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पंचायत चुनाव: सीटों का खाका तैयार, आरक्षण का इंतजार

Sat, 27 Feb 2021 11:14 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 27 Feb 2021 11:14 PM IST
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Panchayat elections: Seats blueprint ready, waiting for reservation
इटावा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। सीटों के आरक्षण का खाका करीब-करीब खींच लिया गया है। ग्राम प्रधान, डीडीसी और बीडीसी के प्रस्ताव पर जिला स्तरीय कमेटी की मुहर लगनी बाकी है। विभागीय तैयारियों के अनुसार दो मार्च को जिले का आरक्षण जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत सदस्य के किस पद पर किस श्रेणी का उम्मीदवार चुनाव लड़ेगा।
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जनपद के आठ विकास खंडों में 471 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद, 5903 ग्राम पंचायत सदस्य, 582 क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा 24 जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए चुनाव होने हैं। इनकी सीटों के आरक्षण का प्रस्ताव तय करने के लिए शासन ने एक मार्च तक का वक्त निर्धारित किया था।
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डीपीआरओ यतेंद्र सिंह ने बताया कि सभी ब्लॉकों में आरक्षण चार्ट तैयार कर लिया गया है। शासन से प्राप्त निर्देशों के तहत आरक्षण प्रक्रिया का पूरा पालन किया जा रहा है। दो मार्च को जनपद के त्रिस्तरीय पंचायत के पदों के आरक्षण की अनंतिम सूची जारी कर देंगे। उसके बाद आपत्तियां ली जाएंगी। आरक्षण पर प्राप्त आपत्तियों के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।
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पिछले चुनाव की तुलना में 77581 मतदाता बढ़े
परिसीमन के बाद मतदाताओं की अंतिम सूची का भी प्रकाशन कर दिया गया है। 2015 में हुए चुनाव की अपेक्षा इस बार जिले में 77851 मतदाता बढ़े हैं। हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग ने जिन लोगों का नाम मतदाता सूची मेें नहीं है उन्हें नाम जुड़वाने का एक और मौका दिया है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी उदय नारायण सिंह ने बताया कि 2015 में 471 ग्राम पंचायतों में 8,66,654 महिला और पुरुष वोटर थे। इस बार होने वाले पंचायत चुनाव अंतिम प्रकाशन के बाद प्राप्त दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण के बाद 77851 वोटरों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है और अब मतदाताओं की संख्या बढ़ कर 9,44,505 हो गई है।
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील की मांगी जा रही रिपोर्ट
पंचायत चुनाव को लेकर हर तरफ प्रशासन की तैयारियां पूरी हो रही हैं, लेकिन संवेदनशील व अति संवेदनशील गांवों को चिह्नित करने में फिसड्डी साबित हुए हैं। डीएम की ओर से संवेदनशीलता निर्धारित करने के लिए तहसीलवार कमेटी गठित कर दी थी, जिसमें एसडीएम अध्यक्ष, सीओ उपाध्यक्ष, तहसीलदार सदस्य सचिव, बीडीओ व थानाध्यक्ष को सदस्य बनाया गया।
चुनाव आयोग द्वारा जिले के अधिकारियों से पोलिग बूथों की स्थिति की रिपोर्ट मांगी जा रही है, लेकिन अभी तक गांवों की संवेदनशीलता को लेकर रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाए हैं। गांवों की स्थिति की रिपोर्ट आने के बाद ही पोलिंग बूथों पर निर्धारित पुलिस फोर्स लगाई जानी है। जहां अति संवेदनशील व अतिसंवेदनशील प्लस पोलिंग बूथ घोषित होंगे। वहां अतिरिक्त फोर्स लगाई जानी है।
सरकारी बकायेदार हैं तो नहीं लड़ेंगे चुनाव
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार वही प्रत्याशी खड़े हो पाएंगे, जो किसी तरह के सरकारी बकायेदार न हो। राज्य निर्वाचन आयोग ने अभी तक ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत से अदेय प्रमाण पत्र लेने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारी को बिजली का बिल जमा न करने वाले, सहकारिता बकायेदार आदि पर विचार करने के निर्देश हैं।

कुछ जिलों में बिजली बिल बकायेदारों को अदेय प्रमाण पत्र लेने के निर्देश दिए गए हैं। इधर बिजली बकाएदारी होने पर चुनाव न लड़ पाने की खबर पर लोग निर्वाचन विभाग, पंचायती राज विभाग के साथ बिजली विभाग में सही जानकारी के लिए चक्कर लगा रहे है।
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