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स्कूल में सात दिन नहीं बना एमडीएम, बीईओ को पता नहीं

Tue, 26 Apr 2022 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2022 11:42 PM IST
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MDM was not made in school for seven days, BEO does not know
फोटो संख्या 06- प्रावि किल्ली सुल्तानपुर में मिड डे मील न मिलने की शिकायत करते अभिभावक - फोटो : ETAWAH
सैफई (इटावा)। किल्ली सुल्तानपुर गांव के प्राथमिक स्कूल के बच्चों को एक सप्ताह तक मिडडे मील (एमडीएम) नहीं दिया गया तो मंगलवार को अभिभावक स्कूल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। प्रधान ने उन्हें समझाकर शांत किया। प्रधानाध्यापक ने नियमित एमडीएम बनवाने का आश्वासन भी दिया है।
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बसरेहर ब्लाक की ग्राम पंचायत किल्ली सुल्तानपुर के प्राथमिक स्कूल में 73 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल में चार शिक्षकों की तैनाती है। मंगलवार को स्कूल में केवल 11 बच्चे ही मौजूद थे। दोपहर में महाराज सिंह, नीरज कुमार, आजाद खान, शिवम शर्मा समेत कई अभिभावक स्कूल पहुंच गए। इन लोगों का आरोप था कि एक सप्ताह से बच्चों को मिडडे मील नहीं दिया जा रहा इसकी शिकायत प्रधान से करने के बाद भी सुधार नहीं हुआ। अभिभावक काफी देर तक स्कूल में हंगामा करते रहे। ग्राम प्रधान सुमन देवी ने समझाकर उन्हें शांत कराया। प्रधान ने प्रधानाध्यापक दीक्षा भदौरिया से बात की। उन्होंने नियमित रूप से मीड डे मील बच्चों को देने का आश्वासन दिया।
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सभी खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन रोका
इटावा। मिड डे मील कन्वर्जन कास्ट, खाद्यान्न और फल वितरण की समय पर सूचना न देने पर बीएसए उमानाथ ने सभी नौ खंड शिक्षा अधिकारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारियों से अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक के उपभोग का ब्योरा विद्यालयवार मांगा गया था। ब्यौरा 25 अप्रैल तक देना था। बीएसए ने 28 अप्रैल तक हरहाल में उपभोग प्रमाणपत्र देने के निर्देश दिए हैं।
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94 दिनों तक दिया गया था खाद्यान्न
कन्वर्जन कास्ट, खाद्यान्न तथा फल वितरण के संबंध में जारी आदेश में यह भी कहा गया था कि वित्तीय वर्ष 2021 में कोरोना के कारण विद्यालय बंद होने की अवधि में प्राथमिक स्तर पर 94 दिन तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर 87 दिनों के लिए छात्र छात्राओं को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाना था। इसकी सूचना मांगी गई थी। निर्धारित तिथि के बाद भी सूचना नहीं दी गई।
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