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Etawah News: आवासों पर कब्जा, अधीक्षक और डॉक्टर काट रहे होटलों में रात
Wed, 05 Jul 2023 12:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Wed, 05 Jul 2023 12:22 AM IST
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बकेवर। 50 शैय्या अस्पताल में तैनात स्टाफ आवास के लिए भटक रहा है। आवासों में बाहरी लोग कब्जा है। ऐसे में अधीक्षक, डॉक्टर और पूरा स्टाफ कहीं होटलों तो कोई अपने रिश्तेदारों के यहां रहकर रातें काट रहा है। इस वजह से अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं भी शुरू नहीं हो पा रही हैं।
इमरजेंसी मेडिकल चिकित्सकों के आ जाने के बाद भी उनको रहने के लिए आवास नहीं मिल पाने से 50 शैया अस्पताल में इमरजेंसी सेवा चालू नहीं हो पा रही है। सीएमएस डॉ. वीरेंद्र भारती खुद कभी अस्पताल के किसी कमरे में टिक जाते हैं। कभी जिला मुख्यालय पर होटल में रूम लेकर रह रहे हैं। 50 शैया अस्पताल में शासन ने 10 डॉक्टर व 11 पैरामेडिकल स्टाफ को पिछले माह 14 जून को इटावा सहित अन्य जनपदों से तैनात किया था। उनमें से कुछ को छोड़कर सीएमएस सहित अधिकतम ने यहां आकर ज्वाइन कर लिया है।
सीएमएस सहित अन्य चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ के रहने के लिए आवास ही नहीं मिले हैं। 50 शैया अस्पताल के स्टाफ के लिए कस्बा में ही औरैया रोड पर 22 आवास भी अस्पताल भवन के साथ ही बनवाए गए थे। इसमें छह चिकित्सक के आठ फार्मासिस्ट व छह चतुर्थ श्रेणी के लिए हैं। वर्तमान में इन सभी आवासों में कोई न कोई रह रहा है।
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50 शैया में तैनात एक दंत चिकित्सक व दो स्टाफ नर्स को बड़ी मुश्किल से कई महीनों में आवास मिल पाया था। आधे से अधिक आवासों में कुछ बाहरी लोग तो कुछ स्वास्थ्य विभाग के ही अन्य स्थानों पर तैनात लोग अवैध तरीके से कब्जा किए हैं। उन्होंने दूसरी जगह पर भी सरकारी आवास ले रखा है।
सीएमएस डॉ. वीरेंद्र भारती ने बताया कि उन्होंने 50 शैया अस्पताल के आवासों में अवैध कब्जों की जानकारी डीएम को दी थी। डीएम ने एसडीएम भरथना को निर्देशित किया है। सीएमएस बताते हैं उन्हें रहने में समस्या आ रही है। अन्य चिकित्सकों को आवास नहीं मिल पाने के कारण अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। सीएमओ डॉ. गीताराम का कहना है कि आवासों में रहने वालों को नोटिस दिए गए हैं। 10 दिन में आवास खाली करा लिए जाएंगे।
डॉक्टरों व स्टाफ को समय पर नहीं मिल पा रहा वेतन
50 शैया अस्पताल का शासन में कोड जनरेट न होने से अस्पताल में तैनात किए गए डॉक्टरों व स्टाफ को वेतन नही मिल पा रहा है। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. रविंद्र भदौरिया कहते हैं कि जून के दूसरे सप्ताह के बाद आकर ज्वाइन कर लिया था, लेकिन न तो रहने को आवास मिला है न ही वेतन मिल रहा है।
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इमरजेंसी मेडिकल चिकित्सकों के आ जाने के बाद भी उनको रहने के लिए आवास नहीं मिल पाने से 50 शैया अस्पताल में इमरजेंसी सेवा चालू नहीं हो पा रही है। सीएमएस डॉ. वीरेंद्र भारती खुद कभी अस्पताल के किसी कमरे में टिक जाते हैं। कभी जिला मुख्यालय पर होटल में रूम लेकर रह रहे हैं। 50 शैया अस्पताल में शासन ने 10 डॉक्टर व 11 पैरामेडिकल स्टाफ को पिछले माह 14 जून को इटावा सहित अन्य जनपदों से तैनात किया था। उनमें से कुछ को छोड़कर सीएमएस सहित अधिकतम ने यहां आकर ज्वाइन कर लिया है।
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सीएमएस सहित अन्य चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ के रहने के लिए आवास ही नहीं मिले हैं। 50 शैया अस्पताल के स्टाफ के लिए कस्बा में ही औरैया रोड पर 22 आवास भी अस्पताल भवन के साथ ही बनवाए गए थे। इसमें छह चिकित्सक के आठ फार्मासिस्ट व छह चतुर्थ श्रेणी के लिए हैं। वर्तमान में इन सभी आवासों में कोई न कोई रह रहा है।
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50 शैया में तैनात एक दंत चिकित्सक व दो स्टाफ नर्स को बड़ी मुश्किल से कई महीनों में आवास मिल पाया था। आधे से अधिक आवासों में कुछ बाहरी लोग तो कुछ स्वास्थ्य विभाग के ही अन्य स्थानों पर तैनात लोग अवैध तरीके से कब्जा किए हैं। उन्होंने दूसरी जगह पर भी सरकारी आवास ले रखा है।
सीएमएस डॉ. वीरेंद्र भारती ने बताया कि उन्होंने 50 शैया अस्पताल के आवासों में अवैध कब्जों की जानकारी डीएम को दी थी। डीएम ने एसडीएम भरथना को निर्देशित किया है। सीएमएस बताते हैं उन्हें रहने में समस्या आ रही है। अन्य चिकित्सकों को आवास नहीं मिल पाने के कारण अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। सीएमओ डॉ. गीताराम का कहना है कि आवासों में रहने वालों को नोटिस दिए गए हैं। 10 दिन में आवास खाली करा लिए जाएंगे।
डॉक्टरों व स्टाफ को समय पर नहीं मिल पा रहा वेतन
50 शैया अस्पताल का शासन में कोड जनरेट न होने से अस्पताल में तैनात किए गए डॉक्टरों व स्टाफ को वेतन नही मिल पा रहा है। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. रविंद्र भदौरिया कहते हैं कि जून के दूसरे सप्ताह के बाद आकर ज्वाइन कर लिया था, लेकिन न तो रहने को आवास मिला है न ही वेतन मिल रहा है।