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Etawah News: माता रानी आएंगी नाव पर सवार, करेंगी उद्धार
Mon, 20 Mar 2023 12:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Mon, 20 Mar 2023 12:22 AM IST
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इटावा/निवाड़ीकला। 22 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होगी। आचार्य विनोद कुमार दुबे ने बताया कि इस बार मां भगवती नाव पर सवार होकर आएंगी और हाथी पर सवार होकर जाएंगी। सच्चे मन से भक्ति करने वालों की मनोकामना मां पूरी करती हैं।
नवरात्र पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। मां दुर्गा को सुख और समृद्धि की देवी कहा जाता है। व्रत रखने और पूरी श्रद्धा से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने से भक्तों पर माता रानी प्रसन्न होती हैं।
भागवताचार्य राम जी पांडे ने बताया कि बुधवार से नवरात्र शुरू होंगे। इस बार माता रानी की विशेष कृपा सभी पर बरसने वाली है। पहले दिन निरोगी रहने के लिए मां भगवती को घी का भोग लगाएं। सभी विघ्न बाधाओं से छुटकारा पाने के लिए माता रानी को मीठे पुआ का भोग लगाएं। परिवार में शांति के लिए शहद का भोग लगाएं।
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कलश स्थापना का मुहूर्त
नवरात्र के पहले दिन सुबह 6:23 से 9:25 तक, दोपहर 10.57 से 12:28 तक व दोपहर 3:30 से शाम 6.33 बजे तक कलश स्थापना की जा सकती है। जानकार बताते हैं कि जब मां नाव पर आती हैं और हाथी से प्रस्थान करती हैं तो अच्छी बारिश होती है।
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नवरात्र पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। मां दुर्गा को सुख और समृद्धि की देवी कहा जाता है। व्रत रखने और पूरी श्रद्धा से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने से भक्तों पर माता रानी प्रसन्न होती हैं।
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भागवताचार्य राम जी पांडे ने बताया कि बुधवार से नवरात्र शुरू होंगे। इस बार माता रानी की विशेष कृपा सभी पर बरसने वाली है। पहले दिन निरोगी रहने के लिए मां भगवती को घी का भोग लगाएं। सभी विघ्न बाधाओं से छुटकारा पाने के लिए माता रानी को मीठे पुआ का भोग लगाएं। परिवार में शांति के लिए शहद का भोग लगाएं।
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कलश स्थापना का मुहूर्त
नवरात्र के पहले दिन सुबह 6:23 से 9:25 तक, दोपहर 10.57 से 12:28 तक व दोपहर 3:30 से शाम 6.33 बजे तक कलश स्थापना की जा सकती है। जानकार बताते हैं कि जब मां नाव पर आती हैं और हाथी से प्रस्थान करती हैं तो अच्छी बारिश होती है।