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आंधी-पानी अपने पीछे छोड़ गई तबाही: 73 से ज्यादा बिजली के खंभे-पेड़ गिरे, रातभर अंधेरे में रहे 150 से अधिक गांव
Sat, 30 May 2026 11:00 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 30 May 2026 11:00 PM IST
सार
Etawah News: मौसम विभाग के अनुसार बीते 48 घंटे में जिले में 42 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। 150 से अधिक गांव रातभर अंधेरे में रहे। बिजली कर्मचारी फॉल्ट खोजते रहे।
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आंध-पानी से तबाही
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
तेज आंधी, बारिश अपने पीछे तबाही का मंजर छोड़ गई। शुक्रवार रात आंधी-बारिश के चलते जिले भर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। बिजली निगम के अनुसार जिले भर में करीब 50 से ज्यादा बिजली के पोल गिर गए या झुक गए जबकि छह स्थानों पर ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। साथ ही लगभग 24 स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए। इसके चलते शहर से लेकर गांवों तक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। अधिकांश क्षेत्रों में पूरी रात बिजली गुल रही और शनिवार दोपहर तक भी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी। मौसम विभाग ने बीते 48 घंटों में जिले में 42 मिमी बारिश दर्ज की है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद शुक्रवार रात करीब नौ बजे शुरू हुआ आंधी और बारिश का दौर शनिवार सुबह तीन बजे तक चलता रहा। इस बीच रुक-रुककर कई बार तेज बारिश हुई। रात करीब 10:30 बजे 60 से 70 किमी की रफ्तार से चली आंधी ने नेशनल हाईवे पर वाहनों की गति को थाम दिया। लगभग 15 मिनट तक इटावा-कानपुर नेशनल हाईवे पर वाहन चालक हवाओं के कम होने का इंतजार करते नजर आए।
आंधी शुरू होते ही सुरक्षा के मद्देनजर जिले की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। बारिश थमने के बाद जब आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया तो जगह-जगह पोल टूटे, लाइनें क्षतिग्रस्त और ट्रांसफार्मर फुंके मिलने से फाल्ट सामने आते गए। बिजली निगम की टीमें रातभर मरम्मत कार्य में जुटी रहीं, लेकिन कई इलाकों में आपूर्ति बहाल करने में घंटों लग गए।
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शहर के लाइनपार क्षेत्र में रात 12 बजे बिजली आई, लेकिन दो घंटे बाद फिर आपूर्ति बाधित हो गई। इसके बाद सुबह चार बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। एकता कॉलोनी, विकास कॉलोनी, सिविल लाइन, चौगुर्जी, आवास विकास और नौरंगाबाद समेत कई मोहल्लों में रातभर बिजली की आवाजाही बनी रही। कई स्थानों पर बिजली सुबह होने के बाद ही बहाल हो सकी। लोगों ने बिजली निगम के कर्मचारियों से संपर्क किया तो उन्हें फाल्ट की जानकारी दी गई। उमस से राहत मिलने के बावजूद बिजली संकट के कारण अधिकांश लोगों की रात जागकर गुजरी।
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मौसम विभाग की चेतावनी के बाद शुक्रवार रात करीब नौ बजे शुरू हुआ आंधी और बारिश का दौर शनिवार सुबह तीन बजे तक चलता रहा। इस बीच रुक-रुककर कई बार तेज बारिश हुई। रात करीब 10:30 बजे 60 से 70 किमी की रफ्तार से चली आंधी ने नेशनल हाईवे पर वाहनों की गति को थाम दिया। लगभग 15 मिनट तक इटावा-कानपुर नेशनल हाईवे पर वाहन चालक हवाओं के कम होने का इंतजार करते नजर आए।
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आंधी शुरू होते ही सुरक्षा के मद्देनजर जिले की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। बारिश थमने के बाद जब आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया तो जगह-जगह पोल टूटे, लाइनें क्षतिग्रस्त और ट्रांसफार्मर फुंके मिलने से फाल्ट सामने आते गए। बिजली निगम की टीमें रातभर मरम्मत कार्य में जुटी रहीं, लेकिन कई इलाकों में आपूर्ति बहाल करने में घंटों लग गए।
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शहर के लाइनपार क्षेत्र में रात 12 बजे बिजली आई, लेकिन दो घंटे बाद फिर आपूर्ति बाधित हो गई। इसके बाद सुबह चार बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। एकता कॉलोनी, विकास कॉलोनी, सिविल लाइन, चौगुर्जी, आवास विकास और नौरंगाबाद समेत कई मोहल्लों में रातभर बिजली की आवाजाही बनी रही। कई स्थानों पर बिजली सुबह होने के बाद ही बहाल हो सकी। लोगों ने बिजली निगम के कर्मचारियों से संपर्क किया तो उन्हें फाल्ट की जानकारी दी गई। उमस से राहत मिलने के बावजूद बिजली संकट के कारण अधिकांश लोगों की रात जागकर गुजरी।
बकेवर-लखना क्षेत्र में 14 घंटे बाधित रही आपूर्ति
बकेवर में तेज हवा और बारिश का सबसे अधिक असर बकेवर-लखना बिजलीघर क्षेत्र में देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्र के पांचों फीडरों में फाल्ट आने से करीब डेढ़ सौ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रात नौ बजे शुरू हुई बारिश के बाद सरायजलाल पटिया, लुधियानी और आरएल महेवा समेत सभी फीडरों की लाइनें प्रभावित हो गईं। शनिवार सुबह टकरुपुर से बकेवर बिजलीघर को आने वाली 33 केवी लाइन में भी फाल्ट आ गया, जिससे उपकेंद्र की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई। जेई आशीष श्रीवास्तव ने टीम के साथ फाल्ट तलाश कर बीहड़ क्षेत्र में तारों पर गिरी पेड़ की टहनियां हटवाईं। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सुबह साढ़े नौ बजे मुख्य लाइन चालू हो सकी। इसके बाद ग्रामीण फीडरों के फाल्ट दूर कर करीब 11 बजे बिजली आपूर्ति बहाल की गई। इससे गांवों को लगभग 14 घंटे बाद बिजली मिल सकी।
बकेवर में तेज हवा और बारिश का सबसे अधिक असर बकेवर-लखना बिजलीघर क्षेत्र में देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्र के पांचों फीडरों में फाल्ट आने से करीब डेढ़ सौ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रात नौ बजे शुरू हुई बारिश के बाद सरायजलाल पटिया, लुधियानी और आरएल महेवा समेत सभी फीडरों की लाइनें प्रभावित हो गईं। शनिवार सुबह टकरुपुर से बकेवर बिजलीघर को आने वाली 33 केवी लाइन में भी फाल्ट आ गया, जिससे उपकेंद्र की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई। जेई आशीष श्रीवास्तव ने टीम के साथ फाल्ट तलाश कर बीहड़ क्षेत्र में तारों पर गिरी पेड़ की टहनियां हटवाईं। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सुबह साढ़े नौ बजे मुख्य लाइन चालू हो सकी। इसके बाद ग्रामीण फीडरों के फाल्ट दूर कर करीब 11 बजे बिजली आपूर्ति बहाल की गई। इससे गांवों को लगभग 14 घंटे बाद बिजली मिल सकी।
सड़क पर गिरे पेड़, पांच घंटे आवागमन बाधित
जसवंतनगर क्षेत्र में तेज आंधी के कारण नगला रामसुंदर से आगरा जनपद को जोड़ने वाले लिंक मार्ग पर नीम के दो विशाल पेड़ और 11 केवी विद्युत खंभा टूटकर गिर गए। इससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। सड़क पर बिजली के तार फैल जाने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद सड़क मार्ग को आवागमन के लिए बहाल कराया जा सका। इस बीच राहगीर वैकल्पिक मार्गों से अपने गंतव्य की ओर जाते दिखे। बिजली खंभा क्षतिग्रस्त होने से सरकारी और निजी नलकूपों के साथ नगला रामसुंदर गांव के एक मोहल्ले की बिजली आपूर्ति भी बंद हो गई। इससे ग्रामीणों को पेयजल और सिंचाई संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एसडीओ आनंद पाल ने बताया कि क्षति की जानकारी मिल चुकी है और मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।
जसवंतनगर क्षेत्र में तेज आंधी के कारण नगला रामसुंदर से आगरा जनपद को जोड़ने वाले लिंक मार्ग पर नीम के दो विशाल पेड़ और 11 केवी विद्युत खंभा टूटकर गिर गए। इससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। सड़क पर बिजली के तार फैल जाने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद सड़क मार्ग को आवागमन के लिए बहाल कराया जा सका। इस बीच राहगीर वैकल्पिक मार्गों से अपने गंतव्य की ओर जाते दिखे। बिजली खंभा क्षतिग्रस्त होने से सरकारी और निजी नलकूपों के साथ नगला रामसुंदर गांव के एक मोहल्ले की बिजली आपूर्ति भी बंद हो गई। इससे ग्रामीणों को पेयजल और सिंचाई संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एसडीओ आनंद पाल ने बताया कि क्षति की जानकारी मिल चुकी है और मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।
शहर में जगह-जगह जलभराव ने किया बेहाल
शुक्रवार रात में हुई बारिश ने शहर में कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। शहर में पक्का बाग के पास कार एजेंसी के सामने मुख्य सड़क तालाब में तब्दील हो गई। इसके साथ ही भरथना चौराहा के पास, एकता कॉलोनी, अड्डा जालिम सहित कई मोहल्लों की गलियों में जलभराव हो गया। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ा। नीचे के कई मोहल्लों में घरों में पानी घुसने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार रात में हुई बारिश ने शहर में कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। शहर में पक्का बाग के पास कार एजेंसी के सामने मुख्य सड़क तालाब में तब्दील हो गई। इसके साथ ही भरथना चौराहा के पास, एकता कॉलोनी, अड्डा जालिम सहित कई मोहल्लों की गलियों में जलभराव हो गया। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ा। नीचे के कई मोहल्लों में घरों में पानी घुसने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार रात आई तेज आंधी से जिलेभर में लगभग 50 बिजली के खंभे टूटने की सूचना मिली थी। इसके साथ ही छह जगहों पर ट्रांसफार्मरों के गिरने और क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी मिली थी। तीनों खंडों के एक्सईएन को निर्देशित कर दिया गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त खंभों व लाइनों को तात्कालिक रूप से दुरुस्त करवाकर आपूर्ति बहाल करवाई जाए।- ऋषभदेव, अधीक्षण अभियंता