फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Many schools in urban areas rely on just a single teacher.

Etawah News: शहरी क्षेत्र के कई स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे

Wed, 27 May 2026 11:35 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 11:35 PM IST
विज्ञापन
Many schools in urban areas rely on just a single teacher.
फोटो 01::
विज्ञापन

नई नीति से जगी आस, शिक्षक भर्ती के बाद नगर क्षेत्र के विद्यालयों को 125 शिक्षक मिलने की उम्मीद
एकल और शिक्षामित्रों के भरोसे दम तोड़ रही नौनिहालों की पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। प्रदेश सरकार भले ही परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदलने और स्कूल चलो अभियान के जरिए दावों की ढपली बजा रही हो लेकिन इटावा नगर क्षेत्र के विद्यालयों की जमीनी हकीकत बेहद दयनीय है। आलम यह है कि छह विद्यालय पूरी तरह से एकल (एक शिक्षक के भरोसे) हैं, तो कहीं सिर्फ एक शिक्षामित्र के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जनपद में नगर क्षेत्र के अंतर्गत कुल 41 विद्यालय संचालित हैं। इसमें 23 प्राथमिक विद्यालय, पांच उच्च प्राथमिक विद्यालय और 13 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन स्कूलों में वर्तमान में लगभग 4500 बच्चे नामांकित हैं। विभागीय प्रयासों और स्कूल चलो अभियान के चलते आगामी सत्र में यह संख्या बढ़कर 5200 तक पहुंचने का अनुमान है। एक तरफ जहां छात्र संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, दूसरी तरफ शिक्षकों की कमी इस जनसांख्यिकीय लाभ को शिक्षा में बदलने में बड़ा रोड़ा बनी हुई थी।
विज्ञापन



नए शिक्षकों की तैनाती से मिलेगी सहूलियत

शासन की नई नीति के अनुसार नगर क्षेत्र को जल्द ही लगभग 125 नए शिक्षक मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे नगर क्षेत्र के सरकारी स्कूलों के लिए यह खबर किसी संजीवनी से कम नहीं है। नए शिक्षकों की इस तैनाती से न केवल पठन-पाठन का माहौल सुधरेगा, बल्कि परिषदीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन



शिक्षामित्रों के भरोसे चल रही व्यवस्था
नगर क्षेत्र के स्कूलों की अंदरूनी स्थिति बेहद चिंताजनक है। आंकड़ों के मुताबिक, नगर क्षेत्र के छह विद्यालय पूरी तरह से एकल हैं। यानी यहां सिर्फ एक ही शिक्षक के कंधे पर पूरे स्कूल के संचालन, मिड-डे मील और कागजी कार्रवाई के साथ-साथ सभी कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी है। इसके अलावा, कई प्रमुख और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के स्कूल ऐसे हैं जो नियमित शिक्षकों के बजाय पूरी तरह से शिक्षामित्रों या अटैचमेंट (संबद्धीकरण) व्यवस्था के भरोसे चल रहे हैं।



शिक्षक/शिक्षामित्र-कुल छात्र संख्या

1 सिविल लाइंस एक शिक्षामित्र-37
2 सुल्तानपुर कलां एक शिक्षामित्र-84
3 न्यू कॉलोनी एक शिक्षामित्र---50

4 कोकपुरा संबद्ध शिक्षक---- 75
5 कटरा शमशेर खां एक शिक्षक-35
6 कुनैरा एक शिक्षामित्र----- 120


स्टाफ का मौजूदा गणित

नगर क्षेत्र के सभी 41 स्कूलों का मौजूदा स्टाफ ढांचा बेहद कमजोर और असंतुलित है। आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल मानव संसाधन इस प्रकार है। नियमित शिक्षक मात्र 39 हैं जबकि शिक्षामित्र 26 और चार अनुदेशकों की तैनाती हैं। कुल मिलाकर 69 शिक्षकों के भरोसे नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा चल रही है। आरटीई के मानकों पर गौर करें तो 30 छात्रों पर एक शिक्षक का होना अनिवार्य है। ऐसे में 5200 बच्चों को पढ़ाने के लिए 173 शिक्षकों की आवश्यकता होगी। अगर जिले को 125 शिक्षक मिल जाते हैं तो वर्षों से नगर क्षेत्र में शिक्षकों की कमी दूर होगी और पढ़ाई व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।



वर्जन

यह सही है कि नगर क्षेत्र में शिक्षकों की कमी है लेकिन कम संसाधनों में भी पढ़ाई बाधित न हो इसका प्रयास किया जाता है। अगर नगर क्षेत्र में नए शिक्षकों की तैनाती होती है तो इससे स्थिति सुधर सकेगी। पढ़ाई को बेहतर करने के साथ ही अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त करने में सहूलियत मिलेगी।-जयपाल सिंह, बीईओ नगर क्षेत्र
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed