फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Paddy bed time, canals dry and tube well

धान की क्यारी लगाने समय, नहरें सूखी और नलकूप खराब

Mon, 25 May 2020 08:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 25 May 2020 08:54 PM IST
विज्ञापन
Paddy bed time, canals dry and tube well
फोटो संख्या 13: बकेवर क्षेत्र में सूखी पड़ी निचली गंगानहर में क्रिकेट मैच खेलते बच्चे। - फोटो : ETAWHA
धान की नर्सरी लगाने, ढैंचा की बुआई के लिए पलेवा और मक्का व मूंग फसल में सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है, लेकिन नहरें सूखी पड़ी हैं। कई सरकारी नलकूप भी खराब हैं। इससे किसान परेशान हैं।
विज्ञापन

जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि धान की क्यारी लगाने का सही समय 25 मई से 15 जून तक रहता है। नर्सरी अगैती और पिछैती फसल के हिसाब से किसान तैयार करते हैं।
विज्ञापन

इसके साथ ही धान, रबी की मक्का फसल के लिए खेतों में हरी खाद ढैंचा भी बोने का समय है। अगर इस समय किसान ढैंचा की बुआई कर लेंगे तो सही समय पर जोताई हो जाएगी, जिससे खेत की मिट्टी उपजाऊ हो जाएगी। जायद की मूंग व मक्का में ज्यादा सिंचाई की जरूरत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

संवाद प्रतिनिधि बकेवर के अनुसार भोगनीपुर निचली गंगानहर और उससे निकले कुड़रिया, महेवा, निवाड़ी रजबहों व माइनर में पानी नहीं आ रहा है। हर्राजपुर गांव के किसान सुधीर कुमार ने कहा कि खेतों में मूंग की फसल को पानी की जरूरत है। धान की क्यारियों के साथ ढैंचा की बुआई भी करनी है।
गेहूं फसल की कटाई-कड़ाई के समय नहरों में पानी आ रहा था और अब जरूरत के समय सूखी पड़ी हैं। कुड़रिया गांव के किसान सुबोध कुमार, प्रमोद कुमार, सुमन पांडेय, मिलन तिवारी ने कहा कि ढैंचा फसल की पहले खेतों में पलेवा करना है।
जयमलपुर गांव के किसान बबलू अग्निहोत्री, सराय मिट्ठे के दयाशंकर अवस्थी ने बताया कि ढैंचा खाद की हरी खाद से मिट्टी उपजाऊ हो जाती है, इसलिए क्षेत्र के ज्यादातर किसान ढैंचा की बुआई करते हैं लेकिन अगर नहर में पानी नहीं आया तो बुआई नहीं कर पाएंगे।
संवाद प्रतिनिधि महेवा के अनुसार कस्बे के किसान नाथूराम तिवारी, बहेड़ा के राजकुमार शंखवार, बबलू तिवारी ,सोनू चौधरी ,शिव किशोर शाक्य ने बताया कि इस समय मूंग, मक्का फसल को सिंचाई के लिए पानी चाहिए। धान की नर्सरी लगने का समय भी आ रहा है, लेकिन नहरों में पानी नहीं है। संवाद प्रतिनिधि निवाड़ीकला के अनुसार टडबा स्माइलपुर के किसान योगेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह और बबलू दीक्षित ने कहा कि इस समय धान की नर्सरी लगाने का समय है इसलिए पानी की जरूरत है। जिलेदार राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि इस हफ्ते नहरों में पानी आ जाएगा। संवाद प्रतिनिधि भरथना के अनुसार बहारपुर गांव के किसान सुभाष शाक्य, नगला केहरी के हरिओम, कुंअरा के शेष कुमार ओझा, ऊमरसेन्डा के प्रदीप कुमार कहा कि पानी आ जाए तो धान की नर्सरी लगाएं और खेतों में ढैंचा की बुआई करें।

जसवंतनगर। क्षेत्र में कई राजकीय नलकूप खराब पड़े हैं। नगला रामसुंदर का नलकूप कुछ महीने पहले रीबोर किया गया था, लेकिन चालू नहीं हो पाया है। गांव के किसान मुन्ना सिंह तोमर ने बताया कि उनके खेत पर लगा नलकूप भी कई महीने से खराब पड़ा है। कई बार शिकायत की, लेकिन ठीक नहीं कराया जा रहा है। नगलातौर के किसान राजेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि उनके खेत पर लगा नलकूप भी डेढ़ साल से खराब पड़ा है।
नगर में पानी छोड़ने के लिए पत्र भेजा जा चुका है। फिलहाल 170 क्यूसेक छोड़ा जा रहा है। पलेवा के लिए कम से कम एक हजार क्यूसेक पानी की आवश्यकता है।
- रामसागर, एक्सईएन, भोगनीपुर निचली गंगानहर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed