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Etawah News: सवा करोड़ से बन रहा नाला, निकासी पर बीच में ही लगा ताला

Mon, 03 Apr 2023 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Mon, 03 Apr 2023 12:05 AM IST
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nala construction closed mid way
इटावा। जलनिकासी के लिए शहर के ऊसरा अड्डा से तुलसी नगर होते हुए अजीतनगर तक सवा करोड़ से बन रहा नाला सालभर बाद भी अधूरा पड़ा है। पालिका ने काम कुछ आगे बढ़ाया तो निर्माण के लिए चिह्नित रूट पर सवाल उठने लगे हैं। अब इसे इस तरह बनाया जा रहा है कि पानी की निकासी बीच में ही अवरुद्ध हो रही है। इ
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ससे आने वाले दिनों में जलभराव की समस्या बढ़ेगी। साथ ही एनएचएआई के खंभों को भी नुकसान हो सकता है। योजनाबद्ध ढंग से काम न होने से पालिका की गलती का खामियाजा शहर के आठ मोहल्लों की करीब 20 हजार की आबादी को उठाना पड़ रहा है।
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नगर पालिका की ओर से एक साल पहले 1200 मीटर लंबे नाले का निर्माण ऊसरा अड्डा से शुरू कराया गया था। यह नाला तुलसी नगर होते हुए अजीत नगर तक बनना था। माया हॉस्पिटल के पास निकले नाले से इसे जोड़े जाने की योजना थी। पालिका ने इस काम को छह हिस्सों में बांटकर छह ठेकेदारों को दिया। दो ठेकेदारों ने काम समय पर कर लिया जबकि तीसरे का काम कुछ अधूरा है। यानि करीब 600 मीटर नाला बन गया और इतना ही बनना बाकी है।
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करीब छह माह तक काम बंद रहने के बाद पालिका की ओर से सख्ती दिखाते हुए काम फिर से शुरू कराया गया। काम शुरू हुआ तो उम्मीद थी कि अजीत नगर तक काम जल्द पूरा करा दिया जाएगा, लेकिन ठेकेदार ने नाले की खोदाई आगे बढ़ाई और तुलसी नगर चौराहा के दूसरी तरफ स्थित ओवरब्रिज के पिलर पर इसे बंद कर दिया। यह देख क्षेत्र के लोग भी दंग रह गए।

उनका कहना है कि ऊसरा अड्डा की ओर से आने वाला पानी आगे कहां निकलेगा इसका इंतजाम तक नहीं किया गया। ओवरब्रिज के पास पानी का निकास बंद है और यह उफना कर फिर सड़क पर भरेगा। यही नहीं ओवरब्रिज के सटाकर नाले को बंद कर दिया गया है। पानी रिसने से इसके पिलर को भी खतरा हो सकता है।



मोहल्लों का पानी एनएचआई के नाले में जा रहा था
तुलसी नगर, ऊसर अड्डा, रिषीपुरम, टीचर्स काॅलोनी, बुद्ध विहार काॅलोनी, नारायण विहार काॅलोनी के करीब 20 हजार लोग छह माह से जलभराव की समस्या झेल रहे हैं। दरअसल इन मोहल्लों में स्थित घरों से निकलना वाला पानी अभी तक एनएचएआई के नाले में जा रहा था। कई सालों से लगातार यह नाला ही जलनिकासी का प्रमुख साधन था। पालिका की ओर से कभी इस ओर काम भी नहीं किया गया। इसका नतीजा यह रहा कि नाला उफना गया। नाले को साफ करने के लिए नगर पालिका ने एनएचएआई को पत्र भी लिखा लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। इधर, पालिका ने नाले का निर्माण शुरू कराया लेकिन काम बीच में रुक गया।



निर्माण के दौरान यह फंसा पेच

नगर पालिका की ओर से ऊसरा अड्डा से अजीत नगर तक नाला बनवाया जाना था लेकिन यह नाला एनएचएआई के ओवरब्रिज के नीचे से होकर गुजर रहा था। इस ओर तब ध्यान नहीं दिया गया और टेंडर जारी कर दिए गए। जब काम शुरू हुआ तो आधे काम में कोई दिक्कत नहीं आई। ओवरब्रिज के अंडरपास के नीचे खोदाई होनी थी, इसके लिए एनएचएआई की स्वीकृति जरूरी है। बताया जा रहा है कि एनएचएआई की ओर से स्वीकृति न मिल पाने के कारण अब नाले को ओवरब्रिज के पिलर तक ही बनाने का फैसला लिया गया है।



पालिका की लापरवाही का उठा रहे खामियाजा





ऊसरा अड्डा निवासी रवि जाटव ने बताया कि नाले की गुणवत्ता इतनी खराब है कि बनने के कुछ दिन बाद ही इसका एक हिस्सा टूट गया। पानी खाली प्लाटों और खेतों में भर गया था। समस्या अभी भी बनी हुई है।


तुलसी नगर निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि करीब एक साल से जलभराव की समस्या झेल रहे हैं। पालिका की ओर से नाले का काम तक पूरा नहीं कराया जा सका। अब बना भी रहे हैं तो बीच में ही निकास बंद कर रहे हैं। इससे परेशानी बढ़ेगी।



तुलसी नगर निवासी शिवा ने बताया कि जब नाले का पानी आगे जाएगा नहीं, तो जलभराव तय है। जब यह समस्या होनी है तो करोड़ों का नाला बनाने से क्या फायदा। सड़कों पर पानी भरने की समस्या तो जारी रहेगी।


ऊसरा अड्डा निवासी आशीष गौतम ने बताया कि एनएचएआई के नाले में अभी तक उन लोगों के घरों का पानी जाता था, जो अब उफना रहा है। करीब छह महीने से जलभराव के बीच से होकर निकल रहे हैं। पालिका की ओर से अभी तक राहत तक नहीं दी गई।




नाला निर्माण के काम में अगर खामी है तो इसकी जांच कराई जाएगी। नगर पालिका से इस बारे में पूछा जाएगा। कमियां दूर कराई जाएंगी।- विक्रम राघव, एसडीएम सदर।


नाला निर्माण के बारे में नगर पालिका की ओर से उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। यदि पिलर के पास नाला जोड़ा जा रहा है तो वह इसकी जांच कराएंगे।- संजय वर्मा, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, आगरा।
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