{"_id":"5765913c4f1c1b404c11b60d","slug":"no-group-ready-for-back-step","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोई भी पक्ष पीछे हटने को नहीं है तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोई भी पक्ष पीछे हटने को नहीं है तैयार
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
Updated Sat, 18 Jun 2016 11:51 PM IST
विज्ञापन
रामबाग मंदिर आश्रम में बातचीत करते संत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लुधियानी के रामबाग आश्रम स्थित श्री रामजानकी ठाकुर मंदिर में महंत पद के दावेदारों के बीच अंदर ही अंदर आग सुलग रही है। दोनों पक्ष किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं है। शुक्रवार को तमाम स्थानों से आए संतों ने समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। मंदिर परिसर में पीएसी तैनात है। शनिवार को ज्यादातर संत लौट गए।
विज्ञापन
सोमवार शाम को लुधियानी के कुछ लोग एवं संत सियाराम दास मंदिर आश्रम पर आरती में शामिल होने गए। वहां महंत व लुधियानी के लोगों के बीच महंत पद को लेकर आपसी सहमति पर बातचीत हुई। इसके बाद लुधियानी के पूर्व प्रधान प्रदीप तिवारी व अन्य ग्रामीण मंदिर आश्रम से चले आए। सियारामदास मंदिर पर रुक गए। कुछ देर बाद सियाराम दास को मंदिर आश्रम पर मौजूद लोगों ने बाहर कर दिया। सियाराम दास ने लुधियानी के लोगों को यह बताई तो आक्रोश फैल गया। इसी से विवाद बढ़ने लगा।
विज्ञापन
बताते हैं कि मंगलवार को लगने वाले लुधियानी के बाजार में मंदिर आश्रम पर रहने वाले संत रामजी दास मंदिर के संतों के भोजन के लिए सामान सब्जी आदि मांगने आए। वहां लुधियानी के लोगों ने उनको यह कह कर वापस कर दिया कि अब लुधियानी कुछ नहीं मिलेगा। लुधियानी से वस्तुएं मांग कर ले जाते हो और लुधियानी के लोगों को मंदिर में जाने नहीं देते। इस घटनाओं से महंत पद के विवाद को आपसी सहमति से सुलझने पर ग्रहण सा लग गया। जिसे आश्रम के आसपास के कुछ लोग हवा देने में जुट गए थे। इस बात को लेकर टीस दोनों पक्षों में है। मंदिर पर महंत के लिए अपनी दावेदारी करने वाले लुधियानी के सियाराम दास आश्रम पर भय के कारण नहीं जा रहे है। वहीं दूसरे दावेदार अवधेशानंद मंदिर परिसर में ही रह रहे हैं।
विज्ञापन