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कम नहीं हो रही लोगों की दुश्वारियां
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Wed, 16 Nov 2016 10:25 PM IST
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महेवा स्टेट बैंक में नोट बदलने को लेकर लगी लाइन व खाना खाती महिला
- फोटो : अमर उजाला
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नोट बंदी का असर जनजीवन पर कम नहीं हो रहा है। एटीएम के लगातार बंद रहने और लंबी लाइनों ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। सुबह होते ही लोग लाइन लगा देते हैं और लाइन में ही खाना, नाश्ता भी कर रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि लाइन छूटी तो फिर नंबर नहीं आने वाला। अमर उजाला संवाददाता ने कई गांवों में जाकर जायजा लिया तो नगदी की किल्लत और एटीएम के फेल होने से लोग बेहाल दिखे।
महेवा में भारतीय स्टेट बैंक में सुबह 10 बजे जाकर देखा तो लोगों की लंबी कतार लगी मिली। लाइन में ज्यादातर किसान और रोज कमाने खाने वाले नजर आए। निर्धारित समय पर बैंक खुली तो लोगों के चेहरे भी खिले। लेकिन लाइन लंबी होने के कारण उन्होंने लंबा इंतजार किया। लाइन में लगी महिलाएं खाना साथ लाई थी और युवा समोसा खाकर भूख मिटाते नजर आए।
संवाददाता ने शाम चार बजे दोबारा जाकर माहौल का जायजा लिया तो बैंक के बाहर लोग मौजूद मिले। कुछ लोगों का पूरा दिन ही बैंक के बाहर खड़े-खड़े गुजर गया। शाम को लोग मायूसी के साथ घर लौटे।
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बदलाव ठीक, मगर व्यवस्था नहीं
निबाड़ीकला के निशक्त शंभू दयाल महेवा से 12 किमी दूर गांव से अपने बचत खाते से पैसे निकालने आए। निशक्त होने के कारण उन्हें थोड़ी सहूलियत जरूर मिली, मगर दोपहर तक उन्हें इंतजार करना पड़ा। उनका कहना है बदलाव तो ठीक है, मगर व्यवस्था सही नहीं है।
खाना साथ लेकर आईं
लाइन में लगी उझियानी की रामकुमारी पत्नी लज्जाराम ने बताया सुबह से ही लाइन में लगी हूं। घर से बगैर कुछ खाए सुबह 6 बजे ही निकल आई थीं। सुबह के 11 बज गए उन्हें भूख लगी तो खाना खाने बैठ गई। मगर अपनी लाइन नहीं छोड़ी। बोली क्या करें नोट तो बदलवाने ही हैं।
चार दिन में सिर्फ गेट तक पहुंचे
कतार में लगी चंदपुरा की शोभा दीक्षित ने कहा कि चार दिन से वह लगातार बैंक के चक्कर लगा रहीं हैं। कई घंटे थक हारकर गेट तक पहुंच पाई। जब गेट पर पहुंचे तो कह दिया गया कि समय खत्म हो गया है। ऐसे में मायूस होकर घर वापस लौटना पड़ा। पैसा न होने से परेशान हैं।
पता नहीं कब नंबर आएगा
मजदूरी करने वाले नवादा के दरबारीलाल ने बताया कि सिर्फ 500 के नोट बदलाने आए हैं। लंबी लाइन देखकर उनके पसीने छूट रहे हैं। कई घंटे लगातार लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है। पता नहीं कब नंबर आएगा। पैसा न होने से घर की जरूरत पूरी करना मुश्किल हो रहा है।
लोगों को चाय पिलाकर दी राहत
बकेवर स्टेट बैंक शाखा में लंबी लाइन सुबह से ही लगने लगी। दोपहर 12 बजे बैंक से निकल रहे कुडरिया के कुछ लोग काफी खुश दिखे। पूछने पर उन्होंने बताया कि वे दो दिन से परेशान हो रहे है। आज उनके नोट बदल ही गए। नए नोट पाकर वे काफी खुश हैं। वहीं आज बकेवर में समाजसेवियों ने लाइन में लगे ग्राहकों को चाय-पानी भी पिलाया।
महेवा में भारतीय स्टेट बैंक में सुबह 10 बजे जाकर देखा तो लोगों की लंबी कतार लगी मिली। लाइन में ज्यादातर किसान और रोज कमाने खाने वाले नजर आए। निर्धारित समय पर बैंक खुली तो लोगों के चेहरे भी खिले। लेकिन लाइन लंबी होने के कारण उन्होंने लंबा इंतजार किया। लाइन में लगी महिलाएं खाना साथ लाई थी और युवा समोसा खाकर भूख मिटाते नजर आए।
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संवाददाता ने शाम चार बजे दोबारा जाकर माहौल का जायजा लिया तो बैंक के बाहर लोग मौजूद मिले। कुछ लोगों का पूरा दिन ही बैंक के बाहर खड़े-खड़े गुजर गया। शाम को लोग मायूसी के साथ घर लौटे।
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बदलाव ठीक, मगर व्यवस्था नहीं
निबाड़ीकला के निशक्त शंभू दयाल महेवा से 12 किमी दूर गांव से अपने बचत खाते से पैसे निकालने आए। निशक्त होने के कारण उन्हें थोड़ी सहूलियत जरूर मिली, मगर दोपहर तक उन्हें इंतजार करना पड़ा। उनका कहना है बदलाव तो ठीक है, मगर व्यवस्था सही नहीं है।
खाना साथ लेकर आईं
लाइन में लगी उझियानी की रामकुमारी पत्नी लज्जाराम ने बताया सुबह से ही लाइन में लगी हूं। घर से बगैर कुछ खाए सुबह 6 बजे ही निकल आई थीं। सुबह के 11 बज गए उन्हें भूख लगी तो खाना खाने बैठ गई। मगर अपनी लाइन नहीं छोड़ी। बोली क्या करें नोट तो बदलवाने ही हैं।
चार दिन में सिर्फ गेट तक पहुंचे
कतार में लगी चंदपुरा की शोभा दीक्षित ने कहा कि चार दिन से वह लगातार बैंक के चक्कर लगा रहीं हैं। कई घंटे थक हारकर गेट तक पहुंच पाई। जब गेट पर पहुंचे तो कह दिया गया कि समय खत्म हो गया है। ऐसे में मायूस होकर घर वापस लौटना पड़ा। पैसा न होने से परेशान हैं।
पता नहीं कब नंबर आएगा
मजदूरी करने वाले नवादा के दरबारीलाल ने बताया कि सिर्फ 500 के नोट बदलाने आए हैं। लंबी लाइन देखकर उनके पसीने छूट रहे हैं। कई घंटे लगातार लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है। पता नहीं कब नंबर आएगा। पैसा न होने से घर की जरूरत पूरी करना मुश्किल हो रहा है।
लोगों को चाय पिलाकर दी राहत
बकेवर स्टेट बैंक शाखा में लंबी लाइन सुबह से ही लगने लगी। दोपहर 12 बजे बैंक से निकल रहे कुडरिया के कुछ लोग काफी खुश दिखे। पूछने पर उन्होंने बताया कि वे दो दिन से परेशान हो रहे है। आज उनके नोट बदल ही गए। नए नोट पाकर वे काफी खुश हैं। वहीं आज बकेवर में समाजसेवियों ने लाइन में लगे ग्राहकों को चाय-पानी भी पिलाया।