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राष्ट्रीय राजमार्ग पर हिचकोले

Wed, 14 Jan 2015 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Wed, 14 Jan 2015 12:25 AM IST
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not improving national highway

शहर की बदहाल सड़कों की तस्वीर हम पहले ही आपके सामने रख चुके है। राष्ट्रीय राजमार्गों का हाल बेहद खराब है। ये हाल तब है जब मुख्यमंत्री तथा प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री का गृह जिला होने के कारण इटावा को वीआईपी जिले का दर्जा मिला हुआ है। सूरत-ए-हाल कब सुधरेंगे इस पर कुहासा बरकरार है।

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हालांकि लाइन सफारी को पर्यटन के क्षेत्र में चमकाने के लिए शासन ने 88 करोड़ की लागत से बनने वाली 10 किमी लंबी सड़क को हरी झंडी दिखा दी है। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। संभवता फरवरी के प्रथम सप्ताह में ही निर्माण कार्य शुरू हो जाए।
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हाइवे क्रमांक-92 पर इटावा से लेकर बेवर तक सड़क अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुंच गई है। रास्ते में कई स्थानों पर दो दो फीट गहरे गड्ढे होने के कारण भारी वाहनों का आवागमन काफी मुश्किल हो गया है। इस मार्ग पर आए दिन हादसे होते रहते है।
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टू व्हीलर वाहनों को लेकर निकलना भी आसान नहीं है। फोरलेन हाइवे के बाद इस मार्ग पर सबसे अधिक ट्रैफिक लोड है। बेवर-इटावा मार्ग के लिए छह माह पहले इस्टीमेट मांगा गया था। लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने 65 करोड़ का इस्टीमेट भेजा था।

इसमें 60 करोड़ से बेवर से लेकर इटावा तक 60 किमी सड़क बननी थी। पांच करोड़ की लागत से इटावा और बसरेहर के बीच बनने पड़ने वाली सेंगर नदी पर पुल का निर्माण होना था। अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण के लिए अलग से इस्टीमेट बनाकर केंद्र सरकार को भेजा गया है। इस्टीमेट के बाद शासन ने चुप्पी साध ली है।

प्रदेश सरकार की मेहरबानी लॉयन सफारी से गुजरने वाली सड़क पर जरूर हुई है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में होने के कारण शासन ने इसको न केवल मंजूरी दे दी है बल्कि टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। संभवता फरवरी के प्रथम सप्ताह तक निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।

लोनिवि ने एसएसपी चौराहे से पुलिस लाइन, कचौरा चौराहा, लॉयन सफारी, टिक्सी टैंपल से यमुना पुल तक 10 किमी लंबी फोरलेन सड़क निर्माण के लिए करीब 88 करोड़ का इस्टीमेट भेजा था। शासन ने इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति प्रदान कर दी है, टेंडर भी चुके है।


इस सड़क के बीच में एक मीटर का डिवाइडर रहेगा। दोनों ओर दस दस मीटर डंबर रहेगा। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के कारण इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इस मार्ग के बन जाने से आगरा,कानपुर, ग्वालियर से आने वाले पर्यटकों को सुविधा होगी।

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