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Etawah News: निजी बस स्टैंडों पर बैठने का न रोशनी का इंतजाम
Tue, 09 Jan 2024 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Tue, 09 Jan 2024 12:17 AM IST
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इटावा। डेढ़ साल पहले शहर से बाहर बनाए गए भरथना-बिधूना और ग्वालियर बस स्टैंड जिम्मेदारों की अनदेखी का खामियाजा भुगत रहे हैं। इन स्टैंडों की डेढ़ साल में यात्रियों के बैठने का इंतजाम हो सका है और न ही रोशनी का। भरथना बस स्टैंड परिसर में चारों तरफ गंदगी का ढेर और जलभराव होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तत्कालीन जिलाधिकारी श्रुति सिंह के नेतृत्व में शासन के आदेश पर शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इस दौरान भरथना-बिधूना बस स्टैंड, ग्वालियर बस स्टैंड को शहर से बाहर पहुंचा दिया गया था। भरथना-बिधूना बस स्टैंड गुरु तेग बहादुर पुल के नीचे से अशोक नगर की बगिया में भेजा गया था, जबकि ग्वालियर बस स्टैंड सिंचाई विभाग के डाक बंगले के पास से स्टैंड को टिक्सी मंदिर के पास खाली पड़ी वन विभाग की जगह भेजा था। उस दौरान अधिकारियों ने लोगों की सुविधाओं के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया कराकर किसी को ठेका देकर सभी व्यवस्थाएं देने के निर्देश दिए थे। बिधून बस स्टैंड पर लगभग 36 बसें और ग्वालियर बस स्टैंड पर लगभग 16 बसें हैं। यहां से प्रतिदिन एक हजार से डेढ़ हजार तक यात्रियों का आवागमन रहता है। इसके बाद डेढ़ साल से अधिक बीतने के बाद अभी तक दोनों बस स्टैंडों पर मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हो सकी हैं। दोनों स्टैंडों पर न तो बैठने की जगह है और न ही रोशनी के इंतजाम हैं। ऐसे में घने कोहरे के बीच यात्रियों को वारदातों का डर सताता रहता है। बिधूना बस स्टैंड पर गंदगी के अंबार लगे हैं। यहां लगा वाटर कूलर भी अब काम का नहीं रहा है। बिल जमा न होने की वजह से बिजली विभाग की ओर से कनेक्शन काट दिया गया है। वहीं जलभराव और गंदगी के ढेरों से भी लोगों जीना मुहाल है। बदबू और गंदगी के वजह से चालक-परिचालक के साथ यात्री भी परेशान हैं।
लोगों की बात
भरथना बस स्टैंड पर बस पकड़ने के लिए खड़े मोहल्ला नई बस्ती के निवासी निसार ने बताया कि वह भरथना रिश्तेदारी में जा रहे हैं। ज्यादातर रिश्तेदारियां भरथना और बिधूना में ही हैं। ऐसे में आए दिन आनाजाना रहता है, लेकिन स्टैंड पर पानी पीने और पेशाब तक की व्यवस्था न होने से बहुत परेशानी होती है। शहर के नौरंगाबाद निवासी अजीम खान ने बताया कि वह चूड़ी व्पापारी हैं। भरथना, बिधूना तक उनके यहां का माल जाता है। वसूली करने और ऑर्डर लेने के लिए आए दिन जाना पड़ता है। बस स्टैंड पर कोई व्यवस्था न होने की वजह से परेशान होना पड़ता है। सरकार सफाई अभियान चला रही है। इसके बावजूद यह स्टैंड गंदगी से पटा पड़ा है।
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वर्जन
दोनों स्टैंडों के ठेके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। ठेकेदारों को जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। यदि व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त नहीं होंगी तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -विनय कुमार मणी त्रिपाठी, ईओ
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तत्कालीन जिलाधिकारी श्रुति सिंह के नेतृत्व में शासन के आदेश पर शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इस दौरान भरथना-बिधूना बस स्टैंड, ग्वालियर बस स्टैंड को शहर से बाहर पहुंचा दिया गया था। भरथना-बिधूना बस स्टैंड गुरु तेग बहादुर पुल के नीचे से अशोक नगर की बगिया में भेजा गया था, जबकि ग्वालियर बस स्टैंड सिंचाई विभाग के डाक बंगले के पास से स्टैंड को टिक्सी मंदिर के पास खाली पड़ी वन विभाग की जगह भेजा था। उस दौरान अधिकारियों ने लोगों की सुविधाओं के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया कराकर किसी को ठेका देकर सभी व्यवस्थाएं देने के निर्देश दिए थे। बिधून बस स्टैंड पर लगभग 36 बसें और ग्वालियर बस स्टैंड पर लगभग 16 बसें हैं। यहां से प्रतिदिन एक हजार से डेढ़ हजार तक यात्रियों का आवागमन रहता है। इसके बाद डेढ़ साल से अधिक बीतने के बाद अभी तक दोनों बस स्टैंडों पर मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हो सकी हैं। दोनों स्टैंडों पर न तो बैठने की जगह है और न ही रोशनी के इंतजाम हैं। ऐसे में घने कोहरे के बीच यात्रियों को वारदातों का डर सताता रहता है। बिधूना बस स्टैंड पर गंदगी के अंबार लगे हैं। यहां लगा वाटर कूलर भी अब काम का नहीं रहा है। बिल जमा न होने की वजह से बिजली विभाग की ओर से कनेक्शन काट दिया गया है। वहीं जलभराव और गंदगी के ढेरों से भी लोगों जीना मुहाल है। बदबू और गंदगी के वजह से चालक-परिचालक के साथ यात्री भी परेशान हैं।
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लोगों की बात
भरथना बस स्टैंड पर बस पकड़ने के लिए खड़े मोहल्ला नई बस्ती के निवासी निसार ने बताया कि वह भरथना रिश्तेदारी में जा रहे हैं। ज्यादातर रिश्तेदारियां भरथना और बिधूना में ही हैं। ऐसे में आए दिन आनाजाना रहता है, लेकिन स्टैंड पर पानी पीने और पेशाब तक की व्यवस्था न होने से बहुत परेशानी होती है। शहर के नौरंगाबाद निवासी अजीम खान ने बताया कि वह चूड़ी व्पापारी हैं। भरथना, बिधूना तक उनके यहां का माल जाता है। वसूली करने और ऑर्डर लेने के लिए आए दिन जाना पड़ता है। बस स्टैंड पर कोई व्यवस्था न होने की वजह से परेशान होना पड़ता है। सरकार सफाई अभियान चला रही है। इसके बावजूद यह स्टैंड गंदगी से पटा पड़ा है।
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दोनों स्टैंडों के ठेके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। ठेकेदारों को जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। यदि व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त नहीं होंगी तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -विनय कुमार मणी त्रिपाठी, ईओ