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फिर चढ़ गया पारा, 43 डिग्री ने तपाया
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sat, 14 May 2016 12:30 AM IST
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भीषण गर्मी में बेल के शर्बत से सूखता गला तर करता बाइक सवार।
- फोटो : अमर उजाला
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शुक्रवार को एक बार फिर से सूर्यदेव के तेवर तल्ख हो गए और सुबह से ही गर्मी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। गर्मी ने किस तरह से एक बार फिर पलटवार किया है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार सुबह आठ बजे ही पारा 36 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। ऐसे में राहगीरों को सड़क किनारे बिक रहा बेल का शर्बत और गन्ने का रस ही राहत देता दिखाई दिया।
कुछ दिन पूर्व हुई बारिश के बाद जनपदवासियों ने गर्मी से राहत की सांस ली थी, लेकिन शुक्रवार से एक बार फिर से तापमान ऊपर चढ़ने लगा है। शुक्रवार को दोपहर पारा चढ़कर 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। चढ़ते पारे ने दोपहर लोगों को सड़क पर चलना दूभर कर दिया।
आलम यह था कि सड़क पर पैदल आने जाने वाले इधर- उधर पेड़ की छाया तलाश रहे थे। वहीं वाहन पर खुद को पूरी तरह से ढककर चल रहे लोग भी गर्मी से बेचेन दिखाई दिए और सूखते हलक को तर करने के लिए सड़क किनारे सजे गन्ने के रस व बेल के शर्बत के फड़ पर भीड़ लगाए रहे। इस भीषण गर्मी में भी कई स्कूलों के खुले होने से स्कूल आते जाते बच्चों का बुरा हाल रहा और वह रिक्शे और बसों में गर्मी से व्याकु ल दिखाई दिए।
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कुछ दिन पूर्व हुई बारिश के बाद जनपदवासियों ने गर्मी से राहत की सांस ली थी, लेकिन शुक्रवार से एक बार फिर से तापमान ऊपर चढ़ने लगा है। शुक्रवार को दोपहर पारा चढ़कर 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। चढ़ते पारे ने दोपहर लोगों को सड़क पर चलना दूभर कर दिया।
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आलम यह था कि सड़क पर पैदल आने जाने वाले इधर- उधर पेड़ की छाया तलाश रहे थे। वहीं वाहन पर खुद को पूरी तरह से ढककर चल रहे लोग भी गर्मी से बेचेन दिखाई दिए और सूखते हलक को तर करने के लिए सड़क किनारे सजे गन्ने के रस व बेल के शर्बत के फड़ पर भीड़ लगाए रहे। इस भीषण गर्मी में भी कई स्कूलों के खुले होने से स्कूल आते जाते बच्चों का बुरा हाल रहा और वह रिक्शे और बसों में गर्मी से व्याकु ल दिखाई दिए।
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