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मानदेय नहीं, प्रेरकों ने मांगी भीख
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Mon, 11 Jul 2016 11:56 PM IST
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सड़कों पर भीख मांगने निकले साक्षरता प्रेरक।
- फोटो : अमर उजाला
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साक्षर भारत मिशन के तहत लोकसेवा केंद्रों पर तैनात प्रेरकों ने ढाई वर्षों से मानदेय न मिलने के विरोध में सोमवार को स्टेशन पर भीख मांगकर प्रदर्शन किया। इससे पूर्व जिले भर के प्रेरक बीएसए कार्यालय पर एकत्र हुए और धरना प्रदर्शन किया। प्रेरकों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा और तुरंत मानदेय न दिए जाने पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी।
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साक्षरता कर्मी वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले करीब 100 प्रेरक पैदल स्टेशन पहुंचे। यहां मानदेय न मिलने के विरोध में भीख मांगकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रेरकों ने यात्रियों से भीख मांग उन्हें आपबीती सुनाई। एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण ने कहा कि जिले में लगभग 700 प्रेरक हैं। एक गांव में दो प्रेरक के आधार पर लोकसेवा केंद्रों पर तैनाती की गई है। इनको प्रतिमाह 2000 रुपये मानदेय भुगतान किया जाता है। लेकिन 2014 से सभी खाली हाथ हैं। उनके घर में खाने के लाले पड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र उनका मानदेय न दिया गया तो प्रेरक सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर देंगे। प्रेरकों ने डीएम कार्यालय में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राहुल यादव को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर संगठन के मंत्री विशंभर सिंह ने प्रेरकों से आगे की लड़ाई के लिए तैयार रहने की अपील की।
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