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बैंकों में नहीं पहुंचा धन, निराश लौटे सीनियर सिटीजन
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sat, 19 Nov 2016 11:51 PM IST
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स्टेट बैंक मेन ब्रांच के नोट एक्सचेंज काउंटर पर लगी बुजुर्गों की लाइन।
- फोटो : अमर उजाला
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नोट बंदी के 11 दिन बाद बैंकों के हालात शनिवार को कुछ सामान्य दिखे। स्टेट बैंक के एटीएम और अन्य तमाम बैंकों के जमा-निकासी काउंटरों पर कम भीड़ दिखी। स्टेट बैंक मेन ब्रांच में दोपहर तक बुजुर्गों की लाइन लगी रही। जबकि अन्य बैंकों में कैश न होने के कारण सीनियर सिटीजन को निराश लौटना पड़ा।
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शास्त्री चौराहा स्थित स्टेट बैंक मेन ब्रांच का अंदरूनी परिसर खाली रहा। यहां दोपहर करीब साढ़े 12 बजे के आसपास एक मात्र काउंटर पर दर्जन भर बुजुर्ग लाइन में दिखे। काउंटर कर्मी के अनुसार 100 बुजुर्गों ने नोट बदलवाए। दोपहर डेढ़ बजे तक इस काउंटर पर भी सन्नाटा छा गया।
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वहीं कचहरी रोड स्थित कई बैंकों में कैश न होने के कारण सीनियर सिटीजन को निराश लौटना पड़ा। यहां पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया के बाहर लोगों की कतारें नदारद रहीं। पीएनबी के अंदर जमा-निकासी काउंटर पर 15-20 लोग खड़े दिखे। यहां बैंकों में नगदी के अभाव में नोट एक्सचेंज की प्रक्रिया ठप रही। पीएनबी शाखा के मैनेजर राजेंद्र कुमार का कहना हे कि कैश ही उपलब्ध नहीं है।
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