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नहीं छटा कोहरा, पारा 10 पर अटका
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Thu, 01 Dec 2016 11:31 PM IST
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इटावा रेलवे स्टेशन पर सुबह छाए कोहरे के बीच कुछ ऐसा रहा नजारा
- फोटो : अमर उजाला
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कोहरे का कहर शहर में तीसरे दिन भी जारी रहा और भोर से ही कोहरे की चादर छा गई। दिन में कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन दिन ढलते ही फिर से चाराें ओर कोहरा छा गया और पारा 10 पर अटक गया। कोहरे से लोगों की दिनचर्या तो प्रभावित रही साथ ही रेल सफर की भी रफ्तार धीमी हो गई। कानपुर नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस भी सात घंटे देरी से दौड़ी।
गुरुवार को भोर से ही सड़क पर घना कोहरा छा गया। स्कू ली बच्चों के कोहर के बीच साइकिल और रिक्शों से स्कूल तक का सफर तय करना पड़ा। कोहरा कितना तेज था। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क पर आने जाने वाले लोगों के कपड़ों पर ओस छाई हुई थी। सुबह के समय सड़क यातायात भी प्रभावित रहा और सड़क पर 20 की रफ्तार पर ही वाहन चल पाए। जिसका नतीजा रहा कि रोडवेज की बसें भी समय से काफी देरी से गंतव्य तक पहुंची।
दृश्यता बहुत कम होने के कारण लोगों को दिन के समय में भी वाहन की लाइटें जलानी पड़ी। घने कोहरे के बीच शहर का न्यूनतम तापमान तीसरे दिन भी 10 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस पर अटका रहा। वहीं, रेल यातायात भी कोहरे के चलते बुरी तरह से प्रभावित रहा। अप शताब्दी भी सात घंटे देरी से चली।
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इसके साथ ही अप पूर्वा एक्सप्रेस नौ, मगध एक्सप्रेस साढ़े 10, तूफान मेल सात, मरुधर साढे़ 10, ऊंचाहार 14, वैशाली 10, कालका मेल चार, मुरी एक्सप्रेस तीन, संगम 14, नार्थ ईस्ट तीन, महानंदा चार, जोधपुर हावड़ा दो व ओखा एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से चलीं। वहीं, डाउन ट्रैक पर नार्थ ईस्ट व महानंदा पांच घंटे, मुरी व तूफान तीन घंटे, कालका मेल दो घंटे, पूर्वा 14 घंटे, लखनऊ शताब्दी साढे़ तीन घंटे व जोधपुर हावड़ा सात घंटे की देरी से चली।
गुरुवार को भोर से ही सड़क पर घना कोहरा छा गया। स्कू ली बच्चों के कोहर के बीच साइकिल और रिक्शों से स्कूल तक का सफर तय करना पड़ा। कोहरा कितना तेज था। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क पर आने जाने वाले लोगों के कपड़ों पर ओस छाई हुई थी। सुबह के समय सड़क यातायात भी प्रभावित रहा और सड़क पर 20 की रफ्तार पर ही वाहन चल पाए। जिसका नतीजा रहा कि रोडवेज की बसें भी समय से काफी देरी से गंतव्य तक पहुंची।
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दृश्यता बहुत कम होने के कारण लोगों को दिन के समय में भी वाहन की लाइटें जलानी पड़ी। घने कोहरे के बीच शहर का न्यूनतम तापमान तीसरे दिन भी 10 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस पर अटका रहा। वहीं, रेल यातायात भी कोहरे के चलते बुरी तरह से प्रभावित रहा। अप शताब्दी भी सात घंटे देरी से चली।
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इसके साथ ही अप पूर्वा एक्सप्रेस नौ, मगध एक्सप्रेस साढ़े 10, तूफान मेल सात, मरुधर साढे़ 10, ऊंचाहार 14, वैशाली 10, कालका मेल चार, मुरी एक्सप्रेस तीन, संगम 14, नार्थ ईस्ट तीन, महानंदा चार, जोधपुर हावड़ा दो व ओखा एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से चलीं। वहीं, डाउन ट्रैक पर नार्थ ईस्ट व महानंदा पांच घंटे, मुरी व तूफान तीन घंटे, कालका मेल दो घंटे, पूर्वा 14 घंटे, लखनऊ शताब्दी साढे़ तीन घंटे व जोधपुर हावड़ा सात घंटे की देरी से चली।