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Etawah News: अब 40 साल से कम उम्र के बंदी नहीं करेंगे बगिया में काम
Thu, 28 Dec 2023 12:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Thu, 28 Dec 2023 12:25 AM IST
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इटावा। जिला कारागार से फरार हुए बंदी की गिरफ्तारी के बाद अब जेल अधीक्षक ने सख्ती बढ़ा दी है। उन्होंने रामनगर फाटक की तरफ की उखड़ी दीवार की मरम्मत करा दी है। वहीं अब 40 वर्ष से कम वाले बंदियों के बगिया में काम करने पर रोक लगा दी है।
23 दिसंबर को अगवा करने के आरोप में बिधूना निवासी बंदी अजय बंदी रक्षकों की लापरवाही से फरार हो गया था। इसके बाद जेल प्रशासन में खलबली मच गई थी। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने निरीक्षण किया था।
उनकी रिपोर्ट पर फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक पांच बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद अगले दिन डीआईजी जेल ने भी करीब दो घंटे तक जेल में रहकर जांच पड़ताल की थी। फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए थे। जेल पुरानी होने की वजह से उसकी दीवारों का अंदर से सीमेंट उखड़ने लगा था।
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यह देखकर डीआईजी जेल शिवहरी मीणा ने दीवाराें की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे। एसएसपी के निर्देशन पर लगी चार टीमों के प्रयास से आरोपी को 25 दिसंबर को अलीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया था। आरेापी ने बगिया की दीवार कूदने की बात स्वीकारी थी।
आरोपी बंदी की गिरफ्तारी को महोला सेंट्रल जेल भेज दिया गया। वहीं लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपी बंदी रक्षक श्रीकांत अवस्थी को मंगलवार शाम जमानत दे दी गई। हालांकि वह निलंबित रहेंगे।
पूरे घटनाक्रम के बाद अब जेल अधीक्षक ने 40 साल से कम या हल्के शरीर वाले बंदियों के बगिया परिसर में काम करने से भेजने पर रोक लगा दी है। वहीं सभी बंदियों की विशेष निगरानी की जा रही है। उधर, बंदी रक्षकों की कार्यशैली पर भी लगातार निगाह रखी जा रही है।
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23 दिसंबर को अगवा करने के आरोप में बिधूना निवासी बंदी अजय बंदी रक्षकों की लापरवाही से फरार हो गया था। इसके बाद जेल प्रशासन में खलबली मच गई थी। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने निरीक्षण किया था।
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उनकी रिपोर्ट पर फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक पांच बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद अगले दिन डीआईजी जेल ने भी करीब दो घंटे तक जेल में रहकर जांच पड़ताल की थी। फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए थे। जेल पुरानी होने की वजह से उसकी दीवारों का अंदर से सीमेंट उखड़ने लगा था।
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यह देखकर डीआईजी जेल शिवहरी मीणा ने दीवाराें की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे। एसएसपी के निर्देशन पर लगी चार टीमों के प्रयास से आरोपी को 25 दिसंबर को अलीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया था। आरेापी ने बगिया की दीवार कूदने की बात स्वीकारी थी।
आरोपी बंदी की गिरफ्तारी को महोला सेंट्रल जेल भेज दिया गया। वहीं लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपी बंदी रक्षक श्रीकांत अवस्थी को मंगलवार शाम जमानत दे दी गई। हालांकि वह निलंबित रहेंगे।
पूरे घटनाक्रम के बाद अब जेल अधीक्षक ने 40 साल से कम या हल्के शरीर वाले बंदियों के बगिया परिसर में काम करने से भेजने पर रोक लगा दी है। वहीं सभी बंदियों की विशेष निगरानी की जा रही है। उधर, बंदी रक्षकों की कार्यशैली पर भी लगातार निगाह रखी जा रही है।