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इटावा: मेडिकल कॉलेज में ऑनलाइन बिलिंग सुविधा ठप
Tue, 21 Feb 2023 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Tue, 21 Feb 2023 12:15 AM IST
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इटावा/सैफई। मेडिकल कॉलेज में ऑनलाइन बिलिंग सुविधा ठप होने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर्चे हाथ से बनाए जा रहे हैं। इसके कारण देर होने से लाइन में लगे मरीजों को जांच के लिए अगले दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
सैफई मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन लगभग साढ़े तीन हजार मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें से अधिकांश को एक्सरे, अल्ट्रासाउंट, एमआरआई समेत कई जांचें लिखी जाती हैं। बिल ऑनलाइन बनाने की व्यवस्था है, लेकिन इस समय नई कंपनी का सॉफ्टवेयर लाने की वजह से वह पूरी तरह से काम नहीं कर पा रहा है। इस वजह से ऑफलाइन बिल बनाए जा रहे हैं। ऐसे में रुपये जोड़ने, घटाने और पूरा विवरण रजिस्टर पर चढ़ाने में काफी-काफी समय लग रहा है। लगभग एक मिनट में होने वाला काम चार से पांच मिनट में हो रहा है। आसपास के जिलों और अन्य तहसीलों से आने वाले मरीजों को जांच के लिए कई बार दौड़ लगानी पड़ जाती है।
दूसरे दिन आया एक्सरे का नंबर
अनुराग यादव ने बताया कि उनके पैर में चोट लगी थी। जिसके लिए रविवार को इमरजेंसी गए थे। डॉक्टर ने देखने के बाद एक्सरे करने के लिए लिख दिया था। भीड़ अधिक होने और बिलिंग प्रक्रिया धीमी होने से नंबर नहीं आ सका। सोमवार को आकर एक्सरे कराया।
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नीरज ने बताया कि कई दिनों से उन्हें बुखार और कमजोरी थी। इस वजह से सोमवार को वह ओपीडी में दिखाने गए थे। डॉक्टरों ने कुछ जांच कराने के लिए लिखी थीं। बिलिंग कराने के लिए लाइन में लगे रहे, लेकिन नंबर नहीं आ सका। अब मंगलवार को जांच कराएंगे।
वर्जनसीडेक कंपनी की ओर से नया सॉफ्टवेयर बिलिंग के लिए आया है। अब बिल इसी पर बनेंगे। अभी इस पर काम चल रहा है। इस वजह से ऑफलाइन बिलिंग की जा रही है। अगले सप्ताह तक यह समस्या दूर हो जाएगी। सभी मरीजों की बिलिंग करने के निर्देश हैं। - प्रो./डॉ. एसपी सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, सैफई मेडिकल कॉलेज
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सैफई मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन लगभग साढ़े तीन हजार मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें से अधिकांश को एक्सरे, अल्ट्रासाउंट, एमआरआई समेत कई जांचें लिखी जाती हैं। बिल ऑनलाइन बनाने की व्यवस्था है, लेकिन इस समय नई कंपनी का सॉफ्टवेयर लाने की वजह से वह पूरी तरह से काम नहीं कर पा रहा है। इस वजह से ऑफलाइन बिल बनाए जा रहे हैं। ऐसे में रुपये जोड़ने, घटाने और पूरा विवरण रजिस्टर पर चढ़ाने में काफी-काफी समय लग रहा है। लगभग एक मिनट में होने वाला काम चार से पांच मिनट में हो रहा है। आसपास के जिलों और अन्य तहसीलों से आने वाले मरीजों को जांच के लिए कई बार दौड़ लगानी पड़ जाती है।
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दूसरे दिन आया एक्सरे का नंबर
अनुराग यादव ने बताया कि उनके पैर में चोट लगी थी। जिसके लिए रविवार को इमरजेंसी गए थे। डॉक्टर ने देखने के बाद एक्सरे करने के लिए लिख दिया था। भीड़ अधिक होने और बिलिंग प्रक्रिया धीमी होने से नंबर नहीं आ सका। सोमवार को आकर एक्सरे कराया।
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नीरज ने बताया कि कई दिनों से उन्हें बुखार और कमजोरी थी। इस वजह से सोमवार को वह ओपीडी में दिखाने गए थे। डॉक्टरों ने कुछ जांच कराने के लिए लिखी थीं। बिलिंग कराने के लिए लाइन में लगे रहे, लेकिन नंबर नहीं आ सका। अब मंगलवार को जांच कराएंगे।
वर्जनसीडेक कंपनी की ओर से नया सॉफ्टवेयर बिलिंग के लिए आया है। अब बिल इसी पर बनेंगे। अभी इस पर काम चल रहा है। इस वजह से ऑफलाइन बिलिंग की जा रही है। अगले सप्ताह तक यह समस्या दूर हो जाएगी। सभी मरीजों की बिलिंग करने के निर्देश हैं। - प्रो./डॉ. एसपी सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, सैफई मेडिकल कॉलेज