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इटावा महोत्सव पर नोट बंदी की मार, आयोजन 15 दिन टला
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Tue, 22 Nov 2016 11:34 PM IST
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एसडीएम सदर सुभाष चंद्र प्रजापति।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर की ऐतिहासिक प्रदर्शनी (इटावा महोत्सव) को 107 वें साल में शुभारंभ से पहले ही ग्रहण लग गया है। ऐसा नोट बंदी के कारण हुआ है। समिति के सामने समस्या ये है कि महोत्सव के लिए बैंक से होने वाला लेनदेन कैसे करे। इसके कारण मंगलवार को महोत्सव को 27 नवंबर की जगह 11 दिसंबर से शुरू करने का निर्णय लिया गया।
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106 सालों से इटावा महोत्सव नवंबर में होता आया है। इस वर्ष भी महोत्सव समिति ने 27 नवंबर से महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की थी। जिसके बाद से खेल तमाशा, झूले वाले व व्यापारियों का आना शुरू हो गया था। इस बीच 1000 और 500 के नोटों के बंद होने व सहकारी बैंक से लेन देन न होने से महोत्सव खटाई में पड़ गया है। महोत्सव समिति के सामने संकट खड़ा हो गया है कि आखिर वह महोत्सव के दौरान एक माह में होने वाले लगभग एक करोड़ के लेनदेन को कैसे करे। वहीं व्यापारियों के सामने भी नया नोट न होने की समस्या है। महोत्सव समिति का खाता शहर की सहकारी बैंक में है। ऐसे में बैंक पर लेनदेन पूरी तरह से प्रतिबंधित होने के बाद समस्या और गहरा गई है। महोत्सव समिति इस समस्या को लेकर कई बार बैठक कर चुकी है लेकिन इसका कोई हल नहीं निकल पाया है।
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समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी शमीम अहमद हैं और सचिव एसडीएम सदर सुभाष चंद्र प्रजापति। मंगलवार को भी इस मुद्दे को लेकर जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट में समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में समस्या से निपटने के लिए फिलहाल महोत्सव को टाल दिया है। इसके शुभारंभ की नई तारीख 11 दिसंबर तय की है। इसके साथ ही बैठक में समिति का एक अन्य खाता स्टेट बैंक में खुलवाने का फैसला किया गया है। संभव है कि कुछ अन्य और बैंकों में भी समिति अपने खाते खुलवाए। इसके बाद व्यापारियों की मांग पर उन्हें किराये की धनराशि एकमुश्त जमा न करने की जगह किस्तों में जमा करने की छूट देने की बात पर भी विचार किया गया। इस पर भी लगभग सहमति बन गई है।
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महोत्सव समिति के जनरल सेक्रेटरी सुभाष चंद्र प्रजापति ने कहा कि बैठक में लिए गए उक्त फैसलों के बाद उम्मीद की जा रही है कि 11 दिसंबर से महोत्सव बिना किसी परेशानी के शुरू हो सकेगा। उन्होंने कहा कि दुकानों के आवंटन व बिजली का किराया अधिक लिए जाने की शिकायतों की भी वह जांच करेंगे और व्यापारियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।