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Etawah News: चकबंदी प्रपत्रों में गड़बड़ी, 68 डिसमिल जमीन 40 रह गई
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लवेदी। क्षेत्र की ग्राम पंचायत नवादा खुर्द-कलां में चकबंदी एक्ट की धारा 23 के तहत वितरित प्रपत्रों में नामों व क्षेत्रफल में गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कई किसानों की जमीन आधी रह गई हैं। उन्होंने चकबंदी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की है।
नवादा खुर्द कला के ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें किसान शिवराम सिंह ने बताया कि प्रपत्र में उनके 20 वर्ष पूर्व मृत भाई सुदामा लाल का नाम दर्ज है, जबकि परिवार रजिस्टर में नाम कट चुका है। अब कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ेंगे। राजकुमार निवासी नवादा ने कहा कि उनकी पहले 68 डिसमिल जमीन थी, जो अब 40 डेसिमल रह गई जो गलत है।
हरवान निवासी धुबयाई ने शिकायत की कि उनकी 20 डिसमिल जमीन घटकर 13 रह गई और सात डिसमिल सराय जलाल की किसी महिला के नाम दर्ज हो गई। महेंद्र सिंह ने बताया कि उनके 35 बीघा (पांच नंबरों में) से तीन नंबर ही चढ़े, जिससे 15 बीघा का नुकसान हो रहा।
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एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों ने राजस्व विभाग पर मनमानी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चकबंदी का उद्देश्य अलग-अलग चकों को एकत्रित करना है, लेकिन यहां एक चक को चार में बांट दिया गया। किसानों ने मांग की कि प्रपत्रों का सही मूल्यांकन हो या चकबंदी निरस्त कर दोबारा कार्रवाई की जाए।
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नवादा खुर्द कला के ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें किसान शिवराम सिंह ने बताया कि प्रपत्र में उनके 20 वर्ष पूर्व मृत भाई सुदामा लाल का नाम दर्ज है, जबकि परिवार रजिस्टर में नाम कट चुका है। अब कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ेंगे। राजकुमार निवासी नवादा ने कहा कि उनकी पहले 68 डिसमिल जमीन थी, जो अब 40 डेसिमल रह गई जो गलत है।
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हरवान निवासी धुबयाई ने शिकायत की कि उनकी 20 डिसमिल जमीन घटकर 13 रह गई और सात डिसमिल सराय जलाल की किसी महिला के नाम दर्ज हो गई। महेंद्र सिंह ने बताया कि उनके 35 बीघा (पांच नंबरों में) से तीन नंबर ही चढ़े, जिससे 15 बीघा का नुकसान हो रहा।
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एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों ने राजस्व विभाग पर मनमानी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चकबंदी का उद्देश्य अलग-अलग चकों को एकत्रित करना है, लेकिन यहां एक चक को चार में बांट दिया गया। किसानों ने मांग की कि प्रपत्रों का सही मूल्यांकन हो या चकबंदी निरस्त कर दोबारा कार्रवाई की जाए।