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इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Sun, 04 Jan 2015 12:04 AM IST
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देश के प्रख्यात गीतकार पद्मभूषण कवि गोपाल दास ‘नीरज’ ने धर्म की राजनीति करने वालों पर जमकर हमला किया। उन्होंने दो टूक कहा कि आज लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए धर्म की राजनीति कर रहे हैं।
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हिंदू धर्म को लोग छोड़कर जा रहे हैं और कुछ लोग दूसरे धर्म के लोगों को हिंदू धर्म में ला रहे हैं। वह पहले यह तो बताएं कि हिंदू धर्म में उन्हें किस जाति का बनाओगे। क्योंकि हिंदू धर्म तरह-तरह की जातियों में बंटा हुआ है। जातिवाद, ऊंच-नीच, भेदभाव इंसानियत पर कलंक है।
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हमें धर्म के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। धर्म प्यार हैं, धर्म इंसानित हैं, धर्म आपसी मोहब्बत है, हमें इन्हें अपनाना चाहिए। 91 वर्ष के हो चुके नीरज 4 जनवरी को 92 वर्ष में प्रवेश करेंगे। अपने जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले वह सैफई महोत्सव में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में शामिल होने के लिए सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के आमंत्रण पर यहां पहुंचे।
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कवि सम्मेलन से पहले उन्होंने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि आज आधुनिक युग है, युवाओं के हाथ में मोबाइल है और दौर फिल्मों का है। इस कारण युवा पीढ़ी का कविताओं से मोहभंग हो रहा है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में कवि भी कम ही उभरकर सामने आ रहे हैं।