला गांव के तमाम परिवार नि:शुल्क अनाज योजना का लाभ ले रहे हैं। ज्यादातर घरों में सरकारी नमक मौजूद था। कई लोगों की मौजूदगी में नमक का पूरा पैकेट फाड़कर इसे पानी में डाल दिया गया।
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चंमच से पानी चलाया, जिससे नमक पूरी तरह घुल जाए। इसके बाद इसे बारीक छननी से छाना गया, तो कांच और पत्थर के टुकड़े निकले। मीरा देवी ने बताया कि नमक सब्जी में डाला था, खाते समय दांतों में कटकटाने की आवाज आई।
शक होने पर पानी में डाल कर चेक किया तो दंग रह गए। इस नमक को तो जानवरों को भी नहीं खिला सकते हैं। सुनीता देवी कहती हैं खाते समय शक हुआ तो बच्चों को न खिलाकर नमक को हमने घर पर बनी बकरियों को खिला दिया।
नमक की आपूर्ति भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ नाम की संस्था भारत सरकार को कर रही है। नमक के पैकेट पर खाद्य सुरक्षा गारंटी की मुहर लगी है। केवल सरकारी आपूर्ति के लिए है।
नमक गरीबों को निशुल्क बांटा जा रहा है। इस नमक के हर पैकेट पर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की फोटो छपी है। गांव के प्रदीप यादव का कहना है कि स्थानीय प्रशासन से लेकर सरकार तक को लोगों को इसका जवाब देना चाहिए।
जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर पैकिंग करने वाली और आपूर्ति करने वाली संस्थाओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए।
मामले की जानकारी करने के बाद जांच कराएगी। जांच के बाद निकले निष्कर्ष के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- ज्योत्सना बंधु, उप जिलाधिकारी